Pune News: महाराष्ट्र के पुणे जिले के मोशी कचरा डंपिंग यार्ड में हुए भीषण हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है। शनिवार को बचाव दल ने मलबे में दबे सात और लोगों के शव बरामद किए। वहीं, एक व्यक्ति अब भी लापता है, जिसकी तलाश युद्धस्तर पर जारी है। हादसे के बाद से भारतीय सेना, NDRF, दमकल और स्थानीय प्रशासन लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।
बुधवार को हुआ था बड़ा हादसा
यह दुर्घटना बुधवार दोपहर करीब 1:30 बजे हुई, जब पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम (PCMC) के मोशी कचरा डिपो में कचरे का विशाल ढेर अचानक खिसककर वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना के प्रशासनिक भवन पर गिर गया। हादसे के समय भवन और उसके आसपास कुल 23 लोग फंस गए थे।
प्रारंभिक चरण में 5 लोग सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि राहत दल ने पहले दिन 9 लोगों को जीवित बाहर निकाला।
शनिवार को मिले सात और शव
लगातार कई दिनों तक चले ऑपरेशन के बाद शनिवार को बचाव दल भवन के अंदर पहुंच सका, जहां से सात लोगों के शव बरामद किए गए। मृतकों की पहचान अक्षय सावंत (35), सुनील कोरके (40), सनी माने (39), महेश कुंभार (33), नागेश गायकवाड़ (26), रंजीत पाटिल (22) और राहुल गायकवाड़ (35) के रूप में हुई।
सभी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इससे पहले गुरुवार को भवेश वानी को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया था, लेकिन उनकी भी जान नहीं बच सकी।
रेस्क्यू ऑपरेशन में आईं बड़ी चुनौतियां
प्रशासन के अनुसार, इमारत का ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण बचाव कार्य बेहद कठिन रहा। मलबा हटाने के लिए 12 एक्सकेवेटर, जेसीबी मशीनें और डंपर लगाए गए। शुक्रवार रात दो अत्याधुनिक डिमोलिशन एक्सकेवेटर भी मौके पर पहुंचाए गए, जिनकी मदद से खतरनाक कंक्रीट संरचनाओं को नियंत्रित तरीके से हटाया गया।
इसके बाद एनडीआरएफ के तकनीकी मार्गदर्शन में टीम भवन के अंदर प्रवेश कर सकी और शवों को बाहर निकाला गया।
एक व्यक्ति अब भी लापता
अधिकारियों के मुताबिक, एक व्यक्ति अब भी इमारत के पास मौजूद कचरे के बड़े ढेर के नीचे दबा होने की आशंका है। उसकी तलाश के लिए NDRF की डॉग स्क्वॉड, विशेष खोज उपकरण और भारी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अंतिम लापता व्यक्ति के मिलने तक राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी रहेगा।




