कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सोशल मीडिया और कुछ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर पूर्व मुख्यमंत्री को बदनाम करने की मंशा से कथित तौर पर फोटोशॉप किए गए स्क्रीनशॉट और भ्रामक सामग्री प्रसारित की गई। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने दो यूट्यूबरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा विवाद?
विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब सोशल मीडिया पर एक कथित इंस्टाग्राम चैट का स्क्रीनशॉट वायरल होने लगा। वायरल सामग्री में दावा किया गया कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम से संचालित एक अकाउंट और महादेव एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर के कथित अकाउंट के बीच बातचीत हुई थी।
वायरल स्क्रीनशॉट में एक संदेश दिखाया गया था, जिसमें कथित तौर पर लिखा गया था कि “नंबर भेजो अपना, बात करना चाहते हैं।” इसी स्क्रीनशॉट के आधार पर कई सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो सामने आए, जिसके बाद मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया।
पुलिस ने किन लोगों पर दर्ज किया मामला?

भिलाई-3 थाना पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद दो यूट्यूबरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के अनुसार आरोपियों में शामिल हैं—
- सागर साहू
- पुष्पराज सिंह
दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब साइबर विशेषज्ञों की मदद से यह पता लगाने में जुटी है कि वायरल स्क्रीनशॉट की मूल उत्पत्ति कहां से हुई और इसे सबसे पहले किस माध्यम से प्रसारित किया गया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
एफआईआर दर्ज होने से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भिलाई-3 थाने के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि राजनीतिक उद्देश्य से फर्जी सामग्री तैयार कर सोशल मीडिया पर प्रसारित की गई है।
कार्यकर्ताओं ने मांग की कि इस पूरे मामले में शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक राजनीति को प्रभावित करने और विपक्षी नेताओं की छवि धूमिल करने की कोशिश बताया।
भूपेश बघेल ने दावों को बताया फर्जी
वायरल स्क्रीनशॉट सामने आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि वायरल किए जा रहे स्क्रीनशॉट वास्तविक नहीं हैं।
उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संबंधित चैट से जुड़े स्क्रीनशॉट साझा करते हुए दावा किया कि जिस अकाउंट का उल्लेख किया जा रहा है, उसके साथ किसी प्रकार का संदेश आदान-प्रदान नहीं हुआ है। उन्होंने इसे फोटोशॉप और फर्जी सामग्री करार देते हुए कहा कि इस तरह की सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लीगल टीम भी हुई सक्रिय
भूपेश बघेल ने स्पष्ट किया है कि उनकी कानूनी टीम पूरे मामले का परीक्षण कर रही है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री प्रसारित करने वाले व्यक्तियों, प्लेटफॉर्म्स और कथित प्रायोजकों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बिना सत्यापन किसी भी सामग्री को समाचार के रूप में प्रसारित करना पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों के विपरीत है और इससे सार्वजनिक भ्रम की स्थिति पैदा होती है।




