CG News: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस के पद पर जल्द बदलाव होने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने ओडिशा हाईकोर्ट के जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का अगला चीफ जस्टिस नियुक्त करने की सिफारिश की है। यह सिफारिश मौजूदा चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा के 4 सितंबर 2026 को सेवानिवृत्त होने के बाद की नियुक्ति के लिए की गई है। वहीं, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस संजय के. अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की अनुशंसा की गई है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के 31 अगस्त के प्रस्ताव में जस्टिस अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट ट्रांसफर करने की भी सिफारिश की गई है।
4 सितंबर को रिटायर होंगे रमेश सिन्हा
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मौजूदा चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा 4 सितंबर को सेवानिवृत्त होंगे। उनके रिटायरमेंट के बाद जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा के चीफ जस्टिस की जिम्मेदारी संभालने का रास्ता साफ होगा। हालांकि, कॉलेजियम की सिफारिश के बाद नियुक्ति की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होना बाकी है।
जस्टिस सिन्हा ने 29 मार्च 2023 को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ली थी। उनके कार्यकाल में लंबित मामलों के निपटारे और न्यायिक प्रशासन से जुड़े कई मुद्दों पर हाईकोर्ट में काम हुआ।
ओडिशा हाईकोर्ट से आएंगे मोहपात्रा
जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा फिलहाल ओडिशा हाईकोर्ट के जज हैं। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 6 अगस्त 2026 की बैठक में उन्हें छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का अगला चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की थी। कॉलेजियम के प्रस्ताव में यह नियुक्ति जस्टिस रमेश सिन्हा की 4 सितंबर को होने वाली सेवानिवृत्ति के बाद की व्यवस्था के तौर पर की गई है।
जस्टिस मोहपात्रा ने 17 अप्रैल 2015 को ओडिशा हाईकोर्ट के जज के रूप में शपथ ली थी। इससे पहले उन्होंने ओडिशा सरकार और ओडिशा लोक सेवा आयोग के लिए अतिरिक्त स्थायी वकील के तौर पर काम किया था। वे विभिन्न सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों से जुड़े मामलों में भी पैरवी कर चुके हैं।
संजय अग्रवाल अब राजस्थान जाएंगे
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस संजय के. अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की गई है। कॉलेजियम ने उन्हें राजस्थान हाईकोर्ट ट्रांसफर करने और वहां चीफ जस्टिस नियुक्त करने की अनुशंसा की है।
जस्टिस संजय के. अग्रवाल का न्यायिक और कानूनी अनुभव लंबा रहा है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, उन्होंने 1989 में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया था और सिविल व संवैधानिक मामलों में प्रैक्टिस की। वे छत्तीसगढ़ के एडवोकेट जनरल भी रह चुके हैं। सितंबर 2013 में उन्हें हाईकोर्ट का अतिरिक्त जज बनाया गया और मार्च 2016 में वे स्थायी जज बने।
तीन हाईकोर्ट के लिए भी सिफारिश
कॉलेजियम ने जस्टिस संजय के. अग्रवाल के अलावा दो अन्य जजों को भी अलग-अलग हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की है। गुजरात हाईकोर्ट के जस्टिस अल्पेश यशवंत कोग्जे को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट और राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की अनुशंसा की गई है।
इस तरह कॉलेजियम की हालिया सिफारिशों में छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्यप्रदेश और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के नेतृत्व में बदलाव प्रस्तावित किया गया है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में जजों की संख्या भी अहम
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में जजों की संख्या लंबे समय से स्वीकृत पदों की तुलना में कम रही है। अगस्त में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, 22 स्वीकृत पदों के मुकाबले हाईकोर्ट में 13 जज कार्यरत थे, जिनमें चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा भी शामिल थे। कुछ जजों के रिटायरमेंट के बाद संख्या में और बदलाव हुआ है।
कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के लिए तीन नए जजों की नियुक्ति की सिफारिश भी की है। इन नियुक्तियों के बाद हाईकोर्ट की न्यायिक क्षमता में बदलाव देखने को मिलेगा।
मोहपात्रा के आने से बदलेगा नेतृत्व
कॉलेजियम की सिफारिश मंजूर होने के बाद जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस होंगे। वहीं, जस्टिस संजय के. अग्रवाल राजस्थान हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी संभालेंगे। दोनों बदलाव मौजूदा जजों के स्थानांतरण और सेवानिवृत्ति के बाद हाईकोर्ट के प्रशासनिक नेतृत्व में महत्वपूर्ण परिवर्तन होंगे। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v




