CG Cyber Crime: Online Gaming के नाम पर 20 लाख की साइबर ठगी

CG Cyber Crime: राजधानी रायपुर में ऑनलाइन गेम के जरिए रकम दोगुनी करने का झांसा देकर एक आईटी प्रोफेशनल से करीब 20 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने फेसबुक पर दोस्ती कर धीरे-धीरे पीड़ित को एक फर्जी निवेश और गेमिंग प्लेटफॉर्म में फंसाया और लंबे समय तक अलग-अलग बहानों से रकम ट्रांसफर कराते रहे। मामला टिकरापारा थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह मामला एक बार फिर साइबर ठगी के बढ़ते नेटवर्क और सोशल मीडिया आधारित फ्रॉड की गंभीरता को उजागर करता है। फेसबुक से शुरू हुआ संपर्क, टेलीग्राम तक पहुंचा जाल

जानकारी के अनुसार देवपुरी स्थित हर्ष टावर निवासी फारूक शेख, जो आईटी मार्केटिंग का काम करते हैं, की अप्रैल 2025 में फेसबुक पर “अनाया चोपड़ा” नाम की एक युवती से बातचीत शुरू हुई। शुरुआती बातचीत सामान्य रही, लेकिन कुछ ही दिनों में इसे व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर शिफ्ट कर दिया गया। यहीं से ठगी का पूरा खेल शुरू हुआ। युवती ने पीड़ित को “टीकेटी ड्रीमविन” नामक ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म में निवेश करने पर रकम दोगुनी होने का लालच दिया। शुरुआत में छोटे निवेश कर भरोसा जीतने की कोशिश की गई, जिसके बाद धीरे-धीरे बड़े ट्रांजैक्शन कराए जाने लगे। टैक्स और कन्वर्जन के नाम पर लगातार ट्रांसफर कराई रकम

पीड़ित के अनुसार आरोपियों ने आठ मई 2025 से मार्च 2026 तक लगातार विभिन्न बहानों से पैसे जमा कराए। इनमें टैक्स क्लियरेंस, INR कन्वर्जन, प्रोसेसिंग फीस और अकाउंट अनलॉक जैसे फर्जी चार्ज शामिल थे। इन बहानों के जरिए पीड़ित से लगभग 20 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों और यूपीआई आईडी में ट्रांसफर कराए गए। कई बार लिमिट पूरी होने पर पीड़ित ने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के खातों का भी इस्तेमाल किया। जांच में सामने आया है कि यह रकम देश के कई राज्यों—दिल्ली, नोएडा, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक—के अलग-अलग बैंक खातों में भेजी गई, जिससे पूरे नेटवर्क की जटिलता स्पष्ट होती है। लाभ न मिलने पर संपर्क बंद, ठगी का हुआ खुलासा

जब लंबे समय तक निवेश के बावजूद कोई रिटर्न नहीं मिला, तो पीड़ित ने अपनी राशि वापस मांगनी शुरू की। इसके तुरंत बाद आरोपियों ने अपने सभी मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप और टेलीग्राम अकाउंट बंद कर दिए। संपर्क टूटने के बाद पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने साइबर थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर डिजिटल ट्रांजैक्शन और बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है। साइबर फ्रॉड का बढ़ता पैटर्न, फर्जी गेमिंग ऐप बन रहे नया हथियार साइबर विशेषज्ञों के अनुसार यह ठगी एक संगठित साइबर फ्रॉड पैटर्न का हिस्सा है, जिसमें सोशल मीडिया फ्रेंडशिप, फर्जी गेमिंग प्लेटफॉर्म और हाई रिटर्न स्कीम का इस्तेमाल किया जाता है। इस प्रकार के मामलों में पीड़ित को शुरुआत में छोटे लाभ दिखाकर भरोसा दिलाया जाता है, जिसके बाद बड़ी रकम निवेश कराई जाती है और अंत में पूरा संपर्क तोड़ दिया जाता है। पुलिस जांच में क्या होगा फोकस

पुलिस अब जिन खातों में पैसे ट्रांसफर हुए हैं, उनके धारकों की पहचान, आईपी एड्रेस ट्रैकिंग, डिजिटल पेमेंट गेटवे और मोबाइल नंबर की जांच कर रही है। साइबर सेल को आशंका है कि यह नेटवर्क कई राज्यों में सक्रिय हो सकता है। सावधानी जरूरी, नहीं तो बढ़ सकता है खतरा साइबर पुलिस ने आम नागरिकों को चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले अनजान व्यक्तियों की किसी भी निवेश सलाह पर भरोसा न करें। “डबल मनी”, “गारंटीड रिटर्न” या “जीरो रिस्क इन्वेस्टमेंट” जैसे दावों से सावधान रहने की आवश्यकता है। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v