CG Breaking News: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां खेलते-खेलते बच्चों की एक छोटी सी गलती एक परिवार के लिए जिंदगी भर का दुख बन गई। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के ग्राम ब्रह्मपुर में पुरानी मोबाइल बैटरी के विस्फोट से एक वर्षीय मासूम की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति साबित हुआ है, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक कचरे और पुरानी बैटरियों के प्रति लापरवाही के खतरों को भी उजागर करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बैटरियां अत्यधिक संवेदनशील होती हैं और गर्मी या आग के संपर्क में आने पर विस्फोट कर सकती हैं।
घर के बाहर खेल रहे थे बच्चे, तभी मिली पुरानी बैटरी
जानकारी के अनुसार ग्राम ब्रह्मपुर निवासी महेंद्र सिंह नेताम मजदूरी का कार्य करते हैं। रविवार सुबह वे ट्रैक्टर लेकर काम पर निकल गए थे। घर पर उनकी पत्नी और पांच बच्चे मौजूद थे। मृतक आदित्य सिंह नेताम परिवार की पांच संतानों में सबसे छोटा था और उसकी उम्र महज एक वर्ष थी।
रविवार शाम करीब पांच बजे आदित्य अन्य बच्चों के साथ घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान बच्चों को कहीं पड़ी एक पुरानी मोबाइल बैटरी मिल गई। मासूम बच्चों को इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह बैटरी कितनी खतरनाक साबित हो सकती है।
बताया जा रहा है कि घर के पास कूड़ा जलाया गया था। खेल-खेल में बच्चों ने मोबाइल की पुरानी बैटरी उठाकर जलती आग में फेंक दी। कुछ ही क्षणों बाद तेज धमाके के साथ बैटरी फट गई।
धमाके की चपेट में आया मासूम आदित्य
घटना के समय एक वर्षीय आदित्य बैटरी के काफी करीब खड़ा था। बैटरी फटने से निकली गर्म धातु, रासायनिक पदार्थ और आग की लपटें सीधे उसके शरीर पर आ गिरीं।
विस्फोट इतना तेज था कि आदित्य का चेहरा, सीना, पेट और हाथ गंभीर रूप से झुलस गए। धमाके की आवाज सुनते ही आसपास खेल रहे अन्य बच्चे घबरा गए और वहां से भाग निकले।
कुछ ही देर बाद पानी भरकर लौट रही मां ने बच्चे की चीख-पुकार सुनी और मौके पर पहुंची। वहां का दृश्य देखकर वह स्तब्ध रह गई। मासूम गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा हुआ था।
परिवार ने बचाने की पूरी कोशिश की
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन तुरंत बच्चे को लेकर प्रेमनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर कर दिया।
अगले दिन परिजन बच्चे को लेकर अंबिकापुर पहुंचे, जहां डॉक्टरों की टीम ने उसका इलाज शुरू किया। हालांकि शरीर का बड़ा हिस्सा झुलस जाने के कारण उसकी स्थिति लगातार नाजुक बनी रही।
चिकित्सकों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन मंगलवार तड़के करीब चार बजे उपचार के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया।
परिवार का सबसे छोटा सदस्य था आदित्य
परिजनों के अनुसार आदित्य परिवार का सबसे छोटा और सबसे दुलारा सदस्य था। उसकी मौत के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में भी शोक का माहौल है और हर कोई इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध है।
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए परिवार बच्चे के पार्थिव शरीर को गांव लेकर लौटा।
मोबाइल बैटरियां क्यों होती हैं खतरनाक?
विशेषज्ञों के अनुसार मोबाइल फोन में उपयोग होने वाली लिथियम-आयन बैटरियां अत्यधिक ज्वलनशील होती हैं। यदि इन्हें आग में डाला जाए, दबाया जाए, छेड़ा जाए या अत्यधिक गर्मी के संपर्क में लाया जाए तो इनमें विस्फोट हो सकता है।
पुरानी और खराब हो चुकी बैटरियां और भी ज्यादा खतरनाक होती हैं, क्योंकि उनकी सुरक्षा परत कमजोर हो जाती है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
सावधानी ही बचाव
विशेषज्ञों का कहना है कि घरों में पड़ी पुरानी मोबाइल बैटरियों, पावर बैंक और अन्य इलेक्ट्रॉनिक कचरे को बच्चों की पहुंच से दूर रखना चाहिए। साथ ही खराब बैटरियों को आग, धूप या गर्म स्थानों से दूर रखना जरूरी है।
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