बस स्टैंड में संदिग्ध हालत में घूम रहा था आरोपी
जानकारी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि कांकेर के नए बस स्टैंड इलाके में एक युवक संदिग्ध अवस्था में घूम रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम सक्रिय हुई और घेराबंदी कर युवक को हिरासत में लिया गया।
जब पुलिस ने युवक के बैग की तलाशी ली तो उसमें बड़ी मात्रा में नकदी मिली। शुरुआती जांच में नोटों की गुणवत्ता संदिग्ध लगी, जिसके बाद पुलिस ने गहन जांच की। जांच में सभी नोट नकली पाए गए। इसके बाद पुलिस ने आरोपी से सख्ती से पूछताछ शुरू की।
घर में चला रहा था नकली नोट छापने की फैक्ट्री
कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल कुमार राखेचा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान कांकेर निवासी युगल नाग के रूप में हुई है। आरोपी पिछले करीब छह महीनों से अपने घर में ही नकली नोट छापने का अवैध कारोबार चला रहा था।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी हाई-टेक मशीनों और कंप्यूटर सिस्टम की मदद से नकली नोट तैयार करता था। वह एक ही पेज पर नोट के दोनों हिस्सों को बेहद बारीकी से प्रिंट करता था ताकि वे असली नोट जैसे दिखाई दें। इसके बाद कटर मशीन से नोटों को सावधानीपूर्वक काटा जाता था।
पुलिस ने आरोपी के घर पर छापा मारकर कंप्यूटर, कलर प्रिंटर, स्कैनर, कटर मशीन और नोट प्रिंटिंग में इस्तेमाल होने वाले अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।
कर्ज और नशे की लत बनी अपराध की वजह
पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह भारी कर्ज में डूबा हुआ था और नशे का आदी भी बन चुका था। आर्थिक तंगी और गलत संगत के कारण उसने नकली नोट छापने का रास्ता चुना।
आरोपी ने घर में ही नकली नोट तैयार करने का पूरा सेटअप बना लिया था। पुलिस के मुताबिक वह लंबे समय से जाली नोट तैयार कर उन्हें बाजार में खपाने की कोशिश कर रहा था। जिस समय पुलिस ने उसे पकड़ा, वह बस स्टैंड इलाके में नकली नोट चलाने की तैयारी में था।
पुलिस अब तलाश रही नेटवर्क से जुड़े लोग
मामले के सामने आने के बाद पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने नकली नोट बनाने की तकनीक कहां से सीखी और उसके साथ इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी अब तक कितने नकली नोट बाजार में खपा चुका है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और मोबाइल डेटा की जांच की जा रही है ताकि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।
एसपी निखिल राखेचा ने बताया कि मामले की जांच हर एंगल से की जा रही है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।
असली जैसे दिख रहे थे नकली नोट
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी द्वारा तैयार किए गए नकली नोट पहली नजर में असली नोट जैसे दिखाई दे रहे थे। यही वजह है कि आरोपी उन्हें आसानी से बाजार में चलाने की योजना बना रहा था।
विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के कारण नकली नोट तैयार करना आसान होता जा रहा है। ऐसे मामलों में सतर्कता बेहद जरूरी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध नोट की जानकारी तुरंत पुलिस या बैंक को दें।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। नकली नोटों का कारोबार देश की आर्थिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा माना जाता है। ऐसे मामलों में अक्सर संगठित गिरोह शामिल होते हैं, जो विभिन्न राज्यों तक नेटवर्क फैलाकर जाली नोट खपाने का काम करते हैं।
फिलहाल पुलिस आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है और बरामद डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v





