Youth Congress Election: युवा कांग्रेस चुनाव में वोटिंग शुरू होते ही बदला समीकरण, अटल के करीबी विकास सिंह देवेंद्र यादव के साथ आए; बघेल खेमे को झटका

Youth Congress Election: बिलासपुर में युवा कांग्रेस के संगठन चुनाव में वोटिंग शुरू होते ही कांग्रेस की अंदरूनी सियासत में नया मोड़ सामने आया है। विधायक अटल श्रीवास्तव के करीबी माने जाने वाले विकास सिंह अब देवेंद्र यादव खेमे के साथ आ गए हैं। सोमवार को हुई देवेंद्र समर्थकों की बैठक में हरीश कलशा ने विकास सिंह को समर्थन देने का ऐलान किया। इसके साथ ही कलशा को उपाध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा भी सामने आई है। इस बदलाव के बाद युवा कांग्रेस चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव खेमों के बीच मुकाबला और ज्यादा दिलचस्प हो गया है।

विकास सिंह के पाला बदलने से बदला खेल

युवा कांग्रेस चुनाव से पहले विकास सिंह और सोहेल खलिक को बघेल खेमे के करीब माना जा रहा था। संगठन के प्रमुख पद के लिए दोनों में से किसी एक को आगे करने को लेकर कांग्रेस के भीतर मंथन चल रहा था।

बताया जा रहा था कि विधायक अटल श्रीवास्तव ने विकास सिंह के नाम पर सहमति जताई थी। दूसरी ओर पूर्व विधायक शैलेष पांडेय सोहेल खलिक को उम्मीदवार बनाने के पक्ष में थे। सोहेल के समर्थन में मुस्लिम प्रतिनिधित्व का समीकरण भी पार्टी के भीतर चर्चा में था।

ऐसे में विकास सिंह का ऐन वक्त पर देवेंद्र यादव खेमे के साथ आना चुनावी रणनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

बैठक में हरीश कलशा ने किया समर्थन

सोमवार को देवेंद्र यादव समर्थकों की बैठक में युवा कांग्रेस चुनाव को लेकर रणनीति पर चर्चा हुई। इसी दौरान हरीश कलशा ने विकास सिंह के समर्थन का ऐलान किया।

बताया जा रहा है कि विकास सिंह को समर्थन देने के बदले हरीश कलशा को उपाध्यक्ष बनाए जाने पर सहमति बनी है। हालांकि, चुनावी प्रक्रिया पूरी होने और आधिकारिक नतीजे आने के बाद ही पदों को लेकर अंतिम तस्वीर साफ होगी।

वोटिंग शुरू होने के बाद हुए इस घटनाक्रम ने दोनों खेमों की चुनावी रणनीति को प्रभावित किया है।

अटल के समर्थन से विकास की थी तैयारी

चुनाव की शुरुआत से पहले विकास सिंह को विधायक अटल श्रीवास्तव के समर्थन वाले प्रमुख दावेदार के रूप में देखा जा रहा था। अटल श्रीवास्तव बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और युवा कांग्रेस के चुनाव में उनके समर्थकों की भूमिका अहम मानी जा रही थी।

वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के समर्थक नेताओं का भी संगठन चुनाव में प्रभाव माना जा रहा है। ऐसे में विकास का देवेंद्र यादव के साथ जाना बघेल खेमे के लिए नुकसान के तौर पर देखा जा रहा है।

विधानसभा अध्यक्ष पद पर नहीं बनी बात

विकास सिंह को लेकर दो दिन पहले भी चुनावी स्तर पर एक अलग रणनीति बनाने की कोशिश हुई थी। बताया जा रहा है कि उन्हें विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए चुनाव मैदान में उतारने पर सहमति बनाने की कोशिश की गई थी।

लेकिन चुनावी प्रक्रिया शुरू होने और समय कम होने के कारण यह रणनीति आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद घटनाक्रम तेजी से बदला और विकास सिंह देवेंद्र यादव खेमे के साथ आ गए।

ग्रामीण अध्यक्ष पद पर भी सीधा मुकाबला

युवा कांग्रेस के ग्रामीण अध्यक्ष पद पर तखतपुर विधानसभा अध्यक्ष अनिल कौशिक और बेलतरा विधानसभा अध्यक्ष अजय यादव के बीच मुकाबला है।

अनिल कौशिक को बघेल खेमे का समर्थक माना जा रहा है। वे तखतपुर विधानसभा अध्यक्ष होने के साथ दिग्गज पंचायत के दो बार सरपंच भी रह चुके हैं। कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव सहित कई नेताओं का समर्थन उनके साथ बताया जा रहा है।

तखतपुर, कोटा और मस्तूरी क्षेत्र में संगठन के कार्यकर्ताओं के बीच उनकी पकड़ बताई जाती है।

दूसरी ओर अजय यादव को देवेंद्र यादव खेमे का उम्मीदवार माना जा रहा है। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के साथ शहर से जुड़े ग्रामीण इलाकों में युवाओं के बीच उनका नेटवर्क बताया जाता है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा का समर्थन भी अजय यादव के साथ होने की चर्चा है।

सिद्धांशु मिश्रा की भूमिका पर चर्चा

विकास सिंह के देवेंद्र खेमे के साथ आने के घटनाक्रम में शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बताया जा रहा है कि उन्होंने अंतिम समय में विकास सिंह को अपने पक्ष में लाने में भूमिका निभाई। विकास को पहले अटल श्रीवास्तव और बघेल खेमे के करीब माना जाता था। ऐसे में उनका देवेंद्र यादव खेमे के साथ आना चुनावी समीकरण में बड़ा बदलाव है।

सिद्धांशु मिश्रा को देवेंद्र यादव के करीबी नेताओं में माना जाता है। युवा कांग्रेस चुनाव में उनकी सक्रियता के चलते अंतिम समय में बने इस समीकरण पर कांग्रेस के भीतर चर्चा तेज है।

प्रदेश महासचिव पद पर भी मुकाबला

प्रदेश महासचिव पद के लिए अर्पित केशरवानी, लकी मिश्रा, प्रवीण सिंह और युवराज तिवारी समेत कई दावेदार मैदान में हैं।

इनमें युवराज तिवारी को बघेल खेमे और लकी मिश्रा को देवेंद्र यादव खेमे का समर्थक माना जा रहा है। इसी तरह शहर जिलाध्यक्ष पद के लिए सोहेल खलिक प्रमुख दावेदार बताए जा रहे हैं। उन्हें पूर्व विधायक शैलेष पांडेय का समर्थन मिलने की चर्चा है।

शहर अध्यक्ष पद की दौड़ में तरुण यादव समेत अन्य दावेदार भी शामिल हैं।

ऑनलाइन वोटिंग के बाद बढ़ी हलचल

युवा कांग्रेस चुनाव में रविवार से ऑनलाइन वोटिंग शुरू हो चुकी है। वोटिंग शुरू होने के बाद दावेदार अपने-अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से संपर्क कर रहे हैं।

ऐसे समय में विकास सिंह का देवेंद्र यादव खेमे के साथ आना बिलासपुर के संगठन चुनाव का अहम घटनाक्रम बन गया है। अब चुनावी नतीजों से यह साफ होगा कि बदले हुए समीकरण का किस खेमे को कितना फायदा मिलता है।