Raigarh News: ढलानों पर बनेंगी 16 हजार 873 जल संरक्षण संरचनाएं, रायगढ़ जिले में 52.55 लाख रुपये स्वीकृत

Raigarh News: वर्षा जल के बेहतर प्रबंधन, मिट्टी के कटाव को नियंत्रित करने और ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रायगढ़ जिले में स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच एवं कंटूर ट्रेंच निर्माण के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। ढलान वाले क्षेत्रों में प्रस्तावित इन संरचनाओं के माध्यम से वर्षा के दौरान तेजी से बहने वाले पानी को नियंत्रित करने और उसे धीरे-धीरे भूमि में समाहित करने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए जिले में कुल 16 हजार 873 ट्रेंच निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इन ट्रेंच का निर्माण लगभग 38.27 एकड़ क्षेत्र में किया जाएगा। निर्माण कार्यों के लिए कुल 52.55 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। योजना के तहत जिले के रायगढ़, खरसिया और तमनार विकासखंड की विभिन्न ग्राम पंचायतों में कुल 28 कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें रायगढ़ विकासखंड में 6, खरसिया विकासखंड में 16 और तमनार विकासखंड में 6 कार्य शामिल हैं।

स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच और कंटूर ट्रेंच का निर्माण मुख्य रूप से ऐसे क्षेत्रों में किया जाता है, जहां जमीन की ढलान के कारण बारिश का पानी तेज गति से नीचे की ओर बहता है। तेज बहाव के कारण वर्षा जल के साथ मिट्टी भी बहने लगती है, जिससे भूमि का कटाव होता है। इसके अलावा खेतों में मिट्टी की ऊपरी उपजाऊ परत के प्रभावित होने और जमीन में नमी कम होने की स्थिति भी बन सकती है। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ढलान वाले क्षेत्रों में कंटूर आधारित जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है।

ट्रेंच निर्माण का उद्देश्य बारिश के पानी के बहाव की गति को कम करना और उसे निर्धारित संरचनाओं में रोककर धीरे-धीरे जमीन में समाहित होने का अवसर उपलब्ध कराना है। इससे वर्षा जल को सीधे बह जाने से रोकने में मदद मिलेगी। साथ ही पानी के भूमि में समाने की प्रक्रिया के माध्यम से मिट्टी में नमी बनाए रखने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

जिले में स्वीकृत इन कार्यों के माध्यम से जल संरक्षण के साथ मिट्टी के कटाव को कम करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। ढलान वाले क्षेत्रों में बारिश के पानी के साथ मिट्टी के बहाव को नियंत्रित करने के लिए कंटूर ट्रेंच उपयोगी संरचना के रूप में बनाई जाती है। इन संरचनाओं के निर्माण से भूमि संरक्षण और जल प्रबंधन से जुड़े कार्यों को बढ़ावा मिलेगा।

रायगढ़ जिले में स्वीकृत 28 कार्य तीन विकासखंडों में किए जाएंगे। रायगढ़ विकासखंड में 6 कार्य, खरसिया विकासखंड में 16 कार्य और तमनार विकासखंड में 6 कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इन सभी कार्यों के तहत कुल 16 हजार 873 ट्रेंच बनाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनका निर्माण लगभग 38.27 एकड़ क्षेत्र में किया जाएगा।

योजना के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों का एक उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा देना भी है। जल, मिट्टी और भूमि जैसे प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए ढलान वाले क्षेत्रों में जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। बारिश के पानी को रोकने और उसके उपयोगी प्रबंधन की दिशा में इन कार्यों को शामिल किया गया है।

इन कार्यों को ग्रामीण समुदाय की भागीदारी और श्रम आधारित गतिविधियों के माध्यम से क्रियान्वित किए जाने की जानकारी दी गई है। इससे जल एवं मृदा संरक्षण से जुड़े कार्यों के साथ ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। कार्यों के निर्माण में स्थानीय स्तर पर श्रम आधारित गतिविधियों को शामिल किया जा रहा है।

कंटूर ट्रेंच और स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच के माध्यम से ढलान पर छोटे-छोटे स्तर पर जल संरक्षण की संरचनाएं तैयार की जाती हैं। बारिश के दौरान इन संरचनाओं में पानी के बहाव को नियंत्रित किया जाता है। इससे पानी के तेज बहाव को कम करने और मिट्टी के कटाव को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। साथ ही वर्षा जल को जमीन में समाहित होने के लिए अधिक समय मिलता है।

रायगढ़ जिले के जिन विकासखंडों में ये कार्य स्वीकृत किए गए हैं, उनमें अलग-अलग ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। कुल 28 स्वीकृत कार्यों में सबसे अधिक 16 कार्य खरसिया विकासखंड में हैं। इसके बाद रायगढ़ और तमनार विकासखंड में 6-6 कार्य स्वीकृत किए गए हैं। सभी कार्यों के लिए कुल 52.55 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

इन संरचनाओं के निर्माण से खेतों की मिट्टी में नमी बनाए रखने और भूमि की उत्पादक क्षमता को संरक्षित करने में सहायता मिलने की बात कही गई है। वर्षा जल को नियंत्रित तरीके से भूमि में समाहित करने से पानी के संरक्षण के साथ भूमि में नमी की स्थिति बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा। इससे कृषि भूमि से संबंधित प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और मृदा संरक्षण के कार्यों को रोजगार से जोड़कर क्रियान्वित किए जाने से स्थानीय स्तर पर श्रम आधारित रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। कार्यों में ग्रामीण समुदाय की भागीदारी होने से जल और भूमि संरक्षण की गतिविधियों को स्थानीय स्तर पर आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

जिले में स्वीकृत स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच एवं कंटूर ट्रेंच निर्माण कार्य वर्षा जल प्रबंधन और प्राकृतिक संसाधन संरक्षण से जुड़े कार्यों का हिस्सा हैं। इन कार्यों के तहत ढलान वाले क्षेत्रों में संरचनाएं तैयार की जाएंगी, ताकि वर्षा के पानी के बहाव को नियंत्रित किया जा सके और मिट्टी के कटाव को कम करने के साथ जल को भूमि में समाहित होने का अवसर मिल सके।

इन कार्यों के माध्यम से रायगढ़ जिले के तीन विकासखंडों की विभिन्न ग्राम पंचायतों में जल और मृदा संरक्षण से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। 16 हजार 873 ट्रेंच निर्माण के निर्धारित लक्ष्य और 52.55 लाख रुपये की स्वीकृत राशि के साथ यह कार्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन से जुड़े प्रयासों के तहत किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v