Bastar News: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता मिली है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 199वीं वाहिनी ने माओवादी विरोधी अभियान के दौरान पीडिया क्षेत्र के हर्रा-अर्रा गांव के घने जंगलों से तीन जिंदा आईईडी (IED) और माओवादियों द्वारा छिपाकर रखा गया दो बड़ा डंप बरामद किया है। बरामद सामग्री में विस्फोटक बनाने के उपकरणों सहित 21 प्रकार के सामान शामिल हैं।
सर्च ऑपरेशन के दौरान मिली बड़ी सफलता
सीआरपीएफ के अनुसार, कमांडेंट आनंद कुमार के निर्देशन और द्वितीय कमान अधिकारी कुमार नीरज की निगरानी में एफ कंपनी के जवानों ने कंपनी कमांडर केबी पांडा के नेतृत्व में क्षेत्र में विशेष सर्चिंग अभियान चलाया। तलाशी के दौरान जवानों को जंगल में जमीन के भीतर छिपाकर रखा गया माओवादी डंप मिला।
सुरक्षाबलों ने क्षेत्र की घेराबंदी कर सावधानीपूर्वक जांच की, जहां से तीन जिंदा आईईडी भी बरामद किए गए। विस्फोटकों को बाद में सुरक्षा मानकों के तहत निष्क्रिय कर दिया गया।
बारूद, जिलेटिन और डेटोनेटर सहित 21 प्रकार की सामग्री जब्त
बरामद डंप में भारी मात्रा में गन पाउडर, जिलेटिन रॉड, कमर्शियल डेटोनेटर, बैटरियां, बिजली के तार और अन्य विस्फोटक सामग्री मिली है। इसके अलावा प्राथमिक उपचार में उपयोग होने वाली दवाइयां और दैनिक उपयोग का सामान भी जब्त किया गया है।
प्रारंभिक जांच में सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन सामग्रियों का इस्तेमाल भविष्य में सुरक्षाबलों को निशाना बनाने और बड़ी नक्सली घटनाओं को अंजाम देने के लिए किया जाना था।
माओवादी प्रभाव लगातार हो रहा कमजोर
हर्रा-अर्रा क्षेत्र कभी माओवादी गतिविधियों का मजबूत आधार माना जाता था। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा कैंपों की स्थापना और लगातार चलाए जा रहे अभियानों के कारण इस इलाके में नक्सलियों की पकड़ कमजोर हुई है। सुरक्षा बलों की बढ़ती मौजूदगी से स्थानीय ग्रामीणों में भी विश्वास बढ़ा है।
अभियान जारी रहेगा
सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में माओवादी नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए सर्च ऑपरेशन लगातार जारी रहेंगे। हालिया बरामदगी को नक्सल विरोधी अभियान की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v




