CG NEWS: रावघाट रेल परियोजना के तहत ताड़ोकी तक रेल सेवा विस्तार के बाद अंतागढ़-रायपुर पैसेंजर ट्रेन में यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लेकिन ट्रेन में अतिरिक्त बोगियां नहीं जोड़े जाने से हालात गंभीर होते जा रहे हैं। दल्लीराजहरा और बालोद क्षेत्र के यात्रियों का आरोप है कि उन्हें रोजाना जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।
ट्रेन में पैर रखने तक की जगह नहीं
स्थानीय यात्रियों के अनुसार अंतागढ़ से रायपुर जाने वाली यह एकमात्र प्रमुख पैसेंजर ट्रेन अब शुरुआती स्टेशनों से ही पूरी तरह भरकर आती है। दल्लीराजहरा पहुंचने तक अधिकांश डिब्बों में खड़े होने तक की जगह नहीं बचती।
हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में भी ट्रेन के भीतर भारी भीड़ दिखाई दे रही है। वीडियो में कई यात्री दरवाजों और पायदानों पर खड़े होकर यात्रा करते नजर आ रहे हैं। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
गेट और पायदान पर लटककर यात्रा
यात्रियों का कहना है कि नौकरी, पढ़ाई, इलाज और अन्य जरूरी कामों के लिए उन्हें रोजाना रायपुर और आसपास के शहरों की यात्रा करनी पड़ती है। सीट तो दूर, कई बार डिब्बे के अंदर प्रवेश तक संभव नहीं होता।
ऐसी स्थिति में कई लोग मजबूरी में ट्रेन के दरवाजों, हैंडल और पायदानों पर खड़े होकर सफर करते हैं। यात्रियों का कहना है कि जरा सी चूक या संतुलन बिगड़ने पर बड़ा हादसा हो सकता है।
रूट बढ़ा, लेकिन नहीं बढ़ीं बोगियां
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब ट्रेन सीमित दूरी तक संचालित होती थी, तब इतनी समस्या नहीं थी। लेकिन रूट विस्तार के बाद यात्री संख्या तेजी से बढ़ी है।
यात्रियों का आरोप है कि:
भानुप्रतापपुर, अंतागढ़ और ताड़ोकी तक सेवा विस्तार हुआ
यात्रियों की संख्या बढ़ी
लेकिन ट्रेन की बोगियों की संख्या यथावत बनी रही
इस कारण दल्लीराजहरा और बालोद जैसे स्टेशनों पर चढ़ने वाले यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कई बार सौंपे गए ज्ञापन
स्थानीय व्यापारी संगठनों, नागरिक मंचों और यात्रियों द्वारा रेलवे अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को कई बार ज्ञापन सौंपे जाने की बात कही जा रही है।
मांगों में प्रमुख रूप से शामिल हैं:
अतिरिक्त कोच लगाए जाएं
ट्रेन की क्षमता बढ़ाई जाए
भीड़भाड़ वाले रूट पर विशेष व्यवस्था की जाए
यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
बड़ी दुर्घटना की आशंका
यात्रियों का कहना है कि वर्तमान स्थिति लंबे समय तक जारी रही तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। भीड़ के कारण महिलाओं, बुजुर्गों और छात्रों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
रेलवे से समाधान की उम्मीद
यात्रियों की मांग है कि रेलवे प्रशासन जल्द सर्वे कर इस रूट पर यात्री भार का आकलन करे और अतिरिक्त बोगियां या नई ट्रेन सेवा शुरू करने पर विचार करे। उनका कहना है कि बस्तर और बालोद क्षेत्र के विकास के लिए बेहतर और सुरक्षित रेल सुविधा बेहद जरूरी है।
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