Bhilai News: छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सेवा दल के दो पदाधिकारियों के बीच चल रहा आपसी विवाद अब गंभीर राजनीतिक और कानूनी मोड़ ले चुका है। भिलाई में कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश सचिव राजेश गुप्ता और जिला महासचिव अनिल सिंह के बीच शुरू हुआ व्यक्तिगत विवाद अब कथित तौर पर महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े आरोपों तक पहुंच गया है। मामले में शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) तक पहुंचने के बाद पुलिस और कांग्रेस संगठन दोनों सक्रिय हो गए हैं।
आपसी मतभेद से शुरू हुआ विवाद
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से अच्छे संबंध थे, लेकिन समय के साथ व्यक्तिगत मतभेद बढ़ते गए। बताया जा रहा है कि बैठकों और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर शुरू हुआ मनमुटाव धीरे-धीरे सार्वजनिक विवाद में बदल गया।
विवाद उस समय और बढ़ गया जब सुपेला क्षेत्र के एक कॉफी हाउस और बाद में एक रेस्टोरेंट में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और कथित मारपीट की घटना सामने आई। घटना के बाद पुलिस ने संबंधित स्थानों के सीसीटीवी फुटेज भी अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
SSP को सौंपा शिकायत पत्र
मामले ने नया मोड़ तब लिया जब जिला महासचिव अनिल सिंह ने दुर्ग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपकर गंभीर आरोप लगाए। शिकायत में दावा किया गया है कि प्रदेश सचिव राजेश गुप्ता के पुत्र का नाम कथित रूप से महादेव ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़ी गतिविधियों में सामने आया है।
हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है। पुलिस फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
पुलिस कर रही जांच, आरोपों की पुष्टि बाकी
पुलिस अधिकारियों की ओर से अभी तक किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जांच एजेंसियां तकनीकी और वित्तीय पहलुओं की जांच कर रही हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस सभी पक्षों के बयान भी दर्ज कर सकती है।
कांग्रेस संगठन भी सक्रिय
विवाद के सार्वजनिक होने के बाद कांग्रेस संगठन की छवि पर भी सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है। संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने के लिए दोनों पदाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने की तैयारी भी चल रही है।
राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर बढ़ी हलचल
यह मामला फिलहाल आरोप और प्रत्यारोप के स्तर पर है। पुलिस जांच और संगठनात्मक कार्रवाई के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। हालांकि इतना तय है कि कांग्रेस सेवा दल के भीतर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v




