CG News: घरघोड़ा क्षेत्र स्थित जामपाली एसईसीएल कोयला खदान के बाहर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रकों की बेतरतीब कतारों से उत्पन्न यातायात समस्या अब गंभीर रूप लेती दिखाई दे रही है। खदान के बाहर आए दिन लगने वाले जाम के कारण आम वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति उस समय और चर्चा में आ गई जब बीते शनिवार को इसी मार्ग से गुजर रहे रायगढ़ पुलिस अधीक्षक का काफिला भी जाम में फंस गया। एसपी के काफिले के जाम में फंसने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और यातायात में बाधा डालने वाले छह ट्रकों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
बताया गया है कि जामपाली एसईसीएल कोयला खदान के बाहर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रकों की लंबी और बेतरतीब कतारें लगती हैं। इन कतारों के कारण मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है। खदान में कोयला परिवहन के लिए आने वाले ट्रकों की संख्या और उनके प्रवेश की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार खदान में सामान्य वाहनों की एंट्री के अलावा सतीश चौबे से जुड़ी यूनियन द्वारा कथित तौर पर एक अलग लाइन संचालित की जा रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि खदान के बाहर संचालित कथित अलग लाइन के कारण वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित नहीं रह पा रही है और इसका असर राष्ट्रीय राजमार्ग के यातायात पर पड़ रहा है। लोगों के अनुसार सामान्य वाहनों के लिए चलने वाली व्यवस्था के साथ एक अन्य लाइन होने से खदान के बाहर ट्रकों की कतारें और अव्यवस्था की स्थिति बनती है। हालांकि अलग लाइन और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में प्रशासनिक स्तर पर नहीं की गई है।
जाम की समस्या को लेकर उस समय स्थिति गंभीर हो गई जब शनिवार को रायगढ़ पुलिस अधीक्षक का काफिला इसी मार्ग से गुजरते हुए जाम में फंस गया। पुलिस अधीक्षक के काफिले के जाम में फंसने के बाद प्रशासनिक स्तर पर यातायात व्यवस्था को लेकर कार्रवाई शुरू की गई। इसके बाद खदान प्रबंधन और घरघोड़ा पुलिस की ओर से यातायात में बाधा डालने वाले वाहनों पर कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार जामपाली खदान प्रबंधन ने यातायात व्यवस्था में बाधा डालने वाले छह ट्रकों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इसके साथ ही घरघोड़ा पुलिस ने इन सभी छह ट्रकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की धारा 285 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद खदान के बाहर यातायात व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
बीएनएस की धारा 285 के तहत की गई कार्रवाई के बाद अब खदान के बाहर ट्रकों की पार्किंग और कतार व्यवस्था पर भी ध्यान केंद्रित हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की बेतरतीब कतार के कारण यातायात बाधित होने की स्थिति को लेकर पुलिस ने संबंधित वाहनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। वहीं खदान प्रबंधन द्वारा छह वाहनों को ब्लैकलिस्ट किया गया है।
जामपाली खदान की प्रवेश व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अन्य कोयला खदानों में वाहनों के प्रवेश के लिए एकल लाइन व्यवस्था होने की बात कही जा रही है, जबकि जामपाली खदान में दो अलग-अलग लाइनें संचालित होने का आरोप है। इसी दोहरी व्यवस्था को लेकर स्थानीय स्तर पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि खदान के बाहर वाहनों के प्रवेश और कतार के लिए एक समान एकल लाइन व्यवस्था लागू की जाती है तो राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की बेतरतीब कतारों की समस्या को कम किया जा सकता है। लोगों का आरोप है कि अलग-अलग लाइनों के कारण वाहनों की आवाजाही में असमानता पैदा होती है और खदान के बाहर सड़क पर ट्रकों की कतार बढ़ती जाती है।
