CG Crime News: छत्तीसगढ़ में छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के दो मामले सामने आए हैं। कांकेर में कृषि कॉलेज की छात्रा को टेलीग्राम पर अश्लील वीडियो भेजने और प्रैक्टिकल में कम नंबर देने की धमकी देकर परेशान करने के आरोप में पुलिस ने एक प्रोफेसर को गिरफ्तार किया है। वहीं, महासमुंद जिले के अछोला गांव स्थित सरकारी हाईस्कूल में नौवीं कक्षा की छात्रा के साथ कथित छेड़छाड़ और अश्लील हरकत के मामले में प्रभारी प्राचार्य एवं व्याख्याता जीवनलाल देवांगन को निलंबित कर दिया गया है। दोनों मामलों में पुलिस और संबंधित विभागों की कार्रवाई की जानकारी सामने आई है।
कांकेर कृषि कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा ने मंगलवार को कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, कॉलेज में पदस्थ प्रोफेसर पीयूष कांत नेताम (49) ने 25 सितंबर को टेलीग्राम के माध्यम से उसे एक अश्लील वीडियो भेजा था। छात्रा ने वीडियो देखते ही उसे बंद कर दिया। उसने पुलिस को बताया कि आरोपी पहले भी उससे अश्लील बातें करता था। प्रोफेसर होने के कारण वह पहले उसकी हरकतों को नजरअंदाज करती रही।
छात्रा के अनुसार, आरोपी प्रैक्टिकल में कम नंबर देने की धमकी देकर भी उसे परेशान करता था। लगातार कथित अश्लील व्यवहार और धमकियों से परेशान होकर उसने पुलिस से शिकायत की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी कोंडागांव जिले का निवासी बताया गया है।
पुलिस ने आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75(2), 75(3) और 351(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67(ए) के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
दूसरा मामला महासमुंद जिले के ग्राम अछोला स्थित सरकारी हाईस्कूल का है। यहां नौवीं कक्षा की छात्रा ने प्रभारी प्राचार्य और व्याख्याता जीवनलाल देवांगन पर छेड़छाड़ तथा अश्लील हरकत करने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, 10 अक्टूबर को पितृ पक्ष के अंतिम दिन स्कूल में आधे दिन बाद छुट्टी हो गई थी और ज्यादातर विद्यार्थी घर जा चुके थे। इसी दौरान प्रभारी प्राचार्य ने स्टाफ को छुट्टी देकर छात्रा को अपने कार्यालय में बुलाया। आरोप है कि कार्यालय में उसके साथ कथित रूप से छेड़छाड़ और अश्लील हरकत की गई।
बताया गया कि घटना के समय स्कूल में अधिकांश कर्मचारी मौजूद नहीं थे। बाद में सफाई कर्मचारी कार्यालय में ताला लगाने पहुंचा तो उसने छात्रा को रोते हुए देखा। इसके बाद छात्रा घर पहुंची और मां को घटना की जानकारी दी। शिकायत के मुताबिक, कुछ समय बाद प्रभारी प्राचार्य भी छात्रा के घर पहुंचे और मामले को रफा-दफा करने की बात कही। इससे नाराज छात्रा की मां ने विरोध किया। विवाद बढ़ने पर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए।
मामले की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों ने डायल 112 को सूचना दी और आरोपी प्राचार्य को तुमगांव थाने ले जाया गया। प्राचार्य पर स्कूल परिसर में शराब पीने का आरोप भी लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, पुलिस ने उनका ब्रेथ एनालाइजर परीक्षण कराया था और जांच में नशे में होने की पुष्टि हुई थी। यह दावा शिकायतकर्ताओं की ओर से किया गया है।
पुलिस ने जीवनलाल देवांगन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 और 75(1) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 8 और 10 के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग ने उन्हें निलंबित कर दिया। लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ के आदेश के अनुसार, निलंबन 10 अक्टूबर 2026 से प्रभावी माना गया है। विभागीय जानकारी के मुताबिक, 48 घंटे से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत में रहने के कारण भी निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जीवनलाल देवांगन के खिलाफ वर्ष 2015-16 में भी छात्रा से छेड़छाड़ और अश्लील हरकत के आरोप में मामला दर्ज हुआ था। उस समय वे तुरेंगा स्कूल में पदस्थ थे। शिकायत के बाद तत्कालीन जिला पंचायत सीईओ ने उन्हें निलंबित किया था। बाद में अदालत से जमानत मिलने पर उनकी बहाली हुई और उन्हें अछोला हाईस्कूल में पदस्थ किया गया।
दोनों मामलों में संबंधित आरोपों की जांच जारी है। कांकेर में प्रोफेसर को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है, जबकि महासमुंद में प्रभारी प्राचार्य के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई के साथ विभागीय निलंबन भी किया गया है। आरोपों के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही तय होगा।
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