CG News: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ क्षेत्र में अवैध शराब के बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि मध्य प्रदेश से लाई जा रही शराब को स्थानीय ब्रांडिंग देकर छत्तीसगढ़ में खपाया जा रहा था। इस पूरे रैकेट में नकली लेबल, ढक्कन और होलोग्राम का उपयोग किया जा रहा था, जो दिल्ली, पुणे और नागपुर जैसे शहरों से सप्लाई किए जाते थे।
यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से लंबे समय से सक्रिय था और डबल मुनाफे के लिए अवैध बॉटलिंग का काम किया जा रहा था।
डोंगरगढ़ बना अवैध शराब कारोबार का केंद्र
Dongargarh इस अवैध कारोबार का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। इसे मध्य प्रदेश की सीमा से आने वाली शराब के लिए एक मुख्य ट्रांजिट और डिस्ट्रीब्यूशन कॉरिडोर के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था।
सूत्रों के अनुसार, पहले इस शराब को सीधे मध्य प्रदेश के लेबल के साथ बेचा जाता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इसे स्थानीय ब्रांडिंग देकर बेचने का तरीका अपनाया गया, जिससे मुनाफा कई गुना बढ़ गया।
दिल्ली, पुणे और नागपुर से सप्लाई नेटवर्क
जांच में यह भी सामने आया है कि शराब की बोतलों के ढक्कन, होलोग्राम और स्टीकर अलग-अलग राज्यों से मंगाए जाते थे। इनमें प्रमुख रूप से दिल्ली, पुणे और नागपुर जैसे शहर शामिल हैं।
यह नेटवर्क अलग-अलग राज्यों में फैला हुआ था और आपस में जुड़े हुए सप्लायर इस अवैध कारोबार को संचालित कर रहे थे।
फार्म हाउस और किराए के मकानों में बॉटलिंग
अप्रैल 2025 में करवारी इलाके के एक फार्म हाउस पर बड़ी कार्रवाई की गई थी, जहां से 432 पेटी मध्य प्रदेश की शराब बरामद की गई थी। इसके साथ ही हजारों की संख्या में खाली बोतलें, ढक्कन, लेबल और होलोग्राम भी जब्त किए गए थे।
इसके अलावा कातलवाही क्षेत्र में किराए के मकान में अवैध बॉटलिंग का काम चल रहा था। यहां से 27 पेटी शराब पकड़ी गई और एक आरोपी को बाद में गिरफ्तार किया गया।
नेटवर्क की गहराई से जांच जारी
आबकारी और पुलिस विभाग दोनों इस पूरे मामले की गहन जांच कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह एक संगठित अंतरराज्यीय अपराध नेटवर्क है, जिसमें कई स्तरों पर लोग शामिल हैं।
Excise Department Chhattisgarh ने पुलिस के साथ मिलकर जांच तेज कर दी है और पूरे सप्लाई चेन को ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है।
बार-बार कार्रवाई के बावजूद सक्रिय गिरोह
सूत्रों के अनुसार, इस क्षेत्र में पहले भी तीन से अधिक बड़ी कार्रवाइयां हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद छोटे और बड़े स्तर पर अवैध कारोबार जारी है। कुछ आरोपी जमानत पर छूटने के बाद भी फिर से इसी धंधे में सक्रिय हो जाते हैं।
आबकारी विभाग का बयान
अधिकारियों का कहना है कि लगातार पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क को उजागर करने का प्रयास किया जा रहा है। सहायक आयुक्त के अनुसार, पुलिस के साथ समन्वय कर जल्द ही और बड़े खुलासे संभव हैं।
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