सुबह बारिश ने बदला मौसम का मिजाज
शुक्रवार सुबह अचानक मौसम बदलने से राजधानी रायपुर सहित कई जिलों में बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, मुंगेली, लोरमी, रायगढ़ और आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। तेज हवाओं और बूंदाबांदी के कारण तापमान में गिरावट आई और लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की।
कई इलाकों में दिन के समय ही अंधेरा जैसा माहौल बन गया। तेज हवाओं के कारण सड़कों पर धूल उड़ती रही और कुछ जगहों पर पेड़ों की डालियां टूटने की खबर भी सामने आई। धमतरी और अन्य जिलों में आंधी के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ।
42 से 44 डिग्री तक पहुंचा था तापमान
प्रदेश में पिछले कई दिनों से तेज गर्मी का असर देखने को मिल रहा था। अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ था। राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म जिला दर्ज किया गया, जहां तापमान करीब 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
रायपुर में भी उमस और तेज धूप के कारण लोगों का हाल बेहाल था। खासकर दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम देखने को मिल रही थी। ऐसे में शुक्रवार सुबह हुई बारिश ने लोगों को बड़ी राहत दी।
अगले चार दिन तक मौसम रहेगा अस्थिर
मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में अगले चार दिनों तक मौसम अस्थिर बना रहेगा। कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश, तेज अंधड़ और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि कुछ क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक दक्षिणी और मध्य भारत में सक्रिय मौसमी सिस्टम के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि प्रदेश में एक तरफ बारिश हो रही है तो दूसरी तरफ गर्मी भी बनी हुई है।
17 मई से फिर बढ़ेगा तापमान
मौसम विभाग ने साफ किया है कि बारिश के कारण मिली राहत अस्थायी है। 17 मई से प्रदेश के मध्य हिस्सों में फिर गर्मी का असर तेज होने लगेगा। अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है।
रायपुर और दुर्ग संभाग के कई जिलों में हीटवेव अलर्ट जारी किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के बाद उमस बढ़ने से लोगों को ज्यादा परेशानी हो सकती है। दोपहर के समय गर्म हवाओं का असर फिर दिखाई देगा।
किसानों की बढ़ी चिंता
मौसम के लगातार बदलते मिजाज ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। कई किसान इस समय खेती और फसल से जुड़े कार्यों में जुटे हुए हैं। अचानक बारिश और तेज हवाओं के कारण खेतों में नुकसान की आशंका बढ़ गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में तेज आंधी के चलते कुछ जगहों पर बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। किसानों का कहना है कि यदि मौसम इसी तरह बदलता रहा तो खेती के कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
मौसम विभाग ने जारी की एडवाइजरी
मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक तेज धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। इसके अलावा पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के और सूती कपड़े पहनने तथा धूप से बचाव करने को कहा गया है।
बिजली कड़कने और तेज आंधी के दौरान खुले स्थानों पर खड़े न रहने और पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेने की सलाह भी जारी की गई है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
बदलते मौसम ने बढ़ाई चिंता
छत्तीसगढ़ में इस बार मई महीने में मौसम लगातार बदल रहा है। कभी तेज गर्मी तो कभी अचानक बारिश और आंधी ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसे उतार-चढ़ाव तेजी से देखने को मिल रहे हैं।
फिलहाल लोगों को बारिश से राहत जरूर मिली है, लेकिन आने वाले दिनों में फिर बढ़ती गर्मी और हीटवेव की आशंका ने चिंता बढ़ा दी है। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v





