Bilaspur Danga Update: बिलासपुर में सोशल मीडिया पर गौ-माता को लेकर की गई कथित टिप्पणी के बाद शुरू हुआ विवाद शुक्रवार रात हिंसक झड़प और पथराव में बदल गया। पुलिस के मुताबिक, मामले की पृष्ठभूमि में करीब 8 महीने पुरानी रंजिश भी सामने आई है, जिसमें हिंदू संगठन से जुड़े एक युवक की मौत के बाद एक युवक की गिरफ्तारी हुई थी। शुक्रवार रात दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ने के बाद खपरगंज, तेलीपारा रोड और 24 खोली इलाके में पथराव, तोड़फोड़ और हंगामे की स्थिति बनी। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ दंगे का केस दर्ज किया है और 50 से अधिक लोगों को नामजद किया गया है। घटना में टीआई समेत 9 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिसके बाद इलाके में धारा 144 लागू कर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुरानी रंजिश से फिर बढ़ा तनाव
पुलिस और स्थानीय जानकारी के अनुसार, मौजूदा विवाद के पीछे करीब 8 महीने पुरानी घटना की पृष्ठभूमि भी सामने आई है। मुंगेली के बामपारा निवासी 19 वर्षीय नरेश साहू सरकंडा के चिंगराजपारा स्थित गणेश चौक में रहता था और निजी नौकरी करता था। वह हिंदू संगठन से भी जुड़ा हुआ था।
बताया गया कि नरेश का सोहेल खान और उसके एक साथी से विवाद हुआ था। आरोप था कि रास्ते में रोककर उसके साथ गाली-गलौज की गई और धमकी दी गई। नरेश ने इस मामले की शिकायत पुलिस से भी की थी।
बाद में नरेश अपने घर मुंगेली चला गया, जहां उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद हिंदू संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शन किया गया था और पुलिस ने सोहेल खान के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। इसी घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच रंजिश होने की बात अब सामने आ रही है।
सोशल मीडिया कमेंट से विवाद भड़का
मौजूदा विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर सड़कों पर घूमने वाले आवारा मवेशियों और गौ-माता को लेकर की गई कथित टिप्पणी से बताई जा रही है। टिप्पणी को लेकर हिंदूवादी संगठनों से जुड़े लोगों ने आपत्ति जताई।
विरोध के दौरान दोनों पक्षों के लोगों के आमने-सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया। एक पक्ष का आरोप है कि टिप्पणी का विरोध करने पर दूसरे पक्ष के लोगों ने लाठी से हमला किया। वहीं दूसरे पक्ष की ओर से इसे व्यक्तिगत पुरानी रंजिश का मामला बताया गया।
पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ विवाद बाद में दो गुटों की आपसी तनातनी में बदल गया। पुलिस अब सोशल मीडिया पोस्ट और घटना से जुड़े अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
पथराव और तोड़फोड़ से मचा हड़कंप
शुक्रवार रात विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। इसके बाद पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं। खपरगंज से लेकर तेलीपारा रोड तक कई जगह हंगामे की स्थिति बनी।
सड़क पर खड़ी गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए। 12 से अधिक बाइक और स्कूटी में तोड़फोड़ किए जाने की जानकारी सामने आई है। 24 खोली इलाके में कुछ घरों पर भी पथराव हुआ और खिड़कियों के शीशे टूटे।
एक दुकान में आग लगाने की कोशिश किए जाने की बात भी सामने आई, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में पुलिस बल को मौके पर भेजा गया।
पुलिसकर्मियों पर भी हुआ पथराव
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन भीड़ के उग्र होने के बाद पुलिसकर्मियों को भी पथराव का सामना करना पड़ा। घटना में तारबाहर टीआई समेत 9 पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी दी गई है।
पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इसके बावजूद कुछ समय तक भीड़ को नियंत्रित करने में परेशानी हुई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई और संवेदनशील इलाकों में लगातार पेट्रोलिंग शुरू कराई गई।
दोनों पक्षों पर दंगे का केस
घटना के बाद सिटी कोतवाली थाने में दोनों पक्षों के खिलाफ दंगे समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस की ओर से घायल जवानों की शिकायत पर भी कार्रवाई की गई है।
FIR में 50 से अधिक लोगों को नामजद किया गया है। इसके अलावा कई अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने अभी सभी नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं।
पुलिस टीमों को अलग-अलग इलाकों में भेजकर आरोपियों की तलाश की जा रही है। शनिवार रात तक दोनों पक्षों से 12 से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई थी।
ड्रोन और CCTV से हो रही पहचान
पुलिस अब घटना के दौरान हुई वीडियोग्राफी, CCTV फुटेज और ड्रोन कैमरों की मदद से उपद्रवियों की पहचान कर रही है। मौके पर मौजूद लोगों के वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।
पुलिस का उद्देश्य उन लोगों की पहचान करना है जिन्होंने पथराव, तोड़फोड़ या अन्य हिंसक गतिविधियों में हिस्सा लिया। पहचान होने के बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। प्रवेश और निकास वाले प्रमुख स्थानों पर भी पुलिस बल तैनात किया गया है।
खपरगंज समेत इलाकों में धारा 144
घटना के बाद खपरगंज और आसपास के संवेदनशील इलाकों में धारा 144 लागू कर दी गई है। पुलिस ने लोगों से अनावश्यक रूप से भीड़ नहीं जुटाने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
शनिवार को क्षेत्र में भारी पुलिस बल की मौजूदगी रही। एएसपी और सीएसपी स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में अलग-अलग स्थानों पर पुलिस जवान तैनात किए गए। विशेष शाखा और एलआईबी की टीमें भी स्थिति पर नजर रख रही हैं।
इलाके में दुकानें और बाजार भी सामान्य दिनों की तुलना में कम खुले नजर आए। पुलिस की लगातार गश्त के कारण शनिवार को किसी बड़ी नई घटना की सूचना नहीं मिली।
कलेक्टर-SSP ने संभाला मोर्चा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर और एसएसपी स्तर के अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और पर्याप्त बल तैनात करने के निर्देश दिए।
पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता इलाके में शांति बहाल करने के साथ-साथ घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करना है।
एसएसपी रजनेश सिंह के मुताबिक, विवाद की शुरुआत दो गुटों के युवकों के बीच पुरानी रंजिश से हुई थी और इसे अनावश्यक रूप से सामुदायिक रंग दिया गया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच तनाव के बाद पथराव की स्थिति बनी और पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
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