CG News: जाने छत्तीसगढ़ के किस शहर में लगेंगे 160 हाईटेक कैमरे, कचरा फेंकने वालों पर भी होगी सीधी कार्रवाई

CG News: शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वालों पर अब नगर निगम की निगरानी बढ़ाई जा रही है। रायपुर के सभी 10 जोन में इस महीने करीब 160 हाईटेक नाइट विजन कैमरे लगाए जा रहे हैं। इन कैमरों के जरिए सड़क किनारे कचरा फेंकने, वाहनों से कचरा उतारने या खुले में कचरा डालने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम के अनुसार कैमरों से मिलने वाली रिकॉर्डिंग के आधार पर संबंधित व्यक्ति या वाहन तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। फुटेज में व्यक्ति या वाहन की पहचान होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जा सकेगी। नई निगरानी व्यवस्था का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने की घटनाओं पर नियंत्रण करना और शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत करना है। निगम द्वारा लगाए जा रहे कैमरों में नाइट विजन की सुविधा होगी। अधिकारियों के अनुसार अंधेरे में भी कैमरे करीब 50 मीटर तक की तस्वीर स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड कर सकेंगे। जरूरत पड़ने पर स्ट्रीट लाइट की रोशनी में निगरानी की क्षमता और बेहतर हो सकेगी। इससे रात के समय सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने की घटनाओं को भी रिकॉर्ड किया जा सकेगा। इन कैमरों को सोलर पैनल और माइक्रोचिप सिस्टम से संचालित किया जाएगा। इससे कैमरों के संचालन के लिए बिजली की नियमित सप्लाई पर निर्भरता कम होगी। निगम अधिकारियों के मुताबिक कैमरों से प्राप्त रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखा जाएगा। किसी स्थान पर कचरा फेंकने की घटना सामने आने पर संबंधित फुटेज की मदद से व्यक्ति या वाहन की पहचान कर कार्रवाई की जा सकेगी। नई व्यवस्था के तहत कचरा कलेक्शन के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहनों की भी निगरानी की जाएगी। निगम के अनुसार कचरा कलेक्शन वाहनों के नंबर रिकॉर्ड किए जाएंगे। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि वाहन ने कचरा किस स्थान से उठाया और उसे किस जगह ले जाकर डाला गया। इस व्यवस्था से कचरा संग्रहण और उसके निपटान की प्रक्रिया पर भी निगरानी रखने की योजना है। कैमरों की निगरानी के लिए मोबाइल ऐप आधारित सिस्टम तैयार किया जा रहा है। इसके माध्यम से जोन कमिश्नर और संबंधित अधिकारी-कर्मचारी कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग कर सकेंगे। इसके साथ ही नगर निगम की ओर से एक कमांड सेंटर तैयार करने की भी योजना है, जहां कैमरों से प्राप्त तस्वीरों और वीडियो की निगरानी की जा सकेगी। निगम ने पुलिस के साथ मिलकर शहर में करीब 23 संवेदनशील स्थानों को चिह्नित किया है। इनमें व्यावसायिक और भीड़भाड़ वाले क्षेत्र शामिल हैं। इन स्थानों पर कैमरे लगाने का काम प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाएगा। इसके बाद शहर के अन्य चिन्हित स्थानों पर भी निगरानी व्यवस्था को लागू किया जाएगा। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने के कई मामलों में पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध नहीं होने के कारण कार्रवाई करना मुश्किल होता है। कैमरों से प्राप्त वीडियो फुटेज उपलब्ध होने पर ऐसे मामलों में कार्रवाई के लिए आवश्यक साक्ष्य मिल सकेंगे। इससे खुले में कचरा डालने वालों की पहचान और उन पर कार्रवाई की प्रक्रिया को आसान बनाने का प्रयास किया जाएगा। कैमरों के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित कंपनी को तीन साल तक दी जाएगी। इस निगरानी व्यवस्था के लिए 15वें वित्त आयोग से स्वच्छता और निगरानी व्यवस्था के लिए प्राप्त फंड का इस्तेमाल किया जाएगा। निगम का लक्ष्य कैमरों के माध्यम से सफाई व्यवस्था से जुड़े नियमों के उल्लंघन पर लगातार नजर रखना है। रायपुर शहर से रोजाना करीब 750 टन कचरा निकलता है, जिसे प्रोसेसिंग प्लांट भेजा जाता है। इसके बावजूद सार्वजनिक स्थानों और सड़क किनारे कचरा फेंकने की समस्या बनी हुई है। नगर निगम का मानना है कि हाईटेक कैमरों से निगरानी बढ़ने के बाद खुले में कचरा डालने की घटनाओं पर नियंत्रण लगाने और सफाई व्यवस्था को बेहतर करने में मदद मिलेगी। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v