CG Breaking News: किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को राजधानी रायपुर के तूता धरना स्थल पर प्रदर्शन किया गया। अपनी मांगों के समर्थन में मंत्रालय का घेराव करने निकले सैकड़ों किसानों को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इसके बाद किसानों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा और वापस लौट गए। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कृषि संबंधी मुद्दों के साथ खदानों का भी विरोध किया। किसानों की प्रमुख मांगों में वर्ष 2022-23 की धान खरीदी का बकाया भुगतान, धान बोनस, समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी और सिंचाई परियोजनाओं से जुड़े मुद्दे शामिल रहे।
किसानों की ओर से रखी गई 10 मांगों में कृषि व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दे शामिल हैं। इनमें धान बोनस का भुगतान, समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी और लंबित राशि जारी करने की मांग प्रमुख है। किसानों ने सिंचाई परियोजनाओं से संबंधित मांगें भी उठाईं। उनका कहना है कि कृषि क्षेत्र से जुड़े इन विषयों पर निर्णय किसानों के हितों को ध्यान में रखकर लिया जाना चाहिए। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में किसानों की सभी 10 मांगों का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने रासायनिक खाद के स्थान पर गौवर्धन खाद को बढ़ावा देने की मांग भी उठाई। किसानों की मांग है कि खेती में गौवर्धन खाद के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाए। इसके साथ ही प्रदर्शन में खदानों का विरोध भी किया गया। इस तरह किसानों ने कृषि संबंधी मांगों के साथ खनन गतिविधियों से जुड़े मुद्दों को भी अपने विरोध प्रदर्शन में शामिल किया।
मंत्रालय घेराव के लिए निकले किसानों को पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद प्रदर्शन ज्ञापन सौंपने के साथ समाप्त हुआ। किसानों ने अपनी मांगें प्रशासन तक पहुंचाईं। अब इन मांगों पर आगे क्या कार्रवाई होती है, इस संबंध में उपलब्ध जानकारी में कोई आधिकारिक निर्णय या घोषणा सामने नहीं आई है।
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