CG News: छत्तीसगढ़ में कक्षा 10 में 22% तक ड्रॉपआउट, रिपोर्ट ने सरकार की बढ़ाई चिंता

CG News: छत्तीसगढ़ की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को लेकर सामने आई ताजा रिपोर्ट ने गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। राज्य में कक्षा 10 तक पहुंचते-पहुंचते बड़ी संख्या में छात्र स्कूल छोड़ रहे हैं। यूडीआईएसई (Unified District Information System for Education) के आंकड़ों के अनुसार माध्यमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर 18 से 22 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जिसे शिक्षा व्यवस्था के लिए बड़ा संकेत माना जा रहा है। इस स्थिति ने सरकार और शिक्षा विभाग दोनों को नई रणनीति बनाने के लिए मजबूर कर दिया है। शिक्षा अधिकार और विभिन्न सरकारी योजनाओं के बावजूद राज्य में स्कूल छोड़ने की समस्या पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो पाई है। खासकर कक्षा 8 के बाद से विद्यार्थियों के स्कूल से दूर होने की प्रवृत्ति तेज हो जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार यही वह चरण है जहां छात्रों को सबसे अधिक समर्थन और निगरानी की जरूरत होती है, लेकिन वहीं सबसे ज्यादा गैप दिखाई देता है। माध्यमिक स्तर पर सबसे बड़ी चुनौती आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में प्राथमिक शिक्षा स्तर पर ड्रॉपआउट दर अपेक्षाकृत कम है, लेकिन जैसे-जैसे कक्षाएं आगे बढ़ती हैं स्थिति बिगड़ती जाती है। कक्षा 1 से 5: लगभग 1 से 2 प्रतिशत कक्षा 1 से 8: लगभग 4 से 5 प्रतिशत कक्षा 9 से 10: 18 से 22 प्रतिशत यह स्पष्ट करता है कि सबसे गंभीर स्थिति माध्यमिक शिक्षा स्तर पर है, जहां छात्रों का स्कूल छोड़ना तेजी से बढ़ रहा है। मुख्य सचिव ने जताई गंभीर चिंता हाल ही में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव विकासशील ने इस मुद्दे पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ड्रॉपआउट दर को शून्य के करीब लाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही जिलों में निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने और कमजोर क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया गया। ड्रॉपआउट के पीछे कई सामाजिक-आर्थिक कारण विशेषज्ञों और विभागीय विश्लेषण के अनुसार छात्रों के स्कूल छोड़ने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं। इनमें आर्थिक कठिनाइयां, स्कूलों की दूरी, परिवहन सुविधा की कमी, पारिवारिक जिम्मेदारियां, बाल विवाह और कम उम्र में काम करने की मजबूरी प्रमुख हैं। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में यह समस्या अधिक गंभीर रूप ले लेती है। आदिवासी और दूरस्थ जिलों में स्थिति अधिक चिंताजनक राज्य के कई जिलों में ड्रॉपआउट दर औसत से काफी अधिक दर्ज की गई है। इनमें बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, कोंडागांव और बलरामपुर जैसे जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में भौगोलिक कठिनाइयों के साथ-साथ सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियां भी शिक्षा निरंतरता में बाधा बन रही हैं। 55 लाख से अधिक छात्र शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सरकारी आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में 55 लाख से अधिक विद्यार्थी स्कूली शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या सरकारी स्कूलों की है। ऐसे में ड्रॉपआउट की समस्या सीधे तौर पर राज्य की शिक्षा प्रणाली की गुणवत्ता और प्रभावशीलता पर असर डाल रही है। विशेष अभियान की जरूरत पर जोर शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कक्षा 8 से 10 के बीच छात्रों को रोकने के लिए विशेष और लक्षित अभियान नहीं चलाया गया तो आने वाले वर्षों में बोर्ड परीक्षा परिणाम और नामांकन दोनों प्रभावित हो सकते हैं। विशेषकर बस्तर और सरगुजा संभाग में अतिरिक्त फोकस की आवश्यकता बताई जा रही है। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v