CG News: छत्तीसगढ़ सरकार ने माओवादी हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों में शांति, विकास और पुनर्वास को गति देने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में घोषणा की कि नक्सल मुक्त घोषित 50 गांवों में विकास कार्यों के लिए प्रति गांव ₹1 करोड़ की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही गैर-गंभीर मामलों में बंद पात्र आरोपियों की कानूनी समीक्षा कर रिहाई की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
50 गांवों में होंगे विकास कार्य
सरकार के अनुसार, जिन गांवों ने स्वयं को माओवादी हिंसा के प्रभाव से मुक्त घोषित करने का प्रस्ताव पारित किया है, उन्हें विशेष विकास योजना के तहत शामिल किया जाएगा। फिलहाल 50 गांवों की पहचान की गई है, जिनमें सुकमा के 20, बीजापुर के 20 और नारायणपुर के 10 गांव शामिल हैं। इन गांवों में सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
गैर-गंभीर मामलों की होगी कानूनी समीक्षा
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि माओवादी हिंसा से जुड़े ऐसे मामलों की समीक्षा की जाए जिनमें किसी की मृत्यु नहीं हुई है। इसके लिए कानून विभाग, अभियोजकों और अधिवक्ताओं की एक विशेष टीम गठित की जाएगी, जो कानूनी प्रक्रिया के तहत मामलों को वापस लेने और पात्र लोगों की रिहाई की संभावनाओं का परीक्षण करेगी।
15 अगस्त को होगा ध्वजारोहण
सरकार ने निर्णय लिया है कि इस वर्ष 15 अगस्त को सभी नक्सल मुक्त गांवों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। इसका उद्देश्य ग्रामीणों में राष्ट्र के प्रति विश्वास, भागीदारी और आत्मविश्वास को मजबूत करना है।
पीड़ित परिवारों और आत्मसमर्पित युवाओं पर विशेष फोकस
बैठक में यह भी तय किया गया कि नक्सली हिंसा से प्रभावित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्राथमिकता से पक्के मकान उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं, आत्मसमर्पण करने वाले युवाओं को राज्य की पुनर्वास नीति के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि एक माह के भीतर देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए एक डिजिटल डैशबोर्ड भी तैयार किया जाएगा।
शहीदों की स्मृति में बनेंगे स्मारक
सरकार ने माओवादी हिंसा में शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों और नागरिकों की स्मृति में संबंधित क्षेत्रों में सामुदायिक स्मारक बनाने का भी निर्णय लिया है। साथ ही पीड़ित परिवारों को मिलने वाली सरकारी सहायता समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
हथियारों की बरामदगी के लिए बनेगी समिति
बैठक में लूटे गए हथियारों की बरामदगी और अंतरराज्यीय समन्वय को मजबूत करने के लिए एक विशेष समिति गठित करने का भी फैसला लिया गया। सरकार का कहना है कि सुरक्षा और विकास दोनों को समान प्राथमिकता देकर प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में काम किया जाएगा। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v




