CG News: दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना ने भरी रफ्तार, 58 वैगन मालगाड़ी का सफल ट्रायल

CG News: भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाने वाली दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना ने एक बड़ा मील का पत्थर पार कर लिया है। बुधवार को रावघाट रेलखंड पर 58 वैगन वाली मालगाड़ी का तकनीकी ट्रायल सफलतापूर्वक किया गया। नियंत्रित गति और सीमित भार के साथ हुए इस परीक्षण को परियोजना के अंतिम चरण की दिशा में अहम उपलब्धि माना जा रहा है। ट्रायल के सफल रहने के बाद क्षेत्र में जल्द यात्री ट्रेन सेवा शुरू होने की उम्मीद भी मजबूत हो गई है।

58 वैगन मालगाड़ी से शुरू हुआ तकनीकी परीक्षण

रेलवे और परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार रावघाट रेलखंड पर तकनीकी ट्रायल के तहत 58 वैगन वाली मालगाड़ी चलाई गई। इस परीक्षण का उद्देश्य रेल लाइन की परिचालन क्षमता, संरचनात्मक मजबूती और सुरक्षा मानकों का आकलन करना है।

आने वाले दिनों में अलग-अलग गति और भार के साथ कई चरणों में परीक्षण जारी रहेगा। इन ट्रायल के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि रेलखंड नियमित माल और यात्री संचालन के लिए पूरी तरह सुरक्षित और सक्षम है।

बस्तर को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने वाली परियोजना

करीब 95 किलोमीटर लंबी दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना को भारतीय रेलवे और भिलाई इस्पात संयंत्र के संयुक्त प्रयासों से विकसित किया जा रहा है। वर्ष 2008 में हुए एमओयू के बाद शुरू हुई यह परियोजना केवल लौह अयस्क परिवहन तक सीमित नहीं है, बल्कि बस्तर अंचल के सामाजिक और आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम भी बन रही है।

नक्सल प्रभावित और दुर्गम क्षेत्रों से गुजरने के कारण इस परियोजना को पूरा करना चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन वर्षों की मेहनत के बाद अब यह अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

3800 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश

परियोजना के तहत सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा रेल लाइन निर्माण पर लगभग 1800 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। वहीं रावघाट परियोजना के समग्र विकास पर करीब 2000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है।

इस निवेश का मुख्य उद्देश्य रावघाट खदानों से लौह अयस्क की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना और क्षेत्रीय विकास को गति देना है।

स्टेशन भवन और यात्री सुविधाओं का काम अंतिम चरण में

अधिकारियों के मुताबिक रेल लाइन निर्माण का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है। वर्तमान में रावघाट स्टेशन भवन, यात्री सुविधाएं, सिग्नलिंग और दूरसंचार प्रणाली से जुड़े कार्यों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

संभावना है कि जुलाई 2026 के अंत तक स्टेशन परिसर के शेष निर्माण कार्य भी पूरे हो जाएंगे। इसके बाद कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) द्वारा निरीक्षण और सुरक्षा स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू होगी।

CRS की मंजूरी के बाद शुरू होगा यात्री ट्रेन संचालन

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी परीक्षणों के सफल समापन और सीआरएस की स्वीकृति मिलने के बाद इस रेलखंड पर यात्री ट्रेन संचालन का रास्ता साफ हो जाएगा।

बस्तर क्षेत्र के लोग लंबे समय से रावघाट तक यात्री ट्रेन सेवा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। नई रेल सेवा शुरू होने के बाद क्षेत्र के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी।

शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

वर्ष 2022 में दल्लीराजहरा से तरोकी तक यात्री ट्रेन सेवा शुरू होने के बाद क्षेत्र के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार के क्षेत्र में बेहतर अवसर मिले हैं।

रावघाट तक रेल संपर्क स्थापित होने के बाद यह लाभ और व्यापक होगा। बस्तर के दूरस्थ गांवों की पहुंच राज्य और देश के प्रमुख शहरों तक आसान हो जाएगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई रफ्तार

विशेषज्ञों का मानना है कि दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना केवल एक रेलवे लाइन नहीं, बल्कि बस्तर के विकास का नया द्वार साबित होगी। इससे खनिज परिवहन, उद्योग, पर्यटन और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर भी पैदा होंगे।

दल्लीराजहरा-रावघाट रेलखंड पर सफल तकनीकी ट्रायल ने यह संकेत दे दिया है कि लंबे इंतजार के बाद अब बस्तर को जल्द ही नई रेल सुविधा की सौगात मिलने वाली है। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v