Raipur Development: 250 करोड़ की रिडेवलपमेंट योजना को मिली रफ्तार

Raipur Development: छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों में शहरी विकास को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने रायपुर, महासमुंद, राजनांदगांव, कोरबा और जगदलपुर में बड़े पैमाने पर रिडेवलपमेंट परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने इन परियोजनाओं के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। करीब 250 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित यह योजना शहरों की तस्वीर बदलने वाली मानी जा रही है।

जर्जर भवनों और खाली जमीनों का होगा पुनर्विकास

सरकार का उद्देश्य वर्षों से अनुपयोगी पड़ी शासकीय जमीनों और पुराने भवनों का बेहतर उपयोग करना है। रिडेवलपमेंट मॉडल के तहत इन परिसंपत्तियों को आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा, जिससे शहरी सुविधाओं का विस्तार होगा और राज्य को अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होगा।

इस योजना की खास बात यह है कि परियोजनाओं के लिए सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। मौजूदा सरकारी जमीनों के व्यावसायिक और विकासात्मक उपयोग से ही परियोजनाओं को वित्तीय आधार मिलेगा।

रायपुर के शंकर नगर में दिखेगा बड़ा बदलाव

राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित बी.टी.आई. ग्राउंड के सामने की प्रमुख शासकीय भूमि को आधुनिक स्वरूप देने की योजना बनाई गई है। सिंधु भवन के आसपास का क्षेत्र पहले से ही शहर का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।

रिडेवलपमेंट के बाद यहां आधुनिक अधोसंरचना, बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं और सुव्यवस्थित शहरी विकास देखने को मिल सकता है। इससे क्षेत्र की उपयोगिता और आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होने की संभावना है।

पांच शहरों में इन स्थानों पर होगा विकास कार्य

गृह निर्माण मंडल द्वारा तैयार डीपीआर और प्रारंभिक परियोजना रिपोर्ट के अनुसार निम्न क्षेत्रों में कार्य प्रस्तावित हैं—

  • रायपुर: बी.टी.आई. रोड, शंकर नगर
  • महासमुंद: क्लब पारा क्षेत्र
  • राजनांदगांव: कैलाश नगर
  • कोरबा: कटघोरा क्षेत्र
  • जगदलपुर: चांदनी चौक फेज-2

इन सभी क्षेत्रों को आधुनिक शहरी मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।

सरकार का दावा—शहरों की बढ़ेगी कार्यक्षमता

आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि रिडेवलपमेंट नीति शहरों की कार्यक्षमता, सौंदर्य और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

वहीं, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने कहा कि परियोजनाओं को पारदर्शी प्रक्रिया और निर्धारित समयसीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

निजी भागीदारी से मिलेगी गति

सूत्रों के अनुसार परियोजनाओं में निजी डेवलपर्स की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। इससे निर्माण कार्यों में तेजी आएगी और समयबद्ध तरीके से परियोजनाओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के जरिए राज्य की शासकीय संपत्तियों का बेहतर उपयोग संभव होगा।

शहरी विकास को मिलेगा नया आयाम

रिडेवलपमेंट परियोजनाओं के पूरा होने के बाद न केवल शहरों का स्वरूप बदलेगा, बल्कि नागरिक सुविधाओं, रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही, लंबे समय से अनुपयोगी पड़ी सरकारी भूमि को उत्पादक परिसंपत्ति के रूप में विकसित किया जा सकेगा। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v