Raigarh News: रायगढ़ में 21 किसानों की फसल रौंदी, बस्ती तक पहुंचा हाथी; 14 के दल ने मचाई तबाही

Raigarh News: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हाथियों की बढ़ती मौजूदगी से ग्रामीण इलाकों में चिंता बढ़ गई है। रविवार रात हाथियों के अलग-अलग दल कई गांवों के खेतों तक पहुंच गए और 21 किसानों की धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। इस दौरान एक हाथी बस्ती तक भी पहुंच गया, जहां उसने सुंदर साय के कच्चे मकान की दीवार क्षतिग्रस्त कर दी। राहत की बात यह रही कि घटनाओं में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। वन विभाग के अनुसार, रायगढ़ जिले के दोनों वन मंडलों में कुल 139 हाथी विचरण कर रहे हैं। हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विभाग ड्रोन से निगरानी के साथ गांवों में मुनादी भी करा रहा है।

कई गांवों में खेतों तक पहुंचे हाथी

धरमजयगढ़ वन मंडल के लैलूंगा रेंज के बनेकेला और झगरपुर में हाथियों ने तीन किसानों की धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। रात के समय हाथियों के खेतों में पहुंचने से किसानों की खड़ी फसल प्रभावित हुई है।

इसी तरह धरमजयगढ़ वन परिक्षेत्र के धरमपुर में हाथियों का दल घनश्याम और कृष्ण यादव के चार खेतों तक पहुंचा। यहां धान की फसल को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद कोयलार गांव में भी हाथियों ने किसानों के खेतों को निशाना बनाया। यहां धनाराम, लुधुराम, रत्नाराम और कुमार राठिया की फसल को नुकसान पहुंचाया गया।

गेरसा में किसान बैजनाथ के खेत में भी हाथियों के पहुंचने की जानकारी है। यहां हाथियों ने धान की फसल को रौंद दिया।

14 हाथियों के दल ने नौ किसानों की फसल रौंदी

बोरो रेंज के पोरिया, बताती और किंध्रा क्षेत्र में 14 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। इस दल ने नौ किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाया।

प्रभावित किसानों में रामप्रसाद, राजेश्वर, बुधराम, रामलाल, रामकुमार, विनोद, मोहर, राम प्रधान और रामकुमार सान शामिल हैं। इन किसानों की धान की फसल हाथियों के खेतों में पहुंचने से प्रभावित हुई है।

धान की फसल के सीजन में हाथियों का खेतों तक पहुंचना किसानों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन रहा है। रात में हाथियों के आने के कारण ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की जरूरत पड़ रही है।

बस्ती तक पहुंचा हाथी, मकान क्षतिग्रस्त

हाथियों की गतिविधि सिर्फ खेतों तक सीमित नहीं रही। बकरूमा रेंज के रैरूमा में रात के अंधेरे में एक हाथी बस्ती तक पहुंच गया।

यहां हाथी ने सुंदर साय के कच्चे मकान की दीवार को क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के दौरान घर और आसपास के इलाके में हाथी की मौजूदगी से ग्रामीणों के बीच चिंता की स्थिति बनी। हालांकि, इस घटना में भी किसी व्यक्ति के घायल होने या जनहानि की जानकारी नहीं है।

वन विभाग की ओर से लगातार ग्रामीणों को हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।

रायगढ़ में 139 हाथियों की मौजूदगी

विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार, रायगढ़ जिले के दोनों वन मंडलों में कुल 139 हाथी विचरण कर रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा 112 हाथी धरमजयगढ़ वन मंडल में मौजूद हैं।

धरमजयगढ़ वन मंडल में मौजूद 112 हाथियों में 36 नर, 47 मादा और 29 शावक शामिल हैं। बड़ी संख्या में हाथियों की मौजूदगी के कारण वन विभाग को लगातार अलग-अलग क्षेत्रों में उनकी गतिविधियों पर नजर रखनी पड़ रही है।

वहीं, रायगढ़ वन मंडल के बंगुरसिया पश्चिम क्षेत्र में भी 27 हाथियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। इनमें छह नर, 16 मादा और पांच शावक शामिल हैं।

इस तरह जिले के दोनों वन मंडलों को मिलाकर हाथियों की संख्या 139 बताई गई है। हाथियों के अलग-अलग दलों में विचरण करने के कारण कई ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी आवाजाही बनी हुई है।

ड्रोन से हाथियों की निगरानी

हाथियों की बड़ी संख्या को देखते हुए वन विभाग की ओर से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। हाथियों की लोकेशन और गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

ड्रोन निगरानी का उद्देश्य हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों की जानकारी जुटाना और उनके आसपास बसे गांवों को समय रहते सतर्क करना है। इसके अलावा वन विभाग की टीम हाथियों के मूवमेंट पर लगातार नजर बनाए हुए है।

जिन गांवों के आसपास हाथियों की मौजूदगी की जानकारी मिल रही है, वहां मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है। ग्रामीणों को हाथियों से दूरी बनाए रखने और सावधानी बरतने के लिए कहा जा रहा है।

अकेले जंगल जाने से मना

वन विभाग ग्रामीणों को अकेले जंगल की ओर नहीं जाने की सलाह दे रहा है। खासतौर पर उन इलाकों में अतिरिक्त सावधानी बरतने के लिए कहा जा रहा है, जहां हाथियों की मौजूदगी सामने आई है।

रात के समय हाथियों के खेतों और बस्तियों के आसपास पहुंचने की घटनाओं को देखते हुए ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। विभाग की ओर से मुनादी के माध्यम से लोगों तक जानकारी पहुंचाई जा रही है, ताकि हाथियों और ग्रामीणों के बीच किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो।

फसल नुकसान से किसानों की चिंता बढ़ी

एक ही रात में अलग-अलग क्षेत्रों में 21 किसानों की धान की फसल को नुकसान पहुंचने से ग्रामीण इलाकों में चिंता बढ़ी है। किसानों के लिए धान की फसल का नुकसान सीधे तौर पर उनकी मेहनत और कृषि उपज से जुड़ा है।

वहीं, बस्ती तक हाथी पहुंचने और कच्चे मकान की दीवार क्षतिग्रस्त होने की घटना ने मानव-हाथी संघर्ष की चुनौती को भी सामने ला दिया है। फिलहाल वन विभाग हाथियों की निगरानी और ग्रामीणों को सतर्क करने के उपायों पर लगातार काम कर रहा है।

घटनाओं में किसी जनहानि की सूचना नहीं है। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार जिले में 139 हाथियों की मौजूदगी के बीच निगरानी, मुनादी और ग्रामीणों को सावधान करने की प्रक्रिया जारी है। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v