Vikram-1 Launch: 46 साल बाद 18 जुलाई फिर बना ऐतिहासिक, APJ Abdul Kalam से जुड़ा खास संयोग

Vikram-1 Launch: भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र ने 18 जुलाई 2026 को नया इतिहास रच दिया। Skyroot Aerospace के Vikram-1 Rocket ने सफल ऑर्बिटल मिशन पूरा कर भारत का पहला निजी विकसित रॉकेट बनने का गौरव हासिल किया। इस उपलब्धि को और भी खास बनाता है 46 साल पुराना एक ऐतिहासिक संयोग। 18 जुलाई 1980 को ही भारत के पहले स्वदेशी SLV-3 Launch Vehicle ने Rohini (RS-1) सैटेलाइट को सफलतापूर्वक Low Earth Orbit में स्थापित किया था।

दो अलग-अलग दौर की इन उपलब्धियों को Dr. APJ Abdul Kalam से जुड़ी प्रेरणादायक विरासत एक-दूसरे से जोड़ती है।

46 साल बाद दोहराया गया ऐतिहासिक दिन

18 जुलाई 1980 को भारत ने SLV-3 की पहली सफल उड़ान के साथ वैश्विक अंतरिक्ष शक्तियों की सूची में अपनी जगह बनाई थी। उस मिशन के Project Director Dr. APJ Abdul Kalam थे।

ठीक 46 साल बाद, 18 जुलाई 2026 को Skyroot Aerospace के Vikram-1 ने भारत के निजी स्पेस सेक्टर को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया। यह देश का पहला निजी विकसित रॉकेट है जिसने सफल ऑर्बिटल मिशन पूरा किया।

Vikram-1 में दिखी Abdul Kalam को खास श्रद्धांजलि

Skyroot Aerospace ने इस ऐतिहासिक मिशन में पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक Dr. APJ Abdul Kalam को विशेष श्रद्धांजलि दी।

रॉकेट के पहले तीन Solid Stages के नाम रखे गए हैं—

  • Kalam-1200
  • Kalam-250
  • Kalam-100

इतना ही नहीं, Vikram-1 अपने साथ अंतरिक्ष में Dr. Kalam की सूक्ष्म प्रतिमा (Micro Sculpture) भी लेकर गया। यह प्रतिमा इतनी छोटी बनाई गई कि उसे सुई की नोक (Eye of a Needle) में समाहित किया जा सकता है।

Skyroot CEO ने बताया खास संयोग

Skyroot Aerospace के CEO Pawan Kumar Chandana ने कहा कि Dr. APJ Abdul Kalam देश के हर युवा वैज्ञानिक के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि Vikram-1 के जरिए उनकी विरासत को सम्मान देना कंपनी के लिए गर्व की बात है।

उन्होंने बताया कि 18 जुलाई को Vikram-1 की सफलता और 18 जुलाई 1980 को SLV-3 की पहली सफल उड़ान का एक ही तारीख पर होना बेहद प्रेरणादायक संयोग है।

अब अगले मिशनों की तैयारी शुरू

Skyroot Aerospace ने स्पष्ट किया कि Vikram-1 केवल शुरुआत है। कंपनी पहले ही अपने दूसरे, तीसरे और चौथे रॉकेट के सिस्टम तैयार कर रही है।

CEO पवन कुमार चंदाना के अनुसार भविष्य में बड़े लॉन्च व्हीकल विकसित करने की भी योजना है, जिससे भारत वैश्विक Commercial Space Launch Market में और मजबूत स्थिति हासिल कर सकेगा।

भारत बनेगा बड़ा Space Hub

Skyroot का मानना है कि लगातार सफल लॉन्च भारत को वैश्विक स्पेस इंडस्ट्री में नई पहचान देंगे। कंपनी का लक्ष्य लॉन्च की संख्या बढ़ाना और अंतरिक्ष तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना है।

Vikram-1 की सफलता भारत के निजी अंतरिक्ष उद्योग के लिए मील का पत्थर मानी जा रही है और इससे आने वाले वर्षों में देश के स्पेस इकोसिस्टम को बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

क्या है इस उपलब्धि का महत्व?

Vikram-1 की सफल उड़ान ने साबित कर दिया कि अब भारत का निजी स्पेस सेक्टर भी ऑर्बिटल लॉन्च क्षमता हासिल कर चुका है। 46 साल पहले जिस यात्रा की शुरुआत ISRO ने SLV-3 से की थी, अब उसी विरासत को निजी कंपनियां आगे बढ़ा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत की वैश्विक स्पेस अर्थव्यवस्था में भागीदारी और मजबूत होगी। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v