Crypto Scam Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के कवर्धा और बेमेतरा जिले से एक बड़े क्रिप्टो फ्रॉड का मामला सामने आया है, जिसने ग्रामीण इलाकों में हड़कंप मचा दिया है। कम समय में रकम दोगुनी करने और हर महीने भारी मुनाफे का सपना दिखाकर कथित क्रिप्टो कंपनी ने करोड़ों रुपए की ठगी कर ली। आरोप है कि “बोट ब्रो क्रोस मार्केट माइन” नाम की कंपनी ने गांव-गांव जाकर लोगों को अपने जाल में फंसाया और अब करोड़ों रुपए लेकर गायब होने की तैयारी में है।
मामले में 77 से ज्यादा पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपते हुए कड़ी कार्रवाई और अपनी रकम वापस दिलाने की मांग की है। पीड़ितों का दावा है कि अब तक करीब 2 करोड़ रुपए इस नेटवर्क में फंस चुके हैं, जबकि वास्तविक रकम इससे भी कहीं ज्यादा हो सकती है।
गांवों में मीटिंग कर रचा गया भरोसे का जाल
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का संचालन बेमेतरा जिले के नगर थाना खम्हरिया निवासी चन्द्रेश साहू और उसके सहयोगी विकास दास कोसरे द्वारा किया जा रहा था। आरोप है कि दोनों ने कवर्धा और आसपास के इलाकों के होटलों में बड़े स्तर पर मीटिंग आयोजित कीं।
इन मीटिंग्स में ग्रामीणों को क्रिप्टो करेंसी और ऑनलाइन निवेश के नाम पर ऐसे प्लान दिखाए गए, जिनमें कम समय में रकम दोगुनी होने का दावा किया जाता था। लोगों को बताया गया कि यदि वे निवेश करेंगे तो हर महीने 5 से 6 प्रतिशत तक ब्याज मिलेगा।
यही नहीं, स्कीम को और आकर्षक बनाने के लिए मल्टी लेवल मार्केटिंग यानी चेन सिस्टम अपनाया गया। निवेशकों से कहा गया कि यदि वे अपने परिचितों और रिश्तेदारों को भी इस योजना से जोड़ेंगे तो उन्हें अतिरिक्त कमीशन और ज्यादा मुनाफा मिलेगा।
शुरुआत में दिया मुनाफा, फिर फंसे लोग
पीड़ितों ने बताया कि शुरुआती कुछ महीनों तक कंपनी की ओर से नियमित ब्याज दिया गया, जिससे लोगों का भरोसा और मजबूत हो गया। गांवों में यह चर्चा फैल गई कि कंपनी सचमुच अच्छा रिटर्न दे रही है।
धीरे-धीरे लोगों ने अपनी जमा पूंजी, खेत बेचकर जुटाई रकम और कई मामलों में उधार लेकर भी निवेश करना शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने रिश्तेदारों और दोस्तों को भी इस स्कीम में शामिल कराया।
लेकिन कुछ समय बाद अचानक भुगतान बंद हो गया। अब न तो ब्याज मिल रहा है और न ही मूलधन वापस किया जा रहा है। आरोप है कि कंपनी के कथित लीडर लगातार आज-कल कहकर लोगों को टाल रहे हैं।
रिश्तेदारों के दबाव में टूट रहे पीड़ित
मामले का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि जिन लोगों ने अपने जान-पहचान वालों को इस योजना में जोड़ा था, अब वही लोग उनके ऊपर पैसा लौटाने का दबाव बना रहे हैं।
कई पीड़ितों ने शिकायत में बताया कि वे दोहरी प्रताड़ना झेल रहे हैं। एक तरफ उनकी जिंदगीभर की कमाई डूब चुकी है, दूसरी ओर रिश्तेदार और परिचित उनसे पैसे वापस मांग रहे हैं। कुछ लोगों ने धमकी और पुलिस शिकायत की बात भी कही है।
पीड़ितों का कहना है कि वे मानसिक तनाव और भय के माहौल में जी रहे हैं।
इन लोगों के लाखों रुपए फंसे
लिखित शिकायत में कई लोगों ने अपनी डूबी रकम का उल्लेख किया है। इनमें तरेगांव मैदान निवासी उत्तर कुमार के 12 लाख रुपए, सौखी पटेल के 12 लाख, चिंता पटेल के 5 लाख, संतोष साहू के 8 लाख, योगराज साहू के 8 लाख, गुरुसिंह मरकाम के 7 लाख और कई अन्य लोगों के लाखों रुपए फंसने की बात सामने आई है।
पीड़ितों का कहना है कि यह केवल दर्ज शिकायतों का आंकड़ा है, जबकि वास्तविक संख्या और रकम इससे कहीं अधिक हो सकती है।
पुलिस जांच में जुटी
मामले को लेकर कोतवाली प्रभारी योगेश कश्यप ने बताया कि ऑनलाइन निवेश से जुड़ी शिकायत प्राप्त हुई है। आवेदन में जिन लोगों, कंपनी और नेटवर्क का उल्लेख किया गया है, उनके दस्तावेज और लेन-देन की बारीकी से जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीण इलाकों में बढ़ रहे ऑनलाइन फ्रॉड
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि डिजिटल निवेश और क्रिप्टो के नाम पर ग्रामीण इलाकों में किस तरह लोगों को आसान कमाई का सपना दिखाकर ठगा जा रहा है। इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए चमकदार प्रेजेंटेशन दिखाकर लोगों का भरोसा जीता जाता है और फिर उन्हें बड़े मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपए निवेश करा लिए जाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बिना सरकारी मान्यता और स्पष्ट दस्तावेजों वाली किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले पूरी जांच जरूरी है। खासकर जब कोई कंपनी कम समय में रकम दोगुनी करने या असामान्य ब्याज देने का दावा करे तो सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
अब कार्रवाई का इंतजार
फिलहाल ठगी के शिकार लोग प्रशासन और पुलिस से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं। पीड़ितों की मांग है कि आरोपियों के खिलाफ जल्द सख्त कार्रवाई हो, उनकी रकम वापस दिलाई जाए और इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाए ताकि आगे कोई और इस तरह के जाल में न फंसे। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v





