Rajnandgaon News: एल्डरमैन नियुक्ति की हलचल तेज, 8 पदों के लिए दो दर्जन से ज्यादा दावेदार मैदान में

Rajnandgaon News: छत्तीसगढ़ में नगरीय निकायों में एल्डरमैन (नामांकित पार्षद) नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव द्वारा हाल ही में नियुक्तियों के जल्द होने के संकेत दिए जाने के बाद राजनांदगांव सहित प्रदेश के कई नगर निगमों और नगर पालिकाओं में दावेदारों की सक्रियता बढ़ गई है। खासकर राजनांदगांव नगर निगम के आठ एल्डरमैन पदों के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की उम्मीदें फिर से जाग उठी हैं। नगर निगम चुनाव के बाद से ही इन नियुक्तियों को लेकर चर्चाएं जारी थीं, लेकिन प्रक्रिया में देरी के चलते मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। अब सरकार की ओर से सकारात्मक संकेत मिलने के बाद राजनीतिक गलियारों में फिर से चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। आठ पदों के लिए दावेदारों की लंबी कतार राजनांदगांव नगर निगम में एल्डरमैन के कुल आठ पदों पर नियुक्तियां होनी हैं। इन पदों के लिए भाजपा के दो दर्जन से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दावेदारी पेश की है। संगठन के भीतर वरिष्ठ नेताओं, सक्रिय कार्यकर्ताओं, सामाजिक प्रतिनिधित्व और संगठनात्मक संतुलन को ध्यान में रखते हुए नामों पर विचार किया गया है। सूत्रों के अनुसार जिला भाजपा कोर कमेटी ने काफी पहले ही चर्चा और सहमति के बाद आठ संभावित नामों की सूची तैयार कर प्रदेश संगठन को भेज दी थी। बताया जा रहा है कि इस सूची में संगठन के पुराने और अनुभवी चेहरों के साथ-साथ युवा नेतृत्व को भी स्थान देने की कोशिश की गई है। राजनीतिक चर्चाओं में जिन नामों की सबसे अधिक चर्चा हो रही है, उनमें रघुवीर वाधवा, नागेश यदु, हर्ष रामटेके, एकता अग्रहरि, भीषम देवांगन, करुणा राजपूत, नरेंद्र हंसा और रामराज यादव प्रमुख बताए जा रहे हैं। हालांकि अंतिम निर्णय प्रदेश संगठन और सरकार स्तर पर ही लिया जाएगा। अन्य निकायों में भी एक साथ हो सकती हैं नियुक्तियां जानकारों का मानना है कि सरकार केवल राजनांदगांव नगर निगम तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जिले के अन्य नगरीय निकायों में भी एक साथ एल्डरमैन नियुक्तियों की घोषणा कर सकती है। इनमें डोंगरगढ़, खैरागढ़, डोंगरगांव, छुरिया, अंबागढ़ चौकी, छुईखदान, गंडई और लाल बहादुर नगर जैसे निकाय शामिल हैं। इसी संभावना को देखते हुए विभिन्न निकायों में भी राजनीतिक सक्रियता बढ़ गई है। कई दावेदार एक बार फिर अपने पक्ष में माहौल बनाने और संगठन के वरिष्ठ नेताओं से संपर्क साधने में जुट गए हैं। प्रभारी मंत्री बदलने के बाद नए समीकरणों की चर्चा एल्डरमैन नियुक्तियों को लेकर एक महत्वपूर्ण राजनीतिक पहलू प्रभारी मंत्री का बदलाव भी माना जा रहा है। जब जिला भाजपा कोर कमेटी ने नामों की सूची तैयार कर प्रदेश संगठन को भेजी थी, उस समय जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा थे। लेकिन पिछले कुछ महीनों में हुए प्रशासनिक और राजनीतिक फेरबदल के बाद शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को राजनांदगांव जिले का नया प्रभारी मंत्री बनाया गया है। ऐसे में राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नई परिस्थितियों में कुछ नामों पर पुनर्विचार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि संगठन के भीतर यह भी माना जा रहा है कि जिला स्तर पर भेजी गई सूची में बड़े बदलाव की संभावना कम है, क्योंकि सूची पहले ही संगठनात्मक सहमति से तैयार की जा चुकी है। प्रदेश मुख्यालय करेगा अंतिम फैसला जिला भाजपा महामंत्री सौरभ कोठारी ने स्पष्ट किया है कि एल्डरमैन नियुक्तियों के लिए प्रस्तावित नामों की सूची पहले ही प्रदेश संगठन को भेजी जा चुकी है। जिला स्तर पर सूची में किसी प्रकार के संशोधन की कोई योजना नहीं है। अंतिम निर्णय और सूची जारी करने का अधिकार प्रदेश मुख्यालय के पास है। उनके इस बयान के बाद यह साफ हो गया है कि अब सभी की नजर रायपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय और राज्य सरकार के अंतिम निर्णय पर टिकी हुई है। राजनीतिक दृष्टि से अहम मानी जा रही नियुक्तियां राजनीतिक जानकारों का मानना है कि एल्डरमैन नियुक्तियां केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं हैं, बल्कि आगामी स्थानीय और विधानसभा राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। इन पदों के माध्यम से संगठन उन कार्यकर्ताओं को अवसर देता है जिन्होंने लंबे समय तक पार्टी के लिए काम किया है लेकिन चुनावी राजनीति में उन्हें प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v