Ambikapur News: अंबिकापुर के पटपरिया इलाके में बीए प्रथम वर्ष की 19 वर्षीय छात्रा अंतरा शाह की फांसी लगाने से मौत हो गई। छात्रा अपने जीजा के घर रहकर पीजी कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी। घटना गांधीनगर थाना क्षेत्र की है। छात्रा के परिजनों ने इस मामले में NSUI से जुड़े एक छात्र नेता पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि छात्रा की सहेलियों से मिली जानकारी के मुताबिक संबंधित छात्र नेता के पास छात्रा की कुछ चैट और वीडियो थे और इन्हें परिजनों को दिखाने की धमकी दिए जाने की बात सामने आई थी। हालांकि इन आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
घटना के संबंध में छात्रा के जीजा नीलेश कुमार गुप्ता ने बताया कि रात के समय अंतरा बिस्तर पर मौजूद नहीं थी। वह बाथरूम जाने की बात कहकर बाहर गई थी। काफी देर तक वापस नहीं आने पर नीलेश ने अपनी पत्नी को उसे देखने के लिए भेजा। इसके बाद पत्नी ने बाथरूम की खिड़की से अंदर झांका तो अंतरा का शव फांसी पर लटका हुआ दिखाई दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार में हड़कंप मच गया।
परिवार के मुताबिक अंतरा करीब छह महीने पहले ही अंबिकापुर आई थी। उसने पीजी कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया था और पढ़ाई के लिए अपने जीजा के घर रह रही थी। परिजनों के अनुसार घटना से पहले तक अंतरा सामान्य नजर आ रही थी। नीलेश गुप्ता ने बताया कि घटना से पहले वह हंसकर बातचीत कर रही थी और परिवार को उसके व्यवहार में किसी तरह की असामान्य स्थिति नजर नहीं आई थी।
छात्रा की मौत के बाद परिवार ने NSUI से जुड़े छात्र नेता ज्ञान तिवारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नीलेश गुप्ता के अनुसार अंतरा की कुछ सहेलियों ने उन्हें ज्ञान तिवारी के बारे में जानकारी दी। सहेलियों के हवाले से परिवार का कहना है कि छात्र नेता के पास अंतरा की कुछ चैट और वीडियो मौजूद थे। आरोप है कि इन्हें उसके परिजनों को दिखाने की धमकी देकर छात्रा पर दबाव बनाया जा रहा था।
परिवार का कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी छात्रा की मौत के बाद उसकी सहेलियों से मिली। इसी आधार पर परिजन आशंका जता रहे हैं कि घटना से पहले छात्रा के साथ ऐसी कोई परिस्थिति बनी हो सकती है, जिससे वह मानसिक दबाव में आई हो। हालांकि ब्लैकमेलिंग, वीडियो और चैट से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और इनकी वास्तविकता जांच के बाद ही सामने आएगी।
परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि छात्रा की मौत के पीछे वास्तविक कारण सामने आना चाहिए और यदि किसी व्यक्ति द्वारा उसे धमकाने या ब्लैकमेल करने की बात जांच में सही पाई जाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
मामले की जानकारी पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव को भी दी गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। परिवार की ओर से भी जांच के माध्यम से घटना की पूरी परिस्थितियों को सामने लाने की मांग की गई है।
घटना के बाद छात्रा के परिवार और परिचितों में शोक का माहौल है। छात्रा की अचानक मौत को लेकर कई सवाल सामने आए हैं। परिवार द्वारा लगाए गए ब्लैकमेलिंग के आरोपों के साथ-साथ छात्रा की सहेलियों से मिली कथित जानकारी भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्रा की मौत के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
फिलहाल मामले में छात्रा की मौत की परिस्थितियों और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों को लेकर जांच की जरूरत है। परिजनों ने पुलिस से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्षता से जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की है।
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