CG School Condition: नवापारा स्कूल में खतरे के बीच पढ़ाई, जर्जर भवन में जान जोखिम में बच्चे

CG School Condition: गोबरा नवापारा क्षेत्र के ग्राम पंचायत सोनेसिली में स्थित एक सरकारी स्कूल की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। स्कूल का भवन कई सालों से जर्जर हालत में है और अब यह बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गया है। दीवारों और छत से लगातार मलबा गिर रहा है, लेकिन इसके बावजूद यहां छात्र-छात्राएं मजबूरी में पढ़ाई कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बावजूद अब तक न तो भवन की मरम्मत हुई है और न ही नया भवन बनाने की कोई ठोस कार्रवाई की गई है। पुराना भवन गिराया गया, नया अब तक नहीं बना जानकारी के अनुसार, इस प्राथमिक शाला का पुराना भवन वर्ष 2016 में जर्जर होने के कारण तोड़ दिया गया था। लेकिन कई साल बीत जाने के बाद भी नया भवन नहीं बनाया गया है। इसके कारण स्कूल को वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे चलाया जा रहा है। स्कूल में कमरों की कमी के चलते अलग-अलग कक्षाओं को एक ही कमरे में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। इससे पढ़ाई का माहौल प्रभावित हो रहा है और बच्चों को सही ढंग से शिक्षा नहीं मिल पा रही है। एक ही कमरे में कई कक्षाएं, शिक्षा व्यवस्था प्रभावित सरपंच अजय कुमार साहू के अनुसार, पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों को एक ही कमरे में पढ़ाया जाता है। तीसरी और चौथी कक्षा दूसरे कमरे में संचालित होती है, जबकि पांचवीं कक्षा की पढ़ाई प्रधान पाठक के कमरे में कराई जा रही है। इस स्थिति के कारण न केवल बच्चों को परेशानी हो रही है, बल्कि शिक्षकों को भी पढ़ाने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। एक साथ कई कक्षाएं चलने से ध्यान भटकता है और पढ़ाई की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है। मिडिल स्कूल भी जर्जर, छत से गिर रहा मलबा स्थिति सिर्फ प्राथमिक शाला तक सीमित नहीं है। गांव का मिडिल स्कूल भवन भी बेहद खराब स्थिति में पहुंच चुका है। छत से लगातार मलबा गिर रहा है, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। इसके बावजूद बच्चे उसी भवन में बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह लापरवाही किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है। नए सत्र से पहले उठी मांग 15 जून से नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने जा रहा है। ऐसे में अभिभावकों और ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। लोगों ने कहा है कि या तो प्राथमिक शाला के लिए नया भवन जल्द स्वीकृत किया जाए या फिर मिडिल स्कूल भवन की मरम्मत और पुनर्निर्माण का काम तुरंत शुरू किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा दोनों ही खतरे में हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक इस समस्या पर गंभीरता नहीं दिखा रहा है। ग्रामीणों में बढ़ रहा आक्रोश गांव के लोगों का कहना है कि सरकार शिक्षा को प्राथमिकता देने की बात करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। यहां बच्चे रोज खतरे के बीच पढ़ाई करने को मजबूर हैं। लोगों ने प्रशासन से सवाल किया है कि अगर किसी दिन कोई हादसा होता है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई की मांग की है ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शिक्षा मिल सके। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v