यूनियन से जुड़ी व्यवस्था को लेकर भी स्थानीय स्तर पर लंबे समय से आरोप लगाए जाने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों के अनुसार यूनियन पर चढ़ावा देकर वाहन पास कराने और कथित मनमानी करने के आरोप लगते रहे हैं। इन आरोपों के चलते खदान के बाहर वाहनों की लाइन और प्रवेश प्रक्रिया को लेकर विवाद की स्थिति बनी रहने की बात कही जा रही है। हालांकि इन आरोपों के संबंध में उपलब्ध जानकारी में कोई स्वतंत्र पुष्टि या संबंधित पक्ष का पक्ष दर्ज नहीं है।
एसपी के जाम में फंसने की घटना के बाद स्थानीय लोगों और वाहन चालकों में प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर उम्मीद बढ़ी है। लोगों का कहना है कि यदि खदान के बाहर की व्यवस्था को व्यवस्थित किया जाए और सभी वाहनों के लिए समान प्रवेश व्यवस्था लागू हो तो राष्ट्रीय राजमार्ग पर रोजाना होने वाली यातायात समस्या से राहत मिल सकती है।
जामपाली एसईसीएल खदान के बाहर राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगने वाला जाम केवल खदान आने-जाने वाले वाहनों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि मार्ग से गुजरने वाले अन्य वाहनों की आवाजाही को भी प्रभावित करता है। ट्रकों की बेतरतीब कतार के कारण सड़क पर यातायात का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में स्थानीय वाहन चालकों और राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
छह ट्रकों पर पुलिस कार्रवाई और खदान प्रबंधन द्वारा उन्हें ब्लैकलिस्ट किए जाने के बाद अब खदान के बाहर यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। पुलिस ने बीएनएस की धारा 285 के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं खदान प्रबंधन ने यातायात में बाधा डालने वाले छह ट्रकों को ब्लैकलिस्ट किया है।
स्थानीय स्तर पर उठ रहे सवालों में सबसे प्रमुख मुद्दा खदान के बाहर दो अलग-अलग लाइनें संचालित होने का है। लोगों का कहना है कि एकल लाइन व्यवस्था होने पर सभी वाहनों के लिए प्रवेश प्रक्रिया समान रहेगी और वाहनों की कतार को निर्धारित तरीके से संचालित किया जा सकेगा। वहीं दो अलग-अलग लाइनें होने से वाहनों के प्रवेश को लेकर असमानता और अव्यवस्था की स्थिति बनने का आरोप लगाया जा रहा है।
जाम की समस्या के बीच पुलिस प्रशासन की ओर से छह ट्रकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की कार्रवाई की गई है। घरघोड़ा पुलिस ने बीएनएस की धारा 285 के तहत मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही जामपाली एसईसीएल खदान प्रबंधन ने भी यातायात में बाधा डालने वाले छह ट्रकों को ब्लैकलिस्ट किया है।
शनिवार को रायगढ़ एसपी का काफिला जाम में फंसने की घटना ने खदान के बाहर की यातायात व्यवस्था को लेकर चल रही चर्चाओं को और तेज कर दिया। इससे पहले भी स्थानीय स्तर पर ट्रकों की कतार और कथित दोहरी लाइन व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जाने की बात सामने आई है। एसपी के काफिले के जाम में फंसने के बाद पुलिस प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई से अब इस समस्या के समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों की मांग है कि खदान के बाहर वाहनों के प्रवेश के लिए पारदर्शी और समान व्यवस्था लागू की जाए। लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रकों की कतार न लगे और वाहनों की आवाजाही बाधित न हो, इसके लिए खदान प्रबंधन और प्रशासन को व्यवस्था को व्यवस्थित करना चाहिए।
फिलहाल छह ट्रकों के खिलाफ बीएनएस की धारा 285 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है और खदान प्रबंधन ने उन्हें ब्लैकलिस्ट किया है। वहीं खदान की कथित दोहरी लाइन व्यवस्था और यूनियन से जुड़े आरोपों को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल बने हुए हैं। एसपी के जाम में फंसने के बाद हुई इस कार्रवाई के बीच अब स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जामपाली खदान के बाहर एक समान एकल लाइन व्यवस्था लागू की जाएगी और राष्ट्रीय राजमार्ग पर रोजाना होने वाली यातायात समस्या से स्थायी राहत मिलेगी। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v




