Raigarh News: 28 साल से अटका रेलवे टर्मिनल, ट्रेन भी बंद! रेल सुविधाओं पर आज रायगढ़ में बड़ा प्रदर्शन

Raigarh News: रायगढ़ में लंबित रेल सुविधाओं और विभिन्न रेल मांगों को लेकर ट्रेड यूनियन काउंसिल, रायगढ़ द्वारा सोमवार 14 सितंबर को ध्यानाकर्षण प्रदर्शन किया जाएगा। यह सांकेतिक प्रदर्शन दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक रायगढ़ रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार पर आयोजित होगा। ट्रेड यूनियन काउंसिल ने विभिन्न बिरादराना, सामाजिक, कर्मचारी और किसान संगठनों के साथ आम नागरिकों से भी प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।

ट्रेड यूनियन काउंसिल के अनुसार, रायगढ़वासियों के लिए रेलवे टर्मिनल स्थापित किए जाने की घोषणा आज ही के दिन 28 वर्ष पहले तत्कालीन रेल मंत्री नीतीश कुमार द्वारा की गई थी, लेकिन अब तक यह घोषणा पूरी नहीं हो सकी है। संगठन का कहना है कि रेलवे टर्मिनल की मांग के साथ-साथ रायगढ़ से उत्तर भारत और दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों के लिए सीधी रेल सुविधाओं की मांग भी लंबे समय से लंबित है।

काउंसिल के मुताबिक, रायगढ़ रेलवे स्टेशन के पुनर्निर्माण का काम भी अपेक्षित गति से नहीं चल रहा है। इसके कारण यात्रियों को स्टेशन पर बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने ट्रेनों के समय पर संचालन, रायगढ़ से गुजरने वाली सभी ट्रेनों का रायगढ़ स्टेशन पर ठहराव सुनिश्चित करने और लंबित ठहराव की मांगों को पूरा करने की आवश्यकता भी उठाई है।

इसके अलावा नई ट्रेनों के संचालन और नर्मदा एक्सप्रेस का विस्तार रायगढ़ तक किए जाने की मांग भी लंबित बताई गई है। ट्रेड यूनियन काउंसिल का कहना है कि इन मांगों को लेकर पहले भी रेलवे अधिकारियों के समक्ष ज्ञापन और मांग पत्र सौंपे जा चुके हैं, लेकिन कई मांगों पर अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।

गत मार्च में रेल महाप्रबंधक के रायगढ़ आगमन के दौरान ट्रेड यूनियन काउंसिल, रायगढ़ ने उन्हें क्षेत्र की रेल समस्याओं से अवगत कराया था। इस दौरान संगठन की ओर से 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया था। ज्ञापन में विशेष रूप से रायगढ़ को रेलवे टर्मिनल के रूप में विकसित करने और दक्षिण भारत तथा उत्तर भारत के प्रमुख शहरों के लिए सीधी रेल सेवा शुरू करने की मांग प्रमुखता से रखी गई थी।

इसके कुछ माह बाद प्रयागराज से विशाखापत्तनम के बीच साप्ताहिक ट्रेन का संचालन शुरू किया गया। ट्रेन सेवा शुरू होने पर रायगढ़ और आसपास के क्षेत्र के नागरिकों में खुशी का माहौल बना था। ट्रेन के रायगढ़ से गुजरने के अवसर पर ट्रेड यूनियन काउंसिल और स्थानीय नागरिकों ने बैंड-बाजे के साथ स्वागत किया था। ट्रेन को फूलों से सजाया गया और यात्रियों को मिठाई वितरित कर खुशी जताई गई थी।

हालांकि, संगठन के अनुसार इसके बाद अचानक इस साप्ताहिक ट्रेन का संचालन बंद कर दिया गया। ट्रेन सेवा बंद होने से क्षेत्रवासियों में निराशा और आक्रोश की स्थिति बनी है। काउंसिल ने ट्रेन संचालन बंद किए जाने का कारण स्पष्ट करने और इसे दोबारा नियमित रूप से संचालित करने की मांग को लेकर रेल प्रबंधक, रायगढ़ के माध्यम से बिलासपुर के महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपा है।

ट्रेड यूनियन काउंसिल का कहना है कि यात्रियों की सुविधाओं से संबंधित मांगों को लेकर इससे पहले भी मांग पत्र सौंपा गया था, लेकिन कई मांगें अब तक लंबित हैं। इन्हीं लंबित मांगों की ओर रेलवे प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से 14 सितंबर को सांकेतिक प्रदर्शन का निर्णय लिया गया है।

काउंसिल के अध्यक्ष शेख कलीमुल्लाह ने बिरादराना संगठनों, सामाजिक संगठनों, कर्मचारी संगठनों, किसान संगठनों और आम नागरिकों से प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि रायगढ़ की रेल सुविधाओं से जुड़ी लंबित मांगों को लेकर एकजुटता प्रदर्शित करने और रेलवे प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए नागरिकों की सहभागिता जरूरी है।

ट्रेड यूनियन काउंसिल के सचिव श्याम जायसवाल ने बताया कि प्रदर्शन सोमवार को दोपहर 12 से 1 बजे तक रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार पर होगा। संगठन की ओर से इसे सांकेतिक ध्यानाकर्षण प्रदर्शन बताया गया है, जिसका उद्देश्य रायगढ़ की लंबित रेल मांगों को रेलवे प्रशासन के समक्ष फिर से प्रमुखता से रखना है।

फिलहाल रायगढ़ में रेलवे टर्मिनल की पुरानी घोषणा, प्रमुख शहरों के लिए सीधी रेल सेवाएं, ट्रेनों के ठहराव, नई ट्रेनों के संचालन, नर्मदा एक्सप्रेस को रायगढ़ तक चलाने और स्टेशन की सुविधाओं से जुड़े मुद्दे प्रदर्शन के केंद्र में हैं। ट्रेड यूनियन काउंसिल का कहना है कि इन मांगों को लेकर आज होने वाले प्रदर्शन के माध्यम से रायगढ़वासियों की अपेक्षाओं को रेलवे प्रशासन तक पहुंचाया जाएगा। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v