CG News: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में किसानों, सरकारी कर्मचारियों, बुनियादी ढांचे, पर्यटन और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े 19 फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने, किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने और 360 नए खरीदी केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा बिजली बिल में राहत की अवधि 31 मार्च 2027 तक बढ़ाने, सरकारी कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने तथा विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय प्रावधानों से जुड़े प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई गई।
किसानों और आम उपभोक्ताओं के लिए फैसले
कैबिनेट के निर्णयों के अनुसार, खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होगी। किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा जाएगा। खरीदी व्यवस्था को विस्तार देने के लिए 360 नए केंद्र खोले जाएंगे। सरकार ने बिजली बिल में राहत की अवधि भी 31 मार्च 2027 तक बढ़ाने का फैसला किया है। बैठक से संबंधित जानकारी में 200 यूनिट तक बिजली बिल में छूट का उल्लेख है, जबकि कैबिनेट फैसलों के विवरण में 400 यूनिट तक खपत वाले उपभोक्ताओं के लिए पात्रता अवधि बढ़ाने की बात भी कही गई है।
सड़क निर्माण से जुड़े फैसले में ठेकेदारों को 130.88 करोड़ रुपये की राहत देने का प्रस्ताव शामिल है। डामर की बढ़ी कीमतों से राहत देने के साथ अन्य सड़क निर्माण कार्यों के लिए भी सहायता देने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े नौ मामलों को अदालतों से वापस लेने की कार्रवाई को मंजूरी दी गई।
कर्मचारियों, परिवारों और सामाजिक योजनाओं पर जोर
सरकारी कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा देने का निर्णय लिया गया। दिवंगत डॉक्टरों के परिवारों के लिए भी सेवा अवधि को नियमित मानते हुए पारिवारिक पेंशन और बकाया भुगतान का प्रावधान किया गया। प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव करते हुए सुशासन विभाग में तीन नए पद और वन मुख्यालय में विशेष कार्यों के लिए एक साल का अस्थायी पद स्वीकृत करने का प्रस्ताव भी शामिल है।
कृषक उन्नति योजना में बदलाव करते हुए खरीफ-2026 के लिए सहायता राशि प्रति क्विंटल के बजाय प्रति एकड़ के हिसाब से देने का निर्णय लिया गया। खेलों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के तहत छह शहरों में प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना को मंजूरी दी गई। रायपुर जिले की नगर पंचायत का नाम बदलकर कुंकरागढ़ करने का प्रस्ताव भी स्वीकार किया गया।
विकास और निवेश से जुड़े बड़े प्रस्ताव
कैबिनेट ने अधोसंरचना मिशन के लिए 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए 500 करोड़ रुपये के प्रावधान को मंजूरी दी। पर्यटन सुविधाओं, होमस्टे और निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए भी 500 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया। इसके अतिरिक्त 295 किलोमीटर लंबी कटघोरा-तत्परपुर-मुंगेली-कवर्धा-खैरागढ़-डोंगरगढ़ रेल लाइन के लिए अनुमानित 8,000 करोड़ रुपये की लागत का प्रस्ताव रखा गया।
पांच सरकारी भवनों के पुनर्विकास, सोनमनी में 400 करोड़ रुपये की लागत से फल प्रसंस्करण केंद्र और एक हजार करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली परियोजनाओं में कोल गैसीफिकेशन को प्रोत्साहन देने संबंधी प्रस्ताव भी मंजूर किए गए। औद्योगिक जमीन के नियमों में बदलाव करते हुए आवंटन आसान बनाने, विवाद घटाने और ई-नीलामी में पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
इसके अलावा गोदाम निर्माण के लिए 10 एकड़ जमीन भारतीय खाद्य निगम को देने का प्रस्ताव मंजूर हुआ। कुल मिलाकर कैबिनेट के फैसलों में धान खरीदी, बिजली राहत, कर्मचारी कल्याण और बुनियादी ढांचे के विकास को प्रमुखता दी गई है।
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