NEET Paper Leak 2026: NTA के अंदरूनी सूत्र से लीक हुआ था पेपर! CBI का बड़ा खुलासा, 2 और आरोपी गिरफ्तार

NEET Paper Leak 2026: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ा खुलासा किया है। CBI ने दिल्ली की अदालत को बताया कि NEET-UG 2026 का प्रश्नपत्र National Testing Agency (NTA) के अंदरूनी सूत्र से लीक हुआ था। जांच एजेंसी के अनुसार पेपर सबसे पहले NTA से जुड़े एक व्यक्ति के जरिए पुणे तक पहुंचा और फिर वहां से आरोपियों के नेटवर्क में फैलाया गया।

इस खुलासे के बाद शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। देशभर में लाखों छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी देखी जा रही है।

अदालत में CBI का बड़ा दावा

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेशी के दौरान CBI ने बताया कि आरोपी शुभम खैरनार को NEET का पेपर पुणे के एक व्यक्ति से मिला था। उस व्यक्ति को यह पेपर उसके “NTA source” से प्राप्त हुआ था।

विशेष न्यायाधीश अजय कुमार गुप्ता ने अपने आदेश में भी इस बात का उल्लेख किया है। CBI अब उन NTA अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों की पहचान करने में जुटी है, जिनकी भूमिका इस पूरे पेपर लीक कांड में हो सकती है।

परीक्षा से पहले Telegram पर घूम रहा था पेपर

CBI के अनुसार 29 अप्रैल को ही Telegram पर 500 से 600 सवालों वाला PDF शेयर किया जा रहा था, जबकि परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी। जांच में पाया गया कि इन सवालों में से 180 प्रश्न असली NEET-UG 2026 पेपर से पूरी तरह मेल खाते थे।

इस खुलासे के बाद सरकार ने 12 मई को NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी थी। इस परीक्षा में देशभर के 551 शहरों में लगभग 22.7 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था।

7 दिन की CBI रिमांड पर भेजे गए आरोपी

कोर्ट ने पांच आरोपियों को सात दिन की CBI हिरासत में भेज दिया है। इनमें गुरुग्राम का यश यादव, जयपुर के मंगीलाल खटीक, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल और नासिक का शुभम खैरनार शामिल हैं।

इसके अलावा CBI ने गुरुवार को पुणे की मनीषा वाघमारे और अहिल्यानगर के धनंजय लोखंडा को भी गिरफ्तार किया है। एजेंसी लगातार अलग-अलग राज्यों में छापेमारी कर रही है।

14 जगहों पर छापेमारी, मोबाइल और चैट बरामद

CBI ने पिछले 24 घंटों में 14 स्थानों पर रेड की कार्रवाई की। जांच एजेंसी को मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड, लीक हुए प्रश्नपत्र और कई डिजिटल सबूत मिले हैं।

कुछ आरोपियों द्वारा डिलीट किया गया डेटा भी रिकवर किया जा रहा है, जिसकी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। CBI की टीम NTA मुख्यालय भी पहुंची और वहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए।

₹10 लाख में हुआ था सौदा

CBI की जांच में सामने आया कि आरोपी शुभम खैरनार ने यश यादव को पेपर उपलब्ध कराया था। इसके बाद यश यादव ने राजस्थान के मंगीलाल खटीक से संपर्क किया।

मंगीलाल अपने बेटे के लिए लीक पेपर खरीदना चाहता था। दोनों के बीच ₹10 लाख में सौदा तय हुआ था। शर्त यह थी कि कम से कम 150 सवाल असली पेपर से मैच होने चाहिए।

इसके बाद प्रश्नपत्रों को प्रिंट कर रिश्तेदारों और अन्य परीक्षार्थियों में बांटा गया। आरोपियों ने WhatsApp और Instagram के जरिए भी कई छात्रों तक पहुंच बनाने की कोशिश की।

NTA अधिकारियों की भूमिका जांच के घेरे में

CBI ने अदालत को बताया कि अब सबसे महत्वपूर्ण कड़ी उस “NTA source” की पहचान करना है, जहां से पेपर बाहर निकला। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र NTA की सुरक्षा व्यवस्था से बाहर कैसे पहुंचा।

सरकारी अधिकारियों, प्रिंटिंग प्रेस कर्मचारियों और अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। CBI का कहना है कि यह सिर्फ पेपर लीक नहीं, बल्कि एक बड़ा संगठित नेटवर्क हो सकता है।

छात्रों में गुस्सा, परीक्षा प्रणाली पर उठे सवाल

NEET परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर के छात्रों में भारी नाराजगी है। लाखों छात्रों ने महीनों की तैयारी के बाद परीक्षा दी थी। अब दोबारा परीक्षा की संभावना से छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ गया है।

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अगर राष्ट्रीय स्तर की सबसे बड़ी परीक्षाओं में भी पेपर लीक हो रहे हैं, तो यह देश की परीक्षा प्रणाली के लिए गंभीर खतरे का संकेत है।

आगे क्या होगा?

CBI अब पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। एजेंसी को शक है कि इस गिरोह में और भी कई लोग शामिल हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

सरकार और NTA पर अब परीक्षा सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने का दबाव बढ़ गया है। मामले की जांच देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v