जानकारी के मुताबिक दुर्ग एनएच-53 के टेडेसरा से आरंग भारतमाला कॉरिडोर के बीच आठ गांवों के दायरे में नया टोल प्लाजा बनाया जा सकता है। इस फैसले के बाद आम लोगों, व्यापारियों और रोजाना सफर करने वाले वाहन चालकों की चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि पहले से मौजूद टोल प्लाजा के कारण सफर महंगा हो चुका है और अब नए टोल से आर्थिक बोझ और बढ़ेगा।
इन 8 गांवों के बीच कहीं भी बन सकता है नया टोल प्लाजा
मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार:
- थनौद,
- धनोरा,
- कोलिहापुरी,
- उमरपोटी,
- हनौदा,
- खोपली,
- पिसेगांव,
- और पुरई
इन आठ गांवों के बीच 3.5 किलोमीटर से लेकर 24 किलोमीटर के दायरे में कहीं भी नया टोल प्लाजा स्थापित किया जा सकता है।
NHAI अधिकारियों के अनुसार 92 किलोमीटर लंबे फोरलेन कॉरिडोर का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इसी वजह से अब टोल संचालन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
भारतमाला प्रोजेक्ट के साथ बढ़ेगा टोल नेटवर्क
प्रदेश में रायपुर-विशाखापट्टनम भारतमाला कॉरिडोर समेत कई बड़ी सड़क परियोजनाएं तेजी से पूरी हो रही हैं।
अधिकारियों का कहना है कि:
- अगले दो वर्षों में प्रदेश में 7 से अधिक नए टोल प्लाजा शुरू हो सकते हैं,
- जबकि रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर में लगभग हर 25 किलोमीटर पर टोल प्लाजा प्रस्तावित बताया जा रहा है।
यानी हाईवे पर सफर भले तेज और आधुनिक हो जाए, लेकिन यात्रियों की जेब पर इसका असर साफ दिखाई देगा।
60 किलोमीटर नियम पर उठे सवाल
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के नियमों के अनुसार सामान्यतः दो टोल प्लाजा के बीच कम से कम 60 किलोमीटर की दूरी होना जरूरी माना जाता है।
लेकिन छत्तीसगढ़ में मौजूदा स्थिति इस नियम पर सवाल खड़े कर रही है।
सरायपाली से राजनांदगांव तक:
- औसतन 46 किलोमीटर की दूरी पर
- 5 से 6 टोल प्लाजा सक्रिय बताए जा रहे हैं।
इनमें:
- छुईपाली,
- ढांक,
- मंदिर हसौद,
- कुम्हारी,
- दुर्ग बायपास,
- और प्रस्तावित टेडेसरा टोल शामिल हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कम दूरी में लगातार टोल प्लाजा होने से आम यात्रियों और ट्रांसपोर्ट कारोबार पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है।
प्रदेश में टोल टैक्स पहले ही हो चुका है महंगा
प्रदेश के टोल प्लाजा में हाल ही में टोल शुल्क बढ़ाया गया है।
1 अप्रैल से:
- रायपुर,
- बिलासपुर,
- कोरबा,
- अंबिकापुर,
- रायगढ़ सहित कई मार्गों पर टोल दरों में 1 से 10 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई थी।
इसके अलावा:
- वार्षिक पासधारकों को भी अतिरिक्त शुल्क देना पड़ रहा है,
- हालांकि स्थानीय पासधारकों को कुछ राहत दी गई है।
अब नए टोल प्लाजा की तैयारी से लोगों में नाराजगी बढ़ती दिखाई दे रही है।
ट्रांसपोर्ट कारोबारियों की बढ़ी चिंता
ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ते टोल टैक्स का सीधा असर:
- मालभाड़े,
- व्यापारिक लागत,
- और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है।
व्यापारियों का कहना है कि:
- डीजल की बढ़ती कीमत,
- महंगा टोल टैक्स,
- और लंबे रूट खर्च ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर भारी दबाव बना रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हर 25-30 किलोमीटर पर टोल वसूली होगी तो लॉजिस्टिक्स लागत में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है।
कुम्हारी टोल बंद करने की घोषणा भी चर्चा में
इसी बीच रायपुर लोकसभा सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता Brijmohan Agrawal ने हाल ही में दावा किया था कि जून 2026 तक कुम्हारी टोल प्लाजा पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
उन्होंने NHAI और अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद कहा था कि:
- लाखों लोगों को वर्षों पुरानी समस्या से राहत मिलेगी,
- और मार्च 2026 के बाद कुछ नए टेंडर पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
हालांकि अब नए टोल प्लाजा की अधिसूचना जारी होने के बाद लोगों के बीच कई सवाल उठने लगे हैं।
आम यात्रियों पर पड़ेगा सीधा असर
रोजाना रायपुर-दुर्ग मार्ग पर यात्रा करने वाले लोगों का कहना है कि:
- नौकरीपेशा लोग,
- छोटे व्यापारी,
- और दैनिक यात्री सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।
कई लोगों का कहना है कि:
- पहले पेट्रोल-डीजल महंगा हुआ,
- फिर टोल टैक्स बढ़ा,
- और अब नए टोल प्लाजा की तैयारी शुरू हो गई है।
इससे दैनिक यात्रा का खर्च काफी बढ़ सकता है।
दावा-आपत्ति प्रक्रिया शुरू
मंत्रालय ने जमीन अधिग्रहण को लेकर दावा-आपत्ति प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
यदि किसी ग्रामीण या भूमि स्वामी को आपत्ति है तो वे निर्धारित समय के भीतर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
फिलहाल:
- अंतिम स्थान तय नहीं हुआ है,
- लेकिन आठ गांवों के बीच किसी भी क्षेत्र में टोल प्लाजा बनाया जा सकता है।
हाईवे विकास बनाम जनता पर आर्थिक बोझ
विशेषज्ञों का मानना है कि:
- आधुनिक सड़कें विकास के लिए जरूरी हैं,
- लेकिन लगातार बढ़ते टोल प्लाजा लोगों पर आर्थिक दबाव भी बढ़ा रहे हैं।
प्रदेश में भारतमाला परियोजना के तहत सड़क नेटवर्क तेजी से मजबूत हो रहा है, लेकिन अब लोगों की निगाहें इस बात पर हैं कि सरकार आम यात्रियों को राहत देने के लिए क्या कदम उठाती है।
सोशल मीडिया पर तेज हुई चर्चा
नए टोल प्लाजा की खबर सामने आने के बाद सोशल Media पर:
- “CG Toll Plaza”,
- “NH53 Toll News”,
- “Bharatmala Toll Tax”,
- और “Raipur Durg Toll” जैसे कीवर्ड तेजी से ट्रेंड कर रहे हैं।
कई लोग सरकार के फैसले का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कई लोग इसे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बता रहे हैं। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v





