CG Rain Alert: छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय बना हुआ है और प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने 13 सितंबर को प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। वहीं एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है। अगले दो दिनों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं। पिछले 24 घंटे के दौरान अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि बस्तर, रायपुर और दुर्ग संभाग में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई। बस्तर और दुर्ग संभाग में एक-दो स्थानों पर बहुत भारी बारिश भी दर्ज की गई।
लगातार हो रही बारिश का असर प्रदेश के जलाशयों पर भी दिखाई दे रहा है। जलाशयों में पानी की आवक लगातार बनी हुई है और कई बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। शनिवार शाम की स्थिति के अनुसार धमतरी जिले के गंगरेल बांध के 6 गेट खोलकर महानदी में 33 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। कैचमेंट एरिया से भी लगातार पानी की आवक बनी हुई है। इससे महानदी में पानी का प्रवाह बढ़ा हुआ है।
गंगरेल बांध में हाल के दिनों में पानी की आवक तेजी से बढ़ी है। 11 सितंबर की आधी रात को बांध के 9 गेट खोलकर रिकॉर्ड 53 हजार क्यूसेक पानी महानदी में छोड़ा गया था। इसके बाद शनिवार शाम को 6 गेट खोलकर 33 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। जल संसाधन विभाग के अनुसार कैचमेंट क्षेत्र से लगभग इतनी ही मात्रा में पानी की आवक बनी हुई थी।
बारिश और जलाशयों से छोड़े जा रहे पानी का असर नदी क्षेत्रों में भी दिखाई दे रहा है। धमतरी जिले में महानदी उफान पर है। वहीं राजिम स्थित त्रिवेणी संगम में भी पानी का स्तर बढ़ने से उफान की स्थिति बनी हुई है। कोपरा एनीकट के पास एक युवक के बह जाने की जानकारी भी सामने आई है।
प्रदेश में मानसून को आए 82 दिन हो चुके हैं। 23 जून को दंतेवाड़ा के रास्ते छत्तीसगढ़ में प्रवेश करने के बाद से अब तक अच्छी बारिश दर्ज की गई है। 12 सितंबर तक प्रदेश में कुल 1001 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। इस अवधि में सामान्य औसत बारिश 1041.1 मिलीमीटर मानी गई है। इस तरह प्रदेश में अब तक हुई बारिश सामान्य औसत से करीब 4 प्रतिशत कम है।
लगातार बारिश के कारण प्रदेश के प्रमुख और मध्यम जलाशयों में भी जलभराव बढ़ा है। प्रदेश के 46 प्रमुख और मध्यम जलाशयों में औसत जलभराव 91.10 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इनमें 7 जलाशय पूरी तरह भर चुके हैं, जबकि 18 अन्य जलाशयों में 90 प्रतिशत से अधिक पानी पहुंच चुका है। धमतरी के रविशंकर सागर सहित कई जलाशयों में जलस्तर बढ़ने के कारण गेट खोलकर पानी की निकासी करनी पड़ी है।
राजधानी रायपुर में भी शनिवार को बारिश दर्ज की गई। यहां अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.2 डिग्री सेल्सियस कम है। न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.2 डिग्री सेल्सियस कम रहा। शनिवार सुबह 8:30 बजे तक रायपुर में 12 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि शाम 5:30 बजे तक 4.4 मिलीमीटर अतिरिक्त बारिश हुई। इस तरह दिन के दौरान कुल 16.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार रविवार को भी रायपुर में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। प्रदेश में शनिवार को सबसे अधिक अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस रायपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस पेण्ड्रारोड में दर्ज हुआ।
मौसम विभाग के अलर्ट और लगातार बारिश के बीच प्रदेश के नदी-नालों तथा जलाशयों में बढ़ते जलस्तर पर भी नजर बनी हुई है। बस्तर और दुर्ग संभाग में भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति के साथ बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए बारिश के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है। वहीं जलाशयों में लगातार पानी की आवक के कारण बांधों से पानी छोड़े जाने का सिलसिला भी जारी है।
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