Vaibhav Suryavanshi: अंडर-19 विश्व कप के फाइनल मुकाबले में भारतीय क्रिकेट को एक ऐसा सितारा मिला है, जिसने उम्र, अनुभव और दबाव—तीनों को पीछे छोड़ते हुए इतिहास रच दिया। महज 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में 80 गेंदों पर 175 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर न सिर्फ रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा दी, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य की एक झलक भी दिखा दी। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जा रहे इस खिताबी मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 9 विकेट पर 411 रन बनाए, जो अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल का अब तक का सर्वोच्च स्कोर है।
फाइनल में ऐतिहासिक पारी, रिकॉर्ड्स की बारिश
वैभव सूर्यवंशी की यह पारी अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी बन गई है। इससे पहले यह रिकॉर्ड 2012 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 111 रन बनाने वाले उन्मुक्त चंद के नाम था। सूर्यवंशी ने 218.75 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 15 छक्के और 15 चौके जड़े और इंग्लिश गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह बिखेर दिया।
उनकी पारी की खास बात यह रही कि शुरुआती 24 गेंदों में वह केवल 24 रन बना सके, लेकिन इसके बाद उन्होंने ऐसा गियर बदला कि अगली 56 गेंदों में 151 रन ठोक दिए। कुल 126 मिनट तक क्रीज पर जमे रहे सूर्यवंशी का विकेट 26वें ओवर में इंग्लैंड के तेज गेंदबाज मैनी लम्सडन ने लिया।
इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने किया सम्मान
जब वैभव सूर्यवंशी पवेलियन लौटे, तो इंग्लैंड के कई खिलाड़ियों ने उनसे हाथ मिलाकर उनकी पारी की सराहना की। फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में इतनी कम उम्र में इस स्तर का आत्मविश्वास और आक्रामकता क्रिकेट जगत के लिए एक दुर्लभ दृश्य रहा।
भारत का विशाल स्कोर, फाइनल में नया कीर्तिमान
सूर्यवंशी की ऐतिहासिक पारी के दम पर भारत ने 50 ओवर में 411/9 का स्कोर खड़ा किया। यह अंडर-19 वर्ल्ड कप इतिहास का पांचवां सबसे बड़ा स्कोर है, लेकिन फाइनल मुकाबलों में यह अब तक का सबसे बड़ा स्कोर बन गया है। इससे पहले 2024 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने भारत के खिलाफ 253/7 बनाए थे।
टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज बने सूर्यवंशी
इस पारी के साथ ही वैभव सूर्यवंशी ने पूरे टूर्नामेंट में 7 पारियों में 439 रन पूरे कर लिए हैं। उनका औसत 62.71 का रहा, जो उन्हें टूर्नामेंट का सबसे सफल बल्लेबाज बनाता है। अफगानिस्तान के फैसल खान उनसे चार रन पीछे रहे।
ऐतिहासिक आंकड़े जो इस पारी को बनाते हैं खास
वैभव सूर्यवंशी की इस पारी ने कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए—
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अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर
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यूथ वनडे इतिहास का नौवां सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर
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अंडर-19 वर्ल्ड कप इतिहास की छठी सबसे बड़ी पारी
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यूथ वनडे की एक पारी में सबसे ज्यादा 15 छक्के
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अंडर-19 वर्ल्ड कप में एक पारी में सर्वाधिक छक्कों का रिकॉर्ड
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55 गेंदों में शतक, जो टूर्नामेंट का दूसरा सबसे तेज शतक है
पहले भी कर चुके हैं कमाल, लगातार बनाते रहे हैं रिकॉर्ड
वैभव सूर्यवंशी कोई नया नाम नहीं हैं। अप्रैल 2025 में उन्होंने आईपीएल में अपने पहले ही गेंद पर छक्का लगाकर वैश्विक सुर्खियां बटोरी थीं। इसके बाद वह पुरुष टी20 क्रिकेट में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले खिलाड़ी बने। राजस्थान रॉयल्स के लिए गुजरात टाइटंस के खिलाफ 35 गेंदों में शतक जड़कर उन्होंने इतिहास रच दिया था।
जुलाई 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ यूथ वनडे में 78 गेंदों पर 143 रन बनाकर उन्होंने उस समय का सबसे तेज शतक लगाया। इसके बाद एशिया कप राइजिंग स्टार्स टी20 में यूएई के खिलाफ 32 गेंदों में शतक जड़ते हुए 144 रन की पारी खेली।
भारतीय क्रिकेट के भविष्य की मजबूत नींव
14 साल की उम्र में इस स्तर की परिपक्वता, तकनीक और आक्रामकता भारतीय क्रिकेट के लिए एक बेहद सकारात्मक संकेत है। वैभव सूर्यवंशी ने यह साबित कर दिया है कि आने वाले वर्षों में वह सिर्फ अंडर-19 स्तर तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि सीनियर क्रिकेट में भी बड़ा नाम बन सकते हैं।
फाइनल अभी जारी है और इंग्लैंड की टीम लक्ष्य का पीछा करने उतरेगी, लेकिन नतीजा चाहे जो भी हो, इस मुकाबले का सबसे चमकता सितारा वैभव सूर्यवंशी ही रहेंगे।
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