CG News: गणेश उत्सव से पहले पुलिस अलर्ट, पंडालों से विसर्जन तक लागू होंगे सख्त नियम

CG News: गणेश उत्सव शुरू होने से पहले दुर्ग पुलिस ने जिले में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। पुलिस ने 50 से अधिक बड़ी और मध्यम गणेश पंडाल समितियों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर आयोजन से लेकर विसर्जन तक के नियम समझाए। पंडालों की रात में निगरानी, सीसीटीवी, पार्किंग, बिजली और अग्नि सुरक्षा के साथ महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। विसर्जन झांकी के लिए भी पुलिस ने स्पष्ट नियम तय किए हैं, जिसके तहत एक झांकी में अधिकतम तीन वाहन ही ले जाने की अनुमति होगी। नियमों का उल्लंघन करने वाली समितियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

पंडाल रात में नहीं छोड़ा जाएगा खाली

पुलिस ने गणेश पंडालों की सुरक्षा को लेकर समितियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। रात के समय पंडाल को पूरी तरह खाली नहीं छोड़ा जाएगा। समिति के कम से कम दो सदस्य रात में पंडाल में मौजूद रहेंगे।

इसके साथ ही पंडाल और आसपास के ऐसे स्थान, जहां श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक रहती है, वहां निगरानी के लिए कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस का मानना है कि सीसीटीवी से किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने के साथ घटना होने की स्थिति में जांच में भी मदद मिलेगी।

समितियों को पर्याप्त संख्या में महिला और पुरुष स्वयंसेवक तैनात करने के लिए कहा गया है।

महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष जोर

गणेश उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे पंडालों में पहुंचते हैं। इसे देखते हुए पुलिस ने समितियों को जरूरत के अनुसार महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग प्रवेश और निकास की व्यवस्था करने को कहा है।

पंडाल परिसर में भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए स्वयंसेवकों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति में पुलिस और प्रशासन से तत्काल संपर्क करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा गया है।

सड़क घेरकर पंडाल पर कार्रवाई

पुलिस ने समितियों को स्पष्ट किया है कि पंडाल या पार्किंग के नाम पर सार्वजनिक सड़क अथवा लोगों के आने-जाने का रास्ता बाधित नहीं किया जा सकता। पंडाल लगाने से पहले यातायात और पार्किंग व्यवस्था का ध्यान रखना होगा।

समितियों को पहले से पार्किंग स्थल निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं। बिना अनुमति पार्किंग के नाम पर शुल्क वसूलने की शिकायत मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इसका उद्देश्य उत्सव के दौरान मुख्य सड़कों पर जाम और आपातकालीन वाहनों की आवाजाही में बाधा को रोकना है।

आग और बिजली सुरक्षा जरूरी

गणेश पंडालों में बिजली की सजावट और अन्य विद्युत उपकरणों के इस्तेमाल को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी जोर दिया है। समितियों को पंडाल में बिजली और आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम रखने होंगे।

पंडाल में आग बुझाने के उपकरण के साथ रेत और पानी की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। झूले, मनोरंजन के अन्य साधन या झांकी में मशीनों का इस्तेमाल करने वाली समितियों को संबंधित विभाग से आवश्यक सुरक्षा प्रमाण पत्र लेने होंगे।

पुलिस को भी इन प्रमाण पत्रों की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

रात 10 बजे बाद लाउडस्पीकर बंद

गणेश उत्सव के दौरान ध्वनि प्रदूषण को लेकर भी पुलिस ने नियमों का पालन करने की हिदायत दी है। रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति नहीं होगी।

तय सीमा से अधिक आवाज में लाउडस्पीकर या अन्य ध्वनि उपकरण चलाए जाने पर पुलिस कार्रवाई कर सकती है। नियमों का उल्लंघन करने पर उपकरण जब्त किए जाने की भी चेतावनी दी गई है।

पुलिस ने समितियों से अपील की है कि धार्मिक आयोजन के दौरान निर्धारित ध्वनि सीमा और समय का पालन किया जाए।

नशे और जबरन चंदे पर रोक

गणेश पंडाल और विसर्जन झांकी में नशे का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। पुलिस ने समितियों को आयोजन के दौरान इस पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।

इसके अलावा जबरन चंदा वसूली को लेकर भी पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है। किसी व्यक्ति या समिति के खिलाफ जबरन चंदा वसूली की शिकायत मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

पुलिस का उद्देश्य धार्मिक आयोजन के दौरान किसी तरह के विवाद या कानून-व्यवस्था की स्थिति को रोकना है।

विसर्जन झांकी में तीन वाहन

गणेश प्रतिमा के विसर्जन के दौरान निकलने वाली झांकी को लेकर भी पुलिस ने नियम तय किए हैं। एक झांकी में अधिकतम तीन वाहन ही ले जाने की अनुमति होगी।

इन वाहनों में गणेश प्रतिमा, झांकी और बिजली अथवा डीजे से संबंधित वाहन शामिल किए जा सकेंगे। समितियों को पुलिस द्वारा निर्धारित मार्ग से ही विसर्जन झांकी निकालनी होगी। निर्धारित मार्ग से हटकर दूसरे रास्ते से जाने की अनुमति नहीं होगी।

इस व्यवस्था का उद्देश्य विसर्जन के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखना और भीड़ को नियंत्रित करना है।

15 फीट से ज्यादा नहीं होगी झांकी

विसर्जन झांकी की ऊंचाई को लेकर भी पुलिस ने सीमा तय की है। झांकी की ऊंचाई 15 फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए।

प्रत्येक झांकी में कम से कम आठ स्वयंसेवकों की मौजूदगी अनिवार्य होगी। समितियों को इन स्वयंसेवकों की सूची पहले से पुलिस को उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।

स्वयंसेवकों की जिम्मेदारी भीड़ को नियंत्रित करने और झांकी के दौरान व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण होगी।

हथियारनुमा सामान पर भी रोक

विसर्जन झांकी के दौरान तलवार, भाला, डंडा या किसी अन्य हथियार को रखने की अनुमति नहीं होगी। पुलिस ने नकली तलवार जैसे सामान के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई है।

झांकी और कार्यक्रम में केवल धार्मिक गीत बजाने की अनुमति होगी। पुलिस ने समितियों से कहा है कि आयोजन को शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से संचालित किया जाए।

पुलिस की नजर में रहेगा पूरा आयोजन

गणेश उत्सव के दौरान पंडालों से लेकर विसर्जन मार्ग तक पुलिस की निगरानी रहेगी। समितियों के साथ बैठक कर नियम पहले से स्पष्ट करने का उद्देश्य यही है कि आयोजन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था की स्थिति न बने।

पुलिस ने समितियों से भी सहयोग की अपील की है। सुरक्षा, यातायात, अग्निशमन, ध्वनि सीमा और विसर्जन के नियमों का पालन होने से श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल मिल सकेगा। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v