Raigarh News: बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधारने कलेक्टर ने मांगी विशेष कार्ययोजना, फिजिक्स-केमिस्ट्री सहित प्रमुख विषयों में शिक्षकों की उपलब्धता पर जोर

Raigarh News: जिले में शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम में सुधार के लिए कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिला कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने बोर्ड परीक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विद्यार्थियों की विषयवार तैयारी, शैक्षणिक सहयोग और बेहतर अध्ययन वातावरण को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बोर्ड परीक्षा परिणाम में सुधार के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर उसे समयबद्ध तरीके से लागू करने को कहा। कलेक्टर ने समीक्षा बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि कक्षा 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षा परिणाम को बेहतर बनाने के लिए अभी से योजनाबद्ध तरीके से तैयारी शुरू की जाए। विद्यार्थियों को प्रत्येक विषय के अनुसार आवश्यक शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराने के साथ उनकी नियमित पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों की तैयारी की समीक्षा करने और जहां आवश्यकता हो वहां विशेष शिक्षण व्यवस्था करने के निर्देश दिए। बोर्ड परीक्षा परिणाम को प्रभावित करने वाले प्रमुख विषयों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी बैठक में दिए गए। कलेक्टर ने फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथमेटिक्स विषयों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों में इन विषयों के शिक्षकों की कमी है, वहां आवश्यकता के अनुसार विशेष शिक्षण और कोचिंग की व्यवस्था की जाए, ताकि शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। कलेक्टर ने खनन प्रभावित और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में शिक्षित युवाओं को निर्धारित मानदेय पर विषयवार अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए। आवश्यकता वाले विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभाग को विशेष रूप से काम करने को कहा गया। बोर्ड परीक्षा की तैयारी को बेहतर बनाने के लिए विद्यार्थियों को मॉडल उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को अभी से उत्तर लिखने का नियमित अभ्यास कराया जाए। मॉडल उत्तर पुस्तिकाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को परीक्षा में उत्तर लिखने की प्रक्रिया का अभ्यास कराया जा सकता है। इसके लिए विद्यालय स्तर पर नियमित अभ्यास कराने पर जोर दिया गया। समीक्षा बैठक में पिछले वर्ष बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और शिक्षकों के अनुभवों का लाभ अन्य विद्यालयों को देने के लिए संवाद कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि जिन विद्यार्थियों और शिक्षकों ने पिछले वर्ष बेहतर प्रदर्शन किया है, उनके अनुभव अन्य विद्यालयों और विद्यार्थियों के साथ साझा कराए जाएं। इसके लिए संवाद कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही गई, ताकि बेहतर प्रदर्शन से जुड़े अनुभवों को अन्य विद्यार्थियों और शिक्षकों तक पहुंचाया जा सके। कलेक्टर ने विद्यालयों में शिक्षकों, विद्यार्थियों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालयों में उपस्थिति व्यवस्था की निगरानी पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षक और विद्यार्थी नियमित रूप से विद्यालय आएं तथा गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाए। शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए नियमित उपस्थिति को महत्वपूर्ण बिंदु के रूप में रखा गया। बैठक में विद्यालयों के निर्माण और मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण एवं मरम्मत कार्यों का स्थल निरीक्षण करने और गुणवत्ता की निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। विद्यालय भवनों से जुड़े कार्यों की स्थिति की समीक्षा करते हुए आवश्यकतानुसार स्थल निरीक्षण और कार्यों की गुणवत्ता पर नजर रखने के निर्देश दिए गए। ड्रॉपआउट बच्चों की स्थिति की भी बैठक में समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्कूल से बाहर हो चुके बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने ड्रॉपआउट बच्चों की संख्या को न्यूनतम करने के लिए विद्यालय और शिक्षा विभाग के स्तर पर आवश्यक प्रयास करने को कहा। स्कूल से बाहर हो चुके बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः शिक्षा से जोड़ने की दिशा में काम करने के निर्देश दिए गए। बालिकाओं के लिए विद्यालयों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी कलेक्टर ने जोर दिया। उन्होंने बालिकाओं के लिए शौचालय सहित जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विद्यालयों में आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर भी समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया। बारिश के दौरान आवागमन प्रभावित होने वाले गांवों को भी समीक्षा के दायरे में रखा गया। कलेक्टर ने ऐसे गांवों को चिन्हांकित करने के निर्देश दिए जहां वर्षा के समय विद्यार्थियों और शिक्षकों के आवागमन में परेशानी होती है। उन्होंने इन क्षेत्रों में आवश्यक अधोसंरचना विकास के लिए योजना तैयार करने को कहा, ताकि बारिश के दौरान भी शिक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो। विद्यालयों