Bemetara News: बैकडेट आदेश और रिकॉर्ड से छेड़छाड़ के आरोप, नायब तहसीलदार विवादों में

Bemetara News: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। देवरबीजा उपतहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार पर न्यायालयीन रिकॉर्ड में कथित हेरफेर, बैकडेट में आदेश दर्ज करने और महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। मामले में रायपुर निवासी शिवशंकर पाठक ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के राज्य सचिव को आवेदन सौंपकर संबंधित अधिकारी के खिलाफ आपराधिक अभियोजन चलाने की पूर्व स्वीकृति देने की मांग की है।

आवेदन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम खम्हरिया-एम से जुड़े भूमि विवाद के प्रकरणों में न्यायालयीन आदेशों और रिकॉर्ड में बदलाव कर एक पक्ष को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। आवेदक का दावा है कि ऑनलाइन पंजीयन और वास्तविक आवेदन की तारीखों में अंतर होने के बावजूद रिकॉर्ड में बैकडेट दर्ज की गई।

आवेदन के अनुसार, एक प्रकरण में ऑनलाइन पंजीयन 1 अप्रैल 2026 को हुआ, जबकि आवेदन 2 अप्रैल को प्रस्तुत किया गया। इसके बावजूद पहली ऑर्डरशीट 26 मार्च 2026 की तारीख में दर्ज होने का आरोप लगाया गया है। वहीं दूसरे मामले में आदेश जारी होने के बाद ऑर्डरशीट में बाद की तारीख जोड़कर पुनर्विलोकन के लिए एसडीओ कार्यालय भेजे जाने का उल्लेख किया गया है।

मामले में यह भी आरोप है कि बिलासपुर हाईकोर्ट द्वारा आवेदक की आपत्तियों पर नियमानुसार निर्णय लेने के निर्देश दिए जाने के बावजूद महज सात दिनों के भीतर सीमांकन प्रक्रिया पूरी कर दी गई। साथ ही पूर्व तहसीलदार द्वारा जारी स्थगन आदेश की ऑर्डरशीट रिकॉर्ड से गायब होने और सीमांकन के दौरान जमा किए गए आपत्ति पत्र एवं अन्य दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने का भी दावा किया गया है।

आवेदक ने वर्ष 2023 के नक्शे और वर्तमान राजस्व रिकॉर्ड में खसरा नंबर संबंधी विसंगतियों की ओर भी ध्यान दिलाया है। आरोप है कि बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के रिकॉर्ड में संशोधन किया गया, जिससे सीमांकन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए।

इस पूरे मामले में प्रशासन ने भी सीमांकन प्रक्रिया में प्रक्रियात्मक और तथ्यात्मक कमियों का उल्लेख किया है। प्रशासनिक आदेश के तहत अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), बेरला को पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही विवादित भूमि का सीमांकन तहसीलदार बेरला से दोबारा नियमानुसार कराने और एक सप्ताह के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया है।

मामले ने बेमेतरा में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और शासन के आगामी निर्णय पर टिकी हुई है। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v