तीन साल पुराना मामला, लगातार जारी रही तलाश
पीड़िता की गुमशुदगी 3 नवंबर 2022 को दर्ज की गई थी। परिजनों के अनुसार, उस दिन वह घर पर अकेली थी और इसके बाद वह वापस नहीं लौटी। काफी खोजबीन के बाद भी कोई सुराग नहीं मिलने पर 8 नवंबर 2022 को थाना कोतरारोड़ में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
शुरुआत में पुलिस ने धारा 363 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी, लेकिन बाद में साक्ष्य और परिस्थितियों के आधार पर गंभीर धाराएं जोड़ी गईं।
सोशल मीडिया से मिला अहम सुराग
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और सोशल मीडिया अकाउंट्स की गहन जांच की। इसी दौरान राजस्थान निवासी एक युवक श्योजी राम की भूमिका सामने आई। पुलिस के अनुसार, दोनों की पहचान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी लगातार मोबाइल बंद कर स्थान बदलता रहा, जिससे शुरुआती चरण में उसकी गिरफ्तारी मुश्किल रही।
राजस्थान में दबिश, आरोपी गिरफ्तार
लगातार ट्रैकिंग और सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने राजस्थान के डिडवाना क्षेत्र में दबिश दी। यहां से आरोपी श्योजी राम (29 वर्ष) को हिरासत में लिया गया और उसके कब्जे से पीड़िता को सुरक्षित बरामद किया गया।
इसके बाद दोनों को रायगढ़ लाया गया, जहां आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की गई।
शादी का झांसा और गंभीर आरोप
पीड़िता के बयान के अनुसार, सोशल मीडिया पर बातचीत के दौरान आरोपी ने उसे शादी का झांसा दिया और अपने साथ राजस्थान ले गया। वहां उसने उसे किराए के मकान में रखा और उसके साथ दांपत्य संबंध बनाए।
पुलिस जांच और पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और POCSO एक्ट के तहत धाराएं जोड़ी गईं।
आरोपी न्यायिक हिरासत में
सभी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
पुलिस का बयान
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में विशेष टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने कहा कि महिला एवं बाल संबंधी अपराधों में तेजी से कार्रवाई और पीड़ित की सुरक्षित बरामदगी प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v