में उपलब्ध स्मार्ट क्लास के बेहतर उपयोग को लेकर भी कलेक्टर ने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लास का नियमित और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। तकनीक आधारित शिक्षण के माध्यम से कठिन विषयों को विद्यार्थियों के लिए सरल तरीके से समझाने पर जोर दिया गया। विद्यालयों में उपलब्ध स्मार्ट क्लास केवल स्थापित रहने के बजाय पढ़ाई में नियमित रूप से उपयोग हो, इसके लिए अधिकारियों को निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। बैठक में खराब परीक्षा परिणाम वाले विद्यालयों और विषयों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कमजोर परीक्षा परिणाम वाले विद्यालयों की स्थिति का विश्लेषण करने और आवश्यक सुधार के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा। संस्था प्रमुखों की जवाबदेही को लेकर भी चर्चा की गई। विद्यालय स्तर पर परिणाम सुधारने के लिए संस्था प्रमुखों की भूमिका और जिम्मेदारी पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए। विद्यालय भवनों की स्थिति से जुड़े विषयों पर भी बैठक में चर्चा हुई। भवनविहीन और जर्जर विद्यालयों की स्थिति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही विद्युतविहीन स्कूलों की जानकारी और वहां आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के संबंध में भी चर्चा की गई। विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता को शिक्षा व्यवस्था के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में रखा गया। बैठक में मध्यान्ह भोजन योजना और समग्र शिक्षा से जुड़े विषयों की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। ऐसे बच्चों की शिक्षा को सुगम बनाने के लिए आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। राष्ट्रीय साधन-सह-प्रावीण्य परीक्षा में जिले के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के संबंध में भी बैठक में चर्चा की गई। कलेक्टर ने इस परीक्षा में जिले के प्रदर्शन में सुधार के लिए आवश्यक तैयारी और शैक्षणिक सहयोग पर ध्यान देने को कहा। विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। समीक्षा बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने विभिन्न विषयों से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की। कलेक्टर ने विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए आवश्यक बिंदुओं पर निर्देश जारी किए। बोर्ड परीक्षा परिणाम में सुधार के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने के साथ उसे समयबद्ध तरीके से लागू करने पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों को विषयवार तैयारी के साथ बेहतर अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए। शिक्षकों की उपलब्धता, नियमित उपस्थिति, मॉडल उत्तर पुस्तिकाओं से अभ्यास, विशेष शिक्षण और कोचिंग जैसी व्यवस्थाओं पर ध्यान देकर बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। खनन प्रभावित और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में विषयवार अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था के निर्देश को भी बैठक में महत्वपूर्ण रूप से रखा गया। निर्धारित मानदेय पर शिक्षित युवाओं को अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्त करने की प्रक्रिया के माध्यम से शिक्षकों की कमी वाले क्षेत्रों में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न होने देने की बात कही गई। बैठक में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई अन्य विषयों की भी समीक्षा की गई। इनमें खराब परीक्षा परिणाम वाले विद्यालय और विषय, संस्था प्रमुखों की जवाबदेही, ड्रॉपआउट बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना, बालिकाओं के लिए शौचालय सहित आवश्यक सुविधाएं, बारिश से प्रभावित गांवों के लिए अधोसंरचना विकास, भवनविहीन एवं जर्जर विद्यालय, विद्युतविहीन स्कूल, मध्यान्ह भोजन, समग्र शिक्षा, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की सुविधाएं और राष्ट्रीय साधन-सह-प्रावीण्य परीक्षा में जिले के प्रदर्शन को बेहतर बनाना शामिल रहा। समीक्षा बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत बबन पठारे, जिला शिक्षा अधिकारी श्यामानंद साहू, जिला मिशन समन्वयक आलोक स्वर्णकार सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में जिले की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा करते हुए बोर्ड परीक्षा परिणाम में सुधार, विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई, शिक्षकों की उपलब्धता और विद्यालयों की मूलभूत व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने शिक्षा विभाग को बोर्ड परीक्षा की तैयारी को प्राथमिकता देते हुए विशेष कार्ययोजना बनाने और निर्धारित समय-सीमा में उसके अनुसार कार्य करने को कहा। फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथमेटिक्स जैसे विषयों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, आवश्यकता वाले विद्यालयों में विशेष शिक्षण और कोचिंग की व्यवस्था करने तथा विद्यार्थियों को मॉडल उत्तर पुस्तिकाओं के माध्यम से नियमित उत्तर लेखन का अभ्यास कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही ड्रॉपआउट बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने, स्मार्ट क्लास का प्रभावी उपयोग करने और कमजोर विद्यालयों की समीक्षा के जरिए शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v