Political News: PM आवास पर आमने-सामने भूपेश-विजय! 1 घंटे 20 मिनट चली बहस, आंकड़ों पर भिड़े दोनों नेता

Political News: छत्तीसगढ़ की सियासत में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के दो बड़े नेता पहली बार खुले मंच पर आमने-सामने नजर आए। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच पीएम आवास योजना को लेकर करीब 1 घंटे 20 मिनट तक बहस हुई। दोनों नेताओं ने अपने-अपने दावों के समर्थन में आंकड़े पेश किए और एक-दूसरे के सवालों का जवाब दिया। रायपुर प्रेस क्लब में इस डिबेट का लाइव प्रसारण भी किया गया।

प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर दोनों नेताओं ने एक-दूसरे की चुनौती स्वीकार की थी। इसके बाद आमने-सामने ओपन डिबेट तय की गई। बहस के दौरान जहां भूपेश बघेल ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में लाखों मकानों को स्वीकृति दिए जाने और केंद्र से राशि नहीं मिलने का दावा किया, वहीं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भाजपा सरकार के कार्यकाल में बड़ी संख्या में आवास पूरे होने और केंद्र से राशि मिलने की बात कही।

डिबेट में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आमने-सामने चर्चा होने से स्थिति और स्पष्ट होती है। उन्होंने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में 17 लाख 75 हजार पीएम आवास पूर्ण किए गए हैं और इसके पूरे आंकड़े भारत सरकार की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। विजय शर्मा ने यह भी कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ ने देश में सर्वाधिक पीएम आवास बनाए हैं।

विजय शर्मा के अनुसार, पिछली सरकार के कार्यकाल में वित्तीय वर्ष के लिए स्वीकृत आवास पूर्ण नहीं हो पाए थे। उन्होंने दावा किया कि पांच वर्षों में वित्तीय स्वीकृति करीब 3,900 करोड़ रुपये की थी और कांग्रेस सरकार के दौरान 3 लाख आवास पूर्ण हुए। इसके विपरीत उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने ढाई वर्ष के कार्यकाल में करीब 16 हजार करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने डिबेट के दौरान कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के आंकड़े सामने रखे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में 3 लाख 48 हजार 960 घर स्वीकृत हुए थे, जिनमें से 1 लाख 39 हजार मकान पूर्ण हुए। उन्होंने वर्ष 2020-21 का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान 1 लाख 97 हजार 811 आवास का लक्ष्य था और 1 लाख 22 हजार आवास पूरे किए गए।

भूपेश बघेल ने कोरोना काल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कोरोना के दौरान किसी भी सरकार के पास पर्याप्त पैसा नहीं था। उनके अनुसार, वर्ष 2022-23 में पीएम आवास का पोर्टल बंद कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने भारत सरकार से अपना पैसा मांगा और इस संबंध में पत्राचार भी किया गया।

पूर्व मुख्यमंत्री ने 2011 की जनगणना का हवाला देते हुए कहा कि उस आधार पर 18 लाख आवास बाकी थे। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने इनमें से 6 लाख 97 हजार आवास स्वीकृत किए थे। आंकड़े पेश किए जाने के दौरान विजय शर्मा ने मंच से कहा कि एक बार गणना पूरी की जानी चाहिए और गणित सही होना चाहिए।

डिबेट के दौरान पीएम आवास योजना के पोर्टल को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई। विजय शर्मा ने कहा कि पीएम आवास का पोर्टल बंद नहीं था और कोरोना काल में भी राशि आ रही थी। उन्होंने कहा कि विषय पोर्टल का नहीं था। विजय शर्मा ने भूपेश बघेल के पुराने कथित बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास है तो प्रधानमंत्री ही जाने और पूरी राशि अपनी तरफ से देने की बात कही गई थी।

इस पर भूपेश बघेल ने कहा कि कोरोना काल में केंद्र सरकार ने राशि जारी नहीं की थी और पोर्टल बंद था। उन्होंने कहा कि सही क्या था, इसका पता पत्रकार स्वयं लगा लेंगे और यह भी देख लेंगे कि कौन सच बोल रहा है। बघेल ने यह भी दावा किया कि 25 सितंबर 2023 से दिसंबर 2024 तक 18 लाख मकान स्वीकृत किए गए।

बहस के दौरान विजय शर्मा ने तत्कालीन मंत्री टीएस सिंहदेव के पत्र का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि टीएस सिंहदेव ने राशि नहीं मिल पाने की वजह से पीएम आवास नहीं बन पाने की बात लिखी थी और इसी कारण इस्तीफा देने की बात कही थी। विजय शर्मा ने भूपेश बघेल के उस कथित बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें प्रधानमंत्री आवास का नाम प्रधानमंत्री से जुड़ा होने पर प्रधानमंत्री के ही जानने की बात कही गई थी।

पोर्टल बंद होने के दावे पर विजय शर्मा ने कहा कि यह कहना गलत था कि पोर्टल बंद था। उन्होंने बहस के दौरान कहा कि “ग्रोक से पूछिए, सच बताएगा।” इस पर दोनों नेताओं के बीच पीएम आवास योजना से जुड़े आंकड़ों और दावों को लेकर बहस आगे बढ़ी।

डिबेट के दौरान दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आंकड़े और दावे रखे गए। भूपेश बघेल ने अपने कार्यकाल में स्वीकृत और पूर्ण हुए आवासों के आंकड़ों के साथ केंद्र से राशि जारी नहीं होने तथा पोर्टल बंद होने का दावा किया। वहीं विजय शर्मा ने भाजपा सरकार के कार्यकाल में पूर्ण हुए आवासों और खर्च की गई राशि का उल्लेख करते हुए पोर्टल बंद होने के दावे को खारिज किया।

रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित इस बहस के दौरान अव्यवस्था को लेकर पत्रकारों ने भी नाराजगी जताई। दोनों नेताओं की ओर से रखे गए दावों के बाद पीएम आवास योजना को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर आंकड़ों और जिम्मेदारी को लेकर बहस तेज होती नजर आई। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v