Jhiram Ghaati News: अंतिम बहस पूरी होने की ओर, आज बचाव पक्ष रखेगा दलील

Jhiram Ghaati News: झीरम घाटी नक्सली हमले से जुड़े मामले की सुनवाई अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। जगदलपुर जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर स्थित एनआईए की विशेष अदालत में सोमवार को मामले की अंतिम बहस शुरू हुई। अदालत ने पूरे दिन अभियोजन पक्ष की अंतिम दलीलें सुनीं, लेकिन न्यायालयीन समय समाप्त होने के कारण बहस पूरी नहीं हो सकी। अब मंगलवार को बचाव पक्ष को अपनी अंतिम दलीलें रखने का अवसर मिलेगा। दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत आगे की न्यायिक प्रक्रिया तय करेगी।

अभियोजन पक्ष ने रखीं अंतिम दलीलें

सोमवार को एनआईए की विशेष अदालत में मामले की अंतिम बहस शुरू हुई। शासन की ओर से अभियोजन पक्ष ने मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अपनी दलीलें अदालत के सामने रखीं।

पूरे न्यायालयीन समय के दौरान अभियोजन पक्ष की अंतिम दलीलें सुनी गईं। हालांकि समय समाप्त होने के कारण बहस पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।

शासन की ओर से मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश पाणिग्रही पैरवी कर रहे हैं।

आज बचाव पक्ष की होगी दलील

अब मंगलवार को मामले की सुनवाई दोबारा होगी। इस दौरान बचाव पक्ष को अपनी अंतिम दलीलें रखने का अवसर मिलेगा।

बचाव पक्ष की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया तय करेगी। इसके बाद अदालत फैसला सुरक्षित रख सकती है या निर्णय सुनाने के लिए अगली तारीख निर्धारित कर सकती है।

फिलहाल मामले में फैसला सुनाए जाने की तारीख तय नहीं हुई है।

25 मई 2013 को हुआ था हमला

झीरम घाटी हमला 25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के दौरान हुआ था। दरभा क्षेत्र की झीरम घाटी में हुए इस बड़े नक्सली हमले में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, वरिष्ठ नेता महेंद्र कर्मा और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल समेत कई लोगों की मौत हुई थी।

हमले में सुरक्षाकर्मियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं समेत बड़ी संख्या में लोग मारे गए थे। घटना के बाद यह मामला देश के सबसे चर्चित नक्सली हमलों में शामिल हो गया।

हमले के बाद से ही इसकी जांच और न्यायिक प्रक्रिया लंबे समय से जारी है।

11 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन

मामले में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन चल रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इनमें से एक आरोपी की मौत हो चुकी है, जबकि अन्य आरोपियों के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया जारी है।

मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अब तक 101 गवाहों के बयान अदालत में दर्ज कराए जा चुके हैं। गवाहों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामला अब अंतिम बहस के चरण में पहुंचा है।

अब अदालत में दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें पूरी होना महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।

फैसले से पहले पूरी होगी न्यायिक प्रक्रिया

अभियोजन और बचाव पक्ष की अंतिम दलीलें सुनने के बाद ही अदालत मामले में आगे बढ़ेगी। दोनों पक्षों का पक्ष सुनना न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

बचाव पक्ष की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करेगी। इसके बाद फैसला सुरक्षित रखने या निर्णय के लिए अगली तारीख तय करने का विकल्प अदालत के पास होगा।

इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि मामले में फैसला किस तारीख को आएगा।

शहीदों के परिजनों की नजर अगली सुनवाई पर

झीरम घाटी हमला छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े राजनीतिक और नक्सली हमलों में शामिल रहा है। मामले की सुनवाई अंतिम बहस तक पहुंचने के बाद अब शहीदों के परिजनों और राजनीतिक-सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की नजर अदालत की अगली कार्रवाई पर है। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v