Sushasan Tihar: कांग्रेस नेता और भाजपा विधायक के बीच तीखी नोकझोंक, VIDEO वायरल

Sushasan Tihar: छत्तीसगढ़ सरकार के महत्वाकांक्षी सुशासन तिहार 2026 के तहत आयोजित समाधान शिविरों का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का मौके पर निराकरण करना है, लेकिन बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड में आयोजित एक शिविर उस समय विवादों में घिर गया जब कांग्रेस नेता और भाजपा विधायक के बीच तीखी बहस हो गई। देखते ही देखते माहौल इतना गरमा गया कि कार्यक्रम स्थल पर नारेबाजी शुरू हो गई और दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

गोढ़ी गांव के समाधान शिविर में बढ़ा विवाद

जानकारी के अनुसार बिल्हा विकासखंड के गोढ़ी गांव में सुशासन तिहार के तहत समाधान शिविर आयोजित किया गया था। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे और ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर उनका समाधान करने का दावा किया जा रहा था।

इसी दौरान कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला कार्यक्रम स्थल पहुंचे और ग्रामीणों के साथ चर्चा शुरू की। उन्होंने पेयजल, बिजली, सड़क, कृषि सुविधाओं और अन्य बुनियादी समस्याओं को लेकर अधिकारियों से सवाल किए। साथ ही विभिन्न योजनाओं से जुड़े लंबित आवेदनों और उनके निराकरण की स्थिति पर भी जानकारी मांगी।

ग्रामीणों ने भी खोला समस्याओं का पिटारा

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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कांग्रेस नेता द्वारा मुद्दे उठाए जाने के बाद कई ग्रामीण भी खुलकर अपनी समस्याएं बताने लगे। कुछ लोगों ने पेयजल संकट, सड़क निर्माण, बिजली आपूर्ति और सरकारी योजनाओं में देरी की शिकायतें अधिकारियों के सामने रखीं।

आरोप है कि कई सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। कार्यक्रम स्थल पर बहस शुरू हुई और देखते ही देखते राजनीतिक रंग ले लिया।

समर्थकों के बीच नारेबाजी, माहौल हुआ गरम

विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच नारेबाजी शुरू हो गई। कुछ देर के लिए कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह राजनीतिक हो गया। हालात ऐसे बने कि कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला अपने समर्थकों के साथ शिविर का विरोध करते हुए कार्यक्रम स्थल से बाहर निकल गए।

बाहर निकलते समय उन्होंने सुशासन तिहार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। इस दौरान उनके समर्थकों ने भी नारेबाजी की।

माइक बंद करने का आरोप

घटना के बाद कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला ने गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि जब वे जनता की समस्याओं को उठा रहे थे तब उन्हें बोलने से रोका गया और उनका माइक बंद कर दिया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि समाधान शिविर केवल औपचारिकता बनकर रह गए हैं और वास्तविक समस्याओं के समाधान के बजाय केवल सरकारी उपलब्धियों का प्रदर्शन किया जा रहा है। उनका कहना है कि जनता की आवाज दबाने का प्रयास किया गया।

धरमलाल कौशिक ने दिया जवाब

वहीं भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि समाधान शिविर जनता की समस्याओं के निराकरण के लिए आयोजित किए जा रहे हैं और हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यक्रमों में अनावश्यक व्यवधान पैदा करना उचित नहीं है। सरकार जनता तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और शिकायतों का त्वरित समाधान करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। वीडियो में नेताओं और समर्थकों के बीच बहस और नारेबाजी दिखाई दे रही है। वीडियो वायरल होने के बाद लोग भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी समय में यह मुद्दा स्थानीय राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है, क्योंकि मामला सीधे जनता की समस्याओं और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ा हुआ है।

सुशासन तिहार पर फिर उठे सवाल

गौरतलब है कि प्रदेशभर में चल रहे सुशासन तिहार के दौरान विभिन्न जिलों से लगातार शिकायतों और जनसमस्याओं से जुड़े मामले सामने आते रहे हैं। सरकार जहां इसे जनता तक पहुंचने का प्रभावी माध्यम बता रही है, वहीं विपक्ष कई बार इसकी कार्यप्रणाली और वास्तविक परिणामों पर सवाल उठा चुका है।

गोढ़ी गांव की यह घटना अब सुशासन तिहार की प्रभावशीलता और जमीनी हकीकत को लेकर नई बहस को जन्म देती नजर आ रही है। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v