Raipur Crime News: रायपुर में कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद 221 दिनों में पुलिस की सीमा में 19 हत्या के मामले सामने आए हैं। इनमें अगस्त सबसे ज्यादा संवेदनशील रहा, जब अकेले 10 लोगों की हत्या हुई। इन वारदातों की पड़ताल में सामने आया कि कई मामलों की शुरुआत बेहद मामूली विवाद से हुई, लेकिन देखते ही देखते मामला चाकूबाजी, गोलीबारी, पत्थर से हमला या गला घोंटने तक पहुंच गया। पुलिस ने अधिकांश मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन लगातार सामने आती हत्याओं ने राजधानी की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
कमिश्नरेट लागू होने के छह दिन बाद हत्या
रायपुर में कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के कुछ ही दिनों बाद पहली हत्या का मामला सामने आया। 29 जनवरी को आजाद चौक थाना क्षेत्र के समता कॉलोनी में दुर्गेश ध्रुव की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी।
बताया गया कि वारदात के पीछे मामूली विवाद था। घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया। मामले को लेकर अवैध कारोबार से जुड़े होने की चर्चाएं भी सामने आई थीं।
कमिश्नरेट व्यवस्था के शुरुआती दौर में ही हत्या की यह घटना पुलिस के लिए चुनौती बनकर सामने आई।
मार्च में उधार के पैसे पर हत्या
28 मार्च को टिकरापारा थाना क्षेत्र में 50 हजार रुपए के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ। विवाद बढ़ने के बाद अजय अग्रवाल की चाकू मारकर हत्या कर दी गई।
मामले में खास बात यह रही कि शुरुआत पैसों के विवाद से हुई, लेकिन मामूली कहासुनी के बाद मामला हिंसक हो गया। इस घटना ने शहर में बढ़ती चाकूबाजी को लेकर भी चिंता बढ़ाई।
अप्रैल में दो अलग घटनाएं
अप्रैल में भी हत्या के मामले सामने आए। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के जोगीनगर में 19 वर्षीय युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई।
इसी दौरान कोतवाली थाना क्षेत्र में पारिवारिक विवाद के बाद पार्वती साहू की गला घोंटकर हत्या का मामला सामने आया। दोनों घटनाओं में विवाद ने गंभीर रूप ले लिया और जान चली गई।
मई में एक घटना, दो हत्याएं
5 मई की रात पंडरी थाना क्षेत्र के मोवा में एक ही घटना में दो लोगों की जान चली गई। जितेंद्र वर्मा का अपनी पत्नी से विवाद हुआ था। इसी दौरान उसने अपनी दो सालियों गीतांजलि और दुर्गेश्वरी पर गोली चला दी।
गोली लगने से गीतांजलि की मौके पर मौत हो गई, जबकि दुर्गेश्वरी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस घटना में हत्या के दो मामले दर्ज किए।
एक ही वारदात में दो मौतों के बाद यह मामला राजधानी में काफी चर्चा में रहा।
जून-जुलाई में तीन हत्याएं
21-22 जून की रात खमतराई थाना क्षेत्र की WRS कॉलोनी मैदान में एक युवक की पत्थर से हमला कर हत्या कर दी गई। घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर एक आरोपी और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया।
इसके बाद 1 जुलाई को मुजगहन क्षेत्र में भारती नेताम की गला दबाकर हत्या का मामला सामने आया। 5 जुलाई को खमतराई के WRS इलाके में नंदनी जैन की हत्या की गई।
दोनों मामलों में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया।
अगस्त में अचानक बढ़ीं हत्याएं
221 दिनों के आंकड़ों में अगस्त सबसे ज्यादा हत्या वाला महीना रहा। महीने की शुरुआत में ही हत्या की कई घटनाएं सामने आईं। 8 अगस्त तक एक सप्ताह के भीतर 5 हत्या के मामले दर्ज होने की बात सामने आई।
इनमें खमतराई थाना क्षेत्र में दो, मुजगहन में एक, सरस्वती नगर में एक और आमानाका में एक हत्या का मामला शामिल था।
लगातार सामने आई इन घटनाओं के बाद राजधानी में अपराध को लेकर चर्चा तेज हो गई।
होटल से लेकर सड़क तक वारदात
14 अगस्त को गंज थाना क्षेत्र के एक होटल में युवती की हत्या का मामला सामने आया। इसके अगले ही दिन 15 अगस्त को आमानाका क्षेत्र में परमप्रीत सिंह की कार से कुचलकर हत्या कर दी गई।
इसके बाद 18 अगस्त को गुढ़ियारी थाना क्षेत्र में प्रीतम साहू की हत्या का मामला सामने आया। अलग-अलग घटनाओं में हत्या के तरीके और विवाद के कारण अलग रहे, लेकिन अगस्त में घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ती गई।
24 अगस्त को एक रात में दो हत्याएं
24 अगस्त की रात डीडी नगर थाना क्षेत्र में अलग-अलग घटनाओं में दो युवकों की हत्या कर दी गई। एक ही रात में दो हत्या के मामले सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई और शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे।
इस घटना के साथ अगस्त में हत्या के मामलों की संख्या 10 तक पहुंच गई।
विवाद छोटे, अंजाम बेहद गंभीर
इन 19 हत्याओं के मामलों में कई घटनाओं की शुरुआत ऐसे विवादों से हुई, जिन्हें सामान्य तौर पर छोटी कहासुनी माना जा सकता है। कहीं उधार के पैसे को लेकर विवाद हुआ, कहीं दूसरे युवक के साथ घूमने को लेकर झगड़ा हुआ।
कुछ मामलों में महिला मित्र से विवाद, शादी के लिए दबाव और निजी बातें किसी दूसरे व्यक्ति को बताए जाने जैसी वजहें भी सामने आईं। विवाद बढ़ने के बाद आरोपियों ने चाकू, पत्थर, गोली या गला घोंटने जैसे तरीकों का इस्तेमाल किया।
पुलिस ने कई मामलों में की गिरफ्तारी
हत्या की घटनाओं के बाद पुलिस ने कई मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कुछ मामलों में वारदात के कुछ घंटों या एक-दो दिनों के भीतर ही पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई।
खमतराई के WRS कॉलोनी मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर आरोपी और नाबालिग को गिरफ्तार किया था। अन्य मामलों में भी पुलिस ने CCTV फुटेज, पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की।
अगस्त में 10 हत्याओं के बाद अब रायपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में अपराध की स्थिति को लेकर पुलिस की कार्रवाई और रोकथाम की रणनीति पर विशेष नजर बनी हुई है।
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