Mungeli News: मुंगेली जिले के जरहागांव नगर पंचायत में दुकानों को सील किए जाने की कार्रवाई को लेकर विवाद गहरा गया है। नगर पंचायत प्रशासन और स्थानीय व्यापारी आमने-सामने आ गए हैं। व्यापारियों का आरोप है कि कुछ दुकानदारों से बकाया किराया वसूलने के बाद भी उनकी दुकानों को सील कर दिया गया, जिससे व्यापार और आजीविका पर गंभीर असर पड़ा है। विरोध में बाजार की कई दुकानें बंद रहीं और व्यापारियों ने नगर पंचायत के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई।
बाजार बंद कर व्यापारियों ने जताया विरोध
दुकानों पर सील लगने के बाद व्यापारियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। विरोध स्वरूप कई व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखे गए। व्यापारियों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) शुभम बख्तानी पर मनमानी का आरोप लगाते हुए उनके निलंबन की मांग की।
व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन ने उनकी समस्याओं को समझने और समाधान निकालने के बजाय सीधे सख्त कार्रवाई कर दी। उनका दावा है कि पहले से कमजोर आर्थिक स्थिति के बीच इस कार्रवाई ने रोजी-रोटी पर संकट खड़ा कर दिया है।
प्रशासन ने कार्रवाई को बताया नियमसम्मत
वहीं नगर पंचायत प्रशासन ने कार्रवाई को पूरी तरह नियमों के अनुरूप बताया है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी शुभम बख्तानी के अनुसार संबंधित दुकानें ग्राम पंचायत काल से संचालित हो रही हैं और अधिकांश दुकानदार लंबे समय से निर्धारित किराया जमा नहीं कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि बकाया राशि जमा कराने के लिए दुकानदारों को तीन बार नोटिस जारी किए गए थे। इसके अलावा मौखिक और लिखित रूप से भी कई बार भुगतान करने की अपील की गई, लेकिन अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई।
किराया नहीं मिलने से कर्मचारियों का वेतन अटका
नगर पंचायत का कहना है कि दुकानों से मिलने वाला किराया राजस्व का प्रमुख स्रोत है। इसी राशि से संविदा और अन्य कर्मचारियों का वेतन भुगतान किया जाता है। किराया वसूली प्रभावित होने के कारण कर्मचारियों का लगभग दो महीने का वेतन लंबित है।
प्रशासन का दावा है कि नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के निर्देशों के तहत बकाया वसूली के लिए यह कदम उठाना आवश्यक था।
आंदोलन तेज होने के संकेत
व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। दूसरी ओर नगर पंचायत प्रशासन अपने फैसले पर कायम है और नियमों के तहत आगे भी कार्रवाई जारी रखने की बात कह रहा है।
जरहागांव में अब यह विवाद प्रशासनिक कार्रवाई बनाम व्यापारियों के हितों की बहस का रूप ले चुका है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच बातचीत होती है या आंदोलन और तेज होता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v




