CG NEWS: ₹48 करोड़ का भव्य श्रीयंत्र केंद्र तैयार,पर उद्घाटन को तरस रहा डोंगरगढ़ का सबसे बड़ा पर्यटन प्रोजेक्ट

CG NEWS: डोंगरगढ़ में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रसाद (PRASAD) योजना के तहत लगभग 48 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित भव्य श्रीयंत्र केंद्र पिछले एक वर्ष से पूरी तरह तैयार होने के बावजूद उद्घाटन का इंतजार कर रहा है। निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन भवन का औपचारिक हस्तांतरण अब तक नहीं होने के कारण यह परियोजना आम लोगों के लिए नहीं खुल पाई है। पर्यटन और धार्मिक महत्व के इस अनूठे प्रोजेक्ट को डोंगरगढ़ के पर्यटन विकास की दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। हालांकि तैयार होने के बाद भी इसके उपयोग में नहीं आने से स्थानीय लोगों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों में निराशा है। टीसीआईएल से हैंडओवर नहीं होने से अटका मामला जानकारी के अनुसार, इस परियोजना का निर्माण टेलीकम्युनिकेशंस कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (TCIL) द्वारा किया गया है। भवन तकनीकी रूप से पूरी तरह तैयार है, लेकिन अभी तक इसे राज्य पर्यटन मंडल को औपचारिक रूप से हैंडओवर नहीं किया गया है। इसी वजह से उद्घाटन और संचालन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। प्रधानमंत्री कर सकते हैं लोकार्पण पर्यटन मंडल ने उद्घाटन को लेकर केंद्र सरकार से मार्गदर्शन मांगा था। सूत्रों के अनुसार, इस राष्ट्रीय महत्व की परियोजना का उद्घाटन उच्च स्तर पर किए जाने की संभावना है। इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित लोकार्पण की भी चर्चाएं हैं, हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। श्रीयंत्र की आकृति में बना अनूठा भवन करीब 9.5 एकड़ क्षेत्र में फैला यह केंद्र पूरी तरह श्रीयंत्र की संरचना पर आधारित है। इसकी वास्तुकला इसे देश की विशिष्ट आध्यात्मिक और पर्यटन परियोजनाओं में शामिल करती है। केंद्र में उपलब्ध प्रमुख सुविधाएं अंडरग्राउंड स्तर अत्याधुनिक ऑडिटोरियम बड़े कार्यक्रमों और सांस्कृतिक आयोजनों की सुविधा प्रथम तल विशाल सत्संग हॉल भोजनालय आधुनिक किचन प्रशासनिक ब्लॉक द्वितीय तल मेडिटेशन हॉल विश्राम गृह क्लॉक रूम बाहरी परिसर पगोडा और विश्राम स्थल बायो-टॉयलेट पेयजल व्यवस्था विकसित उद्यान और हरित क्षेत्र पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्र शुरू होने के बाद डोंगरगढ़ में धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी। मां बम्लेश्वरी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह आकर्षण का नया केंद्र बन सकता है, जिससे स्थानीय व्यापार और रोजगार को भी लाभ मिलेगा। अधिकारियों ने क्या कहा पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने बताया कि भवन का औपचारिक हस्तांतरण अभी शेष है। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में उद्घाटन कार्यक्रम की तिथि तय की जाएगी। प्रभाव और महत्व करीब एक साल से तैयार खड़ा यह आध्यात्मिक और पर्यटन केंद्र अब केवल औपचारिक मंजूरी और उद्घाटन का इंतजार कर रहा है। उद्घाटन के बाद यह डोंगरगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान बना सकता है। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v