Bilaspur News:बिलासपुर के सिविल लाइन थाना परिसर से जुड़ा एक कथित वायरल ऑडियो और पुराना वीडियो पुलिस विभाग में चर्चा का विषय बन गया है। वायरल सामग्री में थाने में पदस्थ एक आरक्षक के सोते हुए वीडियो को आधार बनाकर उस पर दबाव बनाने और कथित रूप से एक लाख रुपये की मांग किए जाने के आरोप सामने आए हैं। हालांकि ऑडियो और उससे जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है तथा मामले की जांच की जा रही है।
एक साल पुराने वीडियो से शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार सिविल लाइन थाने में पदस्थ एक आरक्षक करीब एक वर्ष पहले रात्रि पेट्रोलिंग ड्यूटी पूरी करने के बाद थाना परिसर स्थित बैरकनुमा कमरे में आराम कर रहा था। आरोप है कि उसी दौरान उसका वीडियो रिकॉर्ड किया गया।
बताया जा रहा है कि वीडियो लंबे समय तक सार्वजनिक नहीं हुआ, लेकिन अब उसी वीडियो को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में संबंधित आरक्षक सोते हुए दिखाई दे रहा है।
वायरल ऑडियो में दबाव बनाने के आरोप
सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों में प्रसारित कथित ऑडियो में संबंधित आरक्षक और एक कथित मध्यस्थ के बीच बातचीत होने का दावा किया जा रहा है।
चर्चा है कि वीडियो पहले कुछ लोगों तक पहुंचा और बाद में उसे सार्वजनिक करने या अधिकारियों तक पहुंचाने की बात कही गई। ऑडियो में कथित तौर पर समझौते और भुगतान को लेकर बातचीत सुनाई देने का दावा किया जा रहा है।
एक लाख रुपये मांगने की चर्चा
वायरल ऑडियो को लेकर यह दावा किया जा रहा है कि वीडियो को सार्वजनिक नहीं करने के बदले एक लाख रुपये की मांग की गई थी।
हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
प्रमोशन रोकने का डर दिखाने का आरोप
कथित बातचीत में संबंधित आरक्षक की प्रस्तावित पदोन्नति का भी उल्लेख होने की चर्चा है। आरोप है कि विभागीय जांच, निलंबन और प्रमोशन प्रभावित होने जैसी संभावित परिस्थितियों का हवाला देकर दबाव बनाया गया।
यदि जांच में ऐसे आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला केवल विभागीय विवाद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली जैसे गंभीर पहलुओं की भी जांच हो सकती है।
थाना स्टाफ में गुटबाजी की चर्चाएं
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सिविल लाइन थाना स्टाफ के भीतर कथित गुटबाजी और आपसी खींचतान को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। इससे पहले भी पुलिस विभाग से जुड़े ऑडियो और वीडियो वायरल होने के मामले सामने आ चुके हैं।
फिलहाल वायरल ऑडियो की सत्यता, उसमें शामिल लोगों की भूमिका और आरोपों की वास्तविकता की जांच की जा रही है।
पुलिस क्या बोली?
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बिलासपुर के एएसपी सिटी Pankaj Patel ने कहा कि वीडियो पुराना है और उसमें संबंधित सिपाही सोते हुए दिखाई दे रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर
फिलहाल यह मामला आरोपों और वायरल सामग्री पर आधारित है। ऑडियो की प्रामाणिकता, वीडियो की परिस्थितियां और कथित वसूली के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस विभाग अब पूरे मामले की पड़ताल कर रहा है।
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