Ujjwala Yojana Update: अब 9 की जगह सिर्फ 4 LPG सिलेंडर पर मिलेगा ₹300 सब्सिडी

Ujjwala Yojana Update: केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत मिलने वाली एलपीजी सब्सिडी में बड़ा बदलाव किया है। अब लाभार्थियों को साल में 9 की बजाय केवल 4 रिफिल पर ही ₹300 प्रति सिलेंडर की सब्सिडी मिलेगी। यह फैसला बढ़ती अंतरराष्ट्रीय एलपीजी कीमतों और तेल विपणन कंपनियों (OMCs) पर बढ़ते वित्तीय दबाव को देखते हुए लिया गया है।

सरकार ने बताई वजह: वैश्विक कीमतों में तेज उछाल
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और सप्लाई बाधाओं के कारण अंतरराष्ट्रीय एलपीजी कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है। मंत्रालय के मुताबिक घरेलू एलपीजी की वास्तविक लागत अब ₹1,600 प्रति सिलेंडर से अधिक हो चुकी है, जबकि उपभोक्ताओं को यह काफी कम दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

अतिरिक्त सचिव प्रवीण खनूजा ने जानकारी दी कि सरकार अब पीएमयूवाई लाभार्थियों को केवल पहले 4 सिलेंडर पर ₹300 की सीधी सब्सिडी देगी।

PMUY लाभार्थियों को अब कितना फायदा मिलेगा?
नई व्यवस्था के अनुसार उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को पहले 4 सिलेंडरों पर प्रति सिलेंडर ₹300 की सब्सिडी सीधे उनके बैंक खातों में मिलेगी। इसके बाद उन्हें बिना इस अतिरिक्त सब्सिडी के सिलेंडर खरीदना होगा। मंत्रालय के अनुसार सब्सिडी और रियायती दर को मिलाकर भी लाभार्थियों को लगभग 60% तक की राहत मिल रही है।

गैर-उज्ज्वला उपभोक्ताओं पर भी असर
सरकार ने बताया कि गैर-उज्ज्वला उपभोक्ताओं को भी रियायती दर पर एलपीजी मिल रहा है। मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कीमतों के हिसाब से जहां एक सिलेंडर की कीमत ₹1,600 से अधिक है, वहीं उपभोक्ता लगभग ₹942 में सिलेंडर प्राप्त कर रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों का दबाव
रिपोर्ट के अनुसार सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (Saudi CP), जो भारत के लिए प्रमुख बेंचमार्क है, फरवरी में लगभग $543 प्रति टन था, जो जून तक बढ़कर करीब $790 प्रति टन तक पहुंच गया है। इस दौरान वैश्विक आपूर्ति और भू-राजनीतिक तनावों ने कीमतों को और बढ़ाया है।

तेल कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार तेल विपणन कंपनियां वर्तमान में डीजल पर लगभग ₹30 प्रति लीटर और पेट्रोल पर ₹6 प्रति लीटर के घाटे का सामना कर रही हैं। इससे प्रतिदिन सैकड़ों करोड़ रुपये का दबाव बन रहा है।

10 करोड़ से अधिक परिवारों पर असर
सरकार के मुताबिक देशभर में 10.58 करोड़ से अधिक उज्ज्वला कनेक्शन हैं, जिन्हें इस सब्सिडी व्यवस्था का लाभ मिलता है। नई व्यवस्था के बाद लाभार्थियों को पहले की तुलना में सीमित लेकिन जारी आर्थिक सहायता मिलती रहेगी।

निष्कर्ष
एलपीजी सब्सिडी में यह बदलाव वैश्विक ऊर्जा बाजारों के दबाव और घरेलू वित्तीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए किया गया है। हालांकि इससे उज्ज्वला लाभार्थियों को मिलने वाले सालाना लाभ की मात्रा में कमी आएगी, लेकिन सरकार का दावा है कि रियायती दरों के कारण अब भी उपभोक्ताओं को महत्वपूर्ण राहत मिलती रहेगी।

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