CG Road Ambulance: छत्तीसगढ़ में ‘रोड एम्बुलेंस’ से सुधरेंगी सड़कें, गड्ढे दिखने पर 48 घंटे में शुरू होगी मरम्मत

CG Road Ambulance: छत्तीसगढ़ में सड़कों की मरम्मत व्यवस्था को तेज करने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) पहली बार पेट्रोल मेंटेनेंस यूनिट (PMU) तैनात करने जा रहा है। इसे ‘रोड एम्बुलेंस’ नाम दिया गया है। इसका उद्देश्य सड़क पर गड्ढे, दरार या अन्य नुकसान दिखाई देने पर शुरुआती स्तर पर ही मरम्मत करना है। इसके लिए टेंडर और बजट की लंबी प्रक्रिया का इंतजार करने के बजाय सड़क की स्थिति पर नियमित निगरानी रखी जाएगी। निर्धारित व्यवस्था के तहत खराबी सामने आने के 24 से 48 घंटे के भीतर मरम्मत कार्य शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

रोड एम्बुलेंस का मुख्य उद्देश्य सड़क पूरी तरह खराब होने के बाद बड़े स्तर पर मरम्मत कराने के बजाय छोटे नुकसान को समय रहते ठीक करना है। सड़क पर छोटी दरार या गड्ढा दिखाई देने पर कोल्ड मिक्स, बिटुमिन सीलिंग और जरूरत के अनुसार अन्य मरम्मत तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे बारिश का पानी सड़क की निचली परतों तक पहुंचने से रोकने में मदद मिल सकती है। समय पर मरम्मत होने से सड़क के बड़े हिस्से को दोबारा बनाने की जरूरत कम करने की कोशिश की जाएगी। मानसून के दौरान यह व्यवस्था विशेष रूप से उपयोगी हो सकती है। बारिश के कारण जलभराव, गड्ढे, सड़क के किनारों यानी शोल्डर का कटना और पुलिया का बंद होना सड़क को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा पेड़ गिरने या मलबा आने से यातायात बाधित होने की स्थिति में भी यूनिट मौके पर पहुंचकर प्राथमिक मरम्मत और जरूरी सफाई करेगी। रोड एम्बुलेंस को मोबाइल वर्कशॉप के रूप में तैयार किया जाएगा। इसमें तीन से पांच प्रशिक्षित कर्मचारी तैनात रहेंगे। वाहन में कोल्ड मिक्स, बिटुमिन इमल्शन, एग्रीगेट, सीमेंट और कंक्रीट मिक्स के साथ प्लेट कॉम्पैक्टर, जैक हैमर, एयर कंप्रेसर, जनरेटर और वाटर पंप जैसे उपकरण उपलब्ध रहेंगे। जरूरत के अनुसार मलबा हटाने और पेड़ों की कटाई के उपकरण भी रखे जाएंगे। इससे सड़क पर खराबी मिलने के बाद मरम्मत और सफाई के शुरुआती कार्य मौके पर ही किए जा सकेंगे। यूनिट के कामकाज की निगरानी के लिए तकनीक का इस्तेमाल भी किया जाएगा। वाहन में जीपीएस और डैश कैम लगाए जाएंगे, जिनकी मदद से पेट्रोलिंग रूट और मौके पर पहुंचने में लगे समय पर नजर रखी जाएगी। मरम्मत से पहले और बाद की जियो-टैग्ड तस्वीरों के जरिए किए गए काम का सत्यापन किया जा सकेगा। इससे यह जांचने में मदद मिलेगी कि सड़क की खराबी पर कार्रवाई हुई या नहीं और मरम्मत का काम किस स्थिति में पूरा किया गया। फिलहाल इस व्यवस्था को ट्रायल के तौर पर शुरू किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग के ईएनसी विजय भतपहरी के मुताबिक, शुरुआती चरण में एक रोड एम्बुलेंस को सिमगा से तिल्दा, खरोरा और कुरुद रूट पर तैनात किया जाएगा। यह यूनिट करीब 108 किलोमीटर सड़क पर पेट्रोलिंग करेगी और कहीं भी सड़क में खराबी दिखाई देने पर मरम्मत का काम करेगी। उन्होंने बताया कि ट्रायल के दौरान यूनिट के प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर भविष्य में वाहनों की संख्या बढ़ाने पर निर्णय लिया जाएगा। रोड एम्बुलेंस योजना की सफलता समय पर कार्रवाई, मरम्मत की गुणवत्ता और नियमित निगरानी पर निर्भर करेगी। विभाग का उद्देश्य सड़क की खराबी को शुरुआती स्तर पर दूर करके बड़े नुकसान और मरम्मत पर होने वाले खर्च को कम करना है। फिलहाल एक यूनिट के जरिए शुरू होने वाले इस प्रयोग के परिणामों के आधार पर आगे की व्यवस्था तय की जाएगी।   छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v