CG Political News: Viral Screenshot से मचा राजनीतिक बवाल, पूर्व CM ने दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

CG Political News: छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर महादेव ऑनलाइन बेटिंग एप का मामला चर्चा में आ गया है। इस बार विवाद की वजह सोशल मीडिया पर Viral हो रहा एक कथित Instagram Chat Screenshot है, जिसमें महादेव एप के कथित सरगना और पूर्व मुख्यमंत्री के नाम से जुड़े एक अकाउंट के बीच बातचीत होने का दावा किया जा रहा है।

हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए वायरल सामग्री को फर्जी और फोटोशॉप बताया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ कथित स्क्रीनशॉट

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक कथित Instagram chat  का screenshot तेजी से साझा किया जा रहा है। वायरल पोस्ट में दावा किया गया कि महादेव ऑनलाइन बेटिंग एप के कथित सरगना Saurabh Chandrakar और पूर्व मुख्यमंत्री के नाम से जुड़े एक अकाउंट के बीच संदेशों का आदान-प्रदान हुआ था।

स्क्रीनशॉट वायरल होने के बाद यह मामला राजनीतिक और डिजिटल मंचों पर चर्चा का विषय बन गया।

भूपेश बघेल ने किया खंडन

Viral दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही सामग्री वास्तविक नहीं है। उन्होंने दावा किया कि संबंधित स्क्रीनशॉट को एडिट और फोटोशॉप कर तैयार किया गया है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस यूजरनेम का उल्लेख वायरल पोस्ट में किया जा रहा है, उसके साथ किसी प्रकार की बातचीत नहीं हुई है।

कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

भूपेश बघेल ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि उनकी कानूनी टीम पूरे प्रकरण का अध्ययन कर रही है और आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बिना तथ्यात्मक सत्यापन के ऐसी सामग्री को प्रसारित करना उचित नहीं है।

महादेव एप मामला पहले भी रहा चर्चा में

महादेव ऑनलाइन बेटिंग एप केस पिछले कुछ वर्षों से देशभर में चर्चा का विषय रहा है। इस मामले में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर ऑनलाइन सट्टेबाजी, हवाला लेनदेन और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच विभिन्न एजेंसियां करती रही हैं।

विधानसभा चुनाव 2023 से पहले भी इस मामले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले थे। उस समय भी भूपेश बघेल ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया था।

वायरल दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं

फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल कथित चैट स्क्रीनशॉट की प्रामाणिकता को लेकर किसी एजेंसी या आधिकारिक संस्था द्वारा पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में वायरल सामग्री की सत्यता स्वतंत्र रूप से स्थापित नहीं हो सकी है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तकनीकी या फॉरेंसिक जांच के बाद ही इस मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

सियासी बहस तेज

वायरल स्क्रीनशॉट और उसके बाद आई प्रतिक्रियाओं ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। समर्थक इसे पूर्व मुख्यमंत्री को बदनाम करने की कोशिश बता रहे हैं, जबकि विरोधी पक्ष इस मामले पर सवाल उठा रहा है। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v