Finland Missing Indian Student Case: दो महीने से लापता हैदराबाद के छात्र का शव मिला, परिवार ने उठाए जांच पर सवाल

Finland Missing Indian Student Case: फिनलैंड में पिछले दो महीनों से लापता भारतीय छात्र मणिदीप रेड्डी (18) का शव हेलसिंकी में बरामद हुआ है। फिनलैंड पुलिस ने समुद्र में मिले शव की पहचान हैदराबाद निवासी मणिदीप रेड्डी के रूप में की है। हालांकि, पुलिस ने प्रारंभिक जांच में किसी आपराधिक साजिश की आशंका से इनकार किया है, लेकिन छात्र के परिवार ने मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग की है।

5 मई से थे लापता

मणिदीप रेड्डी तेलंगाना के हैदराबाद के रहने वाले थे और फिनलैंड के Lappeenranta-Lahti University of Technology में Software and Systems Engineering की पढ़ाई कर रहे थे। वह 5 मई 2026 को लाहटी से ट्रेन के जरिए हेलसिंकी पहुंचे थे। सीसीटीवी फुटेज में उन्हें हेलसिंकी के एक सुपरमार्केट और बाद में एक बर्गर आउटलेट में देखा गया था। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चला।

समुद्र से मिला शव, सामान से हुई पहचान

फिनलैंड पुलिस के अनुसार, 9 जुलाई को हेलसिंकी के Kruunuvuorenranta इलाके में तलाशी अभियान के दौरान समुद्र से एक शव बरामद हुआ। शव के पास मिले पर्स, फिनिश पहचान पत्र, उनकी मां के बैंक कार्ड और भारतीय मुद्रा के आधार पर उनकी पहचान की पुष्टि की गई।

पुलिस ने कहा है कि मौत के कारणों की जांच नेशनल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन कर रहा है और फिलहाल किसी अपराध के संकेत नहीं मिले हैं।

परिवार ने उठाए कई सवाल

मणिदीप के परिवार का कहना है कि यह सामान्य मौत नहीं बल्कि संदिग्ध मामला है। परिवार के वकील ने आरोप लगाया कि फिनलैंड की एजेंसियां मामले से जुड़े कई तथ्यों को सार्वजनिक नहीं कर रही हैं। उन्होंने मांग की कि छात्र के लापता होने से लेकर मौत तक की पूरी परिस्थितियों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए।

परिवार का यह भी दावा है कि शुरुआत में पुलिस जांच की जानकारी साझा कर रही थी, लेकिन 29 मई के बाद अधिकारियों ने संवाद लगभग बंद कर दिया।

लापता होने के बाद भी हुआ था अकाउंट लॉगिन

परिवार के अनुसार, फिनलैंड पुलिस ने जांच के दौरान बताया था कि मणिदीप के विश्वविद्यालय खाते में 9 और 10 मई को लॉगिन दर्ज किया गया था, जबकि वह 5 मई से लापता थे। इन लॉगिन के लिए इस्तेमाल हुए डिवाइस और IP एड्रेस की भी जांच की जा रही थी।

मां से आखिरी बार की थी बात

परिजनों के मुताबिक, लापता होने से कुछ देर पहले मणिदीप ने अपनी मां से फोन पर बात की थी और अपने खाते में 6,000 रुपये भेजने का अनुरोध किया था। रकम ट्रांसफर कर दी गई, लेकिन बैंक रिकॉर्ड के अनुसार उस राशि का बाद में कोई उपयोग नहीं हुआ।

वीजा आवेदन भी हुआ था खारिज

परिवार ने बताया कि बेटे की तलाश के लिए वे फिनलैंड जाना चाहते थे, लेकिन उनका वीजा आवेदन पर्याप्त वित्तीय दस्तावेज नहीं होने का हवाला देकर अस्वीकार कर दिया गया। इस मामले को लेकर परिवार पहले ही तेलंगाना हाई कोर्ट का दरवाजा भी खटखटा चुका है। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v