CG News: डिब्बे में डीजल नहीं मिला तो बैलों से खिंचवाकर पेट्रोल पंप पहुंचाई कार

CG News: छत्तीसगढ़ के भवानीपुर क्षेत्र से एक अनोखा विरोध प्रदर्शन सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया है। पेट्रोल पंप कर्मचारियों द्वारा डिब्बे में डीजल देने से इनकार किए जाने पर जिला पंचायत सदस्य रवि बंजारे ने अपनी कार को बैलों से खिंचवाकर पेट्रोल पंप तक पहुंचाया। इस अनोखे विरोध का वीडियो और तस्वीरें अब क्षेत्र में तेजी से चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं।

पेट्रोल पंप से 500 मीटर पहले बंद हुई कार

जानकारी के अनुसार, जिला पंचायत सदस्य रवि बंजारे अपने क्षेत्र के दौरे पर थे। इसी दौरान उनकी कार का डीजल खत्म हो गया और वाहन भरुवाडीह स्थित एसएस पेट्रोल पंप से करीब 500 मीटर पहले सड़क पर रुक गया।

कार चालक डीजल लेने के लिए पेट्रोल पंप पहुंचा और कर्मचारियों से डिब्बे में चार लीटर डीजल देने का अनुरोध किया। चालक ने बताया कि वाहन पास में ही खड़ा है और आपात स्थिति है, लेकिन कर्मचारियों ने नियमों का हवाला देते हुए डिब्बे में डीजल देने से इनकार कर दिया।

बैलों से खिंचवाकर पंप तक पहुंची कार

घटना की जानकारी मिलने पर रवि बंजारे ने कर्मचारियों के रवैये पर नाराजगी जताई। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों की मदद से दो बैल मंगवाए और कार को रस्सी से बांधकर पेट्रोल पंप तक खिंचवाया।

सड़क पर बैलों से खिंचती कार का नजारा देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। देखते ही देखते यह विरोध प्रदर्शन चर्चा का विषय बन गया।

ग्रामीणों ने लगाया मनमानी का आरोप

मौके पर पहुंचे उपसरपंच फागू सेन, सरपंच खिलेश्वर घृतलहरे तथा अन्य ग्रामीणों ने पेट्रोल पंप प्रबंधन पर मनमानी और बदसलूकी के आरोप लगाए।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में यह एक प्रमुख पेट्रोल पंप है और अक्सर उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लोगों ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों का व्यवहार कई बार असहयोगपूर्ण रहता है।

हंगामे के बाद डाला गया डीजल

करीब एक घंटे तक चले विरोध और बहस के बाद कर्मचारियों ने कार में डीजल भरा। इसके बाद मामला शांत हुआ।

जिला पंचायत सदस्य रवि बंजारे ने कहा कि पूरे मामले की शिकायत जिला प्रशासन और कलेक्टर से की जाएगी। उन्होंने पेट्रोल पंप के खिलाफ जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

प्रशासनिक कार्रवाई की मांग

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मामले की जांच कराने की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशान करने वाले मामलों पर निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